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डॉ. राजू बिश्नोई और डॉ. शारदा बिश्नोई ने छोटे शहरों तक पहुँचाई आधुनिक डेंटल सुविधाएँ, 18 साल में खड़ा किया भरोसे का नेटवर्क
Digital Desk
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और अब लोग दाँतों के इलाज को भी केवल दर्द होने पर नहीं, बल्कि नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा मानने लगे हैं। इसके बावजूद राजस्थान के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में उन्नत डेंटल सुविधाएँ अब भी सीमित हैं। इम्प्लांट, लेज़र डेंटिस्ट्री या पूरे मुँह की जाँच के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
इसी समस्या को समझते हुए बिश्नोई डेंटल केयरने पिछले 18 वर्षों में राजस्थान के 12 स्थानों पर आधुनिक डेंटल सेंटर स्थापित किए हैं। संस्थापक डॉ. आर.आर. बिश्नोई (राजू बिश्नोई)और डॉ. शारदा बिश्नोईका लक्ष्य है कि छोटे शहरों के मरीजों को भी महानगरों जैसी तकनीक और विशेषज्ञ उपचार अपने ही शहर में मिल सके।
क्लिनिक की सबसे बड़ी खासियत इसका इन-हाउस स्पेशलिस्ट मॉडलहै। सामान्य इलाज से लेकर डेंटल इम्प्लांट, माइक्रोस्कोपिक रूट कैनाल और लेज़र ट्रीटमेंट तक सभी प्रक्रियाएँ MDS विशेषज्ञों द्वारा यहीं की जाती हैं, मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाता। हर सेंटर में OPG फुल-माउथ एक्स-रे मशीन, डेंटल लेज़र और समर्पित इम्प्लांट सुविधा उपलब्ध है।
मरीज अनुभव: निम्बाहेड़ा के रमेश एस. बताते हैं: “रूट कैनाल से डरता था, लेकिन इलाज बिल्कुल दर्द रहित रहा और जल्दी ठीक हो गया। काश पहले करा लेता।”
तकनीक के क्षेत्र में भी यह नेटवर्क आगे रहा है। यहाँ AI आधारित डेंटल रोबोट मरीज के दाँत स्कैन कर तुरंत डिजिटल रिपोर्ट तैयार करता है, जिससे मरीज अपनी समस्या और उपचार विकल्प स्पष्ट रूप से समझ पाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच बनाने के लिए मोबाइल डेंटल यूनिट्स चलाई जाती हैं। लायंस क्लब, रोटरी क्लब, भारत विकास परिषद और महावीर इंटरनेशनल के सहयोग से स्कूलों, जेलों, पुलिस लाइन और गाँवों में नियमित कैंप लगाए जाते हैं। तंबाकू मुक्ति परामर्श, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और ओरल कैंसर जागरूकता भी इन अभियानों का हिस्सा है।
इलाज की लागत को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक 0% EMI सुविधा भी उपलब्ध कराता है, ताकि मरीज आर्थिक कारणों से उपचार न टालें।
डॉ. आर.आर. बिश्नोई कहते हैं,“हमारी कोशिश है कि इलाज की गुणवत्ता शहर के आधार पर तय न हो। छोटे शहर का मरीज भी वही तकनीक और सम्मान पाए जो महानगर में मिलता है।”
डॉ. शारदा बिश्नोई का कहना है,“अधिकांश गंभीर दंत समस्याएँ जागरूकता की कमी से बढ़ती हैं। सही समय पर जानकारी और जाँच से दर्द और खर्च दोनों बचाए जा सकते हैं।”
10 लाख से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका यह नेटवर्क अब पूरे राजस्थान में विस्तार की तैयारी कर रहा है, जिसका मुख्य फोकस रहेगा, उन्नत तकनीक, जागरूकता और सुलभ डेंटल केयर।
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डॉ. राजू बिश्नोई और डॉ. शारदा बिश्नोई ने छोटे शहरों तक पहुँचाई आधुनिक डेंटल सुविधाएँ, 18 साल में खड़ा किया भरोसे का नेटवर्क
Digital Desk
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और अब लोग दाँतों के इलाज को भी केवल दर्द होने पर नहीं, बल्कि नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा मानने लगे हैं। इसके बावजूद राजस्थान के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में उन्नत डेंटल सुविधाएँ अब भी सीमित हैं। इम्प्लांट, लेज़र डेंटिस्ट्री या पूरे मुँह की जाँच के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
इसी समस्या को समझते हुए बिश्नोई डेंटल केयरने पिछले 18 वर्षों में राजस्थान के 12 स्थानों पर आधुनिक डेंटल सेंटर स्थापित किए हैं। संस्थापक डॉ. आर.आर. बिश्नोई (राजू बिश्नोई)और डॉ. शारदा बिश्नोईका लक्ष्य है कि छोटे शहरों के मरीजों को भी महानगरों जैसी तकनीक और विशेषज्ञ उपचार अपने ही शहर में मिल सके।
क्लिनिक की सबसे बड़ी खासियत इसका इन-हाउस स्पेशलिस्ट मॉडलहै। सामान्य इलाज से लेकर डेंटल इम्प्लांट, माइक्रोस्कोपिक रूट कैनाल और लेज़र ट्रीटमेंट तक सभी प्रक्रियाएँ MDS विशेषज्ञों द्वारा यहीं की जाती हैं, मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाता। हर सेंटर में OPG फुल-माउथ एक्स-रे मशीन, डेंटल लेज़र और समर्पित इम्प्लांट सुविधा उपलब्ध है।
मरीज अनुभव: निम्बाहेड़ा के रमेश एस. बताते हैं: “रूट कैनाल से डरता था, लेकिन इलाज बिल्कुल दर्द रहित रहा और जल्दी ठीक हो गया। काश पहले करा लेता।”
तकनीक के क्षेत्र में भी यह नेटवर्क आगे रहा है। यहाँ AI आधारित डेंटल रोबोट मरीज के दाँत स्कैन कर तुरंत डिजिटल रिपोर्ट तैयार करता है, जिससे मरीज अपनी समस्या और उपचार विकल्प स्पष्ट रूप से समझ पाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच बनाने के लिए मोबाइल डेंटल यूनिट्स चलाई जाती हैं। लायंस क्लब, रोटरी क्लब, भारत विकास परिषद और महावीर इंटरनेशनल के सहयोग से स्कूलों, जेलों, पुलिस लाइन और गाँवों में नियमित कैंप लगाए जाते हैं। तंबाकू मुक्ति परामर्श, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और ओरल कैंसर जागरूकता भी इन अभियानों का हिस्सा है।
इलाज की लागत को ध्यान में रखते हुए क्लिनिक 0% EMI सुविधा भी उपलब्ध कराता है, ताकि मरीज आर्थिक कारणों से उपचार न टालें।
डॉ. आर.आर. बिश्नोई कहते हैं,“हमारी कोशिश है कि इलाज की गुणवत्ता शहर के आधार पर तय न हो। छोटे शहर का मरीज भी वही तकनीक और सम्मान पाए जो महानगर में मिलता है।”
डॉ. शारदा बिश्नोई का कहना है,“अधिकांश गंभीर दंत समस्याएँ जागरूकता की कमी से बढ़ती हैं। सही समय पर जानकारी और जाँच से दर्द और खर्च दोनों बचाए जा सकते हैं।”
10 लाख से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका यह नेटवर्क अब पूरे राजस्थान में विस्तार की तैयारी कर रहा है, जिसका मुख्य फोकस रहेगा, उन्नत तकनीक, जागरूकता और सुलभ डेंटल केयर।
