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परियोजनाओं की गुणवत्ता करें सुनिश्चित, जनहित के लिए बजट की कमी नहीं : सीएम योगी
JAGRAN DESK
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को विभागीय स्तर पर बजट व्यय की समीक्षा का निर्देश दिया है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट आवंटन और व्यय की समीक्षा के दौरान जनहित के विकास कार्यों में तेजी लाने, परियोजनाओं की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित के निर्देश दिए। कहा, जनहित के लिए बजट की कमी नहीं है, परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए चेतावनी दी कि जन महत्व की परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और गड़बड़ी मिली तो अवर अभियंता (जेई) से लेकर मुख्य अभियंता तक की जवाबदेही तय होगी।
यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभाव में परियोजना बाधित न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा हमें हर संभव सहायता मिल रही है। केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त करें। विभागीय मंत्री व अधिकारी भारत सरकार के मंत्रियों व अधिकारियों से संवाद करें। केंद्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न रखें। नियमानुसार राज्यांश जारी कर कार्य जारी रखा जाए। सभी विभाग शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, समाज कल्याण, नगर विकास, बेसिक शिक्षा, सिंचाई, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व जैसे विभागों की अनेक योजनाएं सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करने वाली हैं। इनमें बजट आवंटन और व्यय में तेजी की आवश्यकता है।
कुंभ से जुड़ी विभागीय परियोजनाओं को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर भी निर्देश दिए। कहा, अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा अवसर है। प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन में सभी विभागों की भूमिका है। सभी विभाग महाकुंभ से जुड़ी विभागीय परियोजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव स्तर से इसकी निगरानी की जाए।
कहा, महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक काशी, अयोध्या, मथुरा और विंध्यवासिनी धाम भी जाएंगे, ऐसे में इन पवित्र स्थलों की सुविधा और सुरक्षा की भी गहन समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढाएं जाने का भी निर्देश दिया।
सीएम योगी के निर्देश
- कृषि और सहकारिता विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करें कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो और सभी किसानों को यह आसानी से मिल जाए। यह सुनिश्चित करें कि खाद की कालाबाजारी न हो।
- आत्मनिर्भर नगर पंचायत और आत्मनिर्भर जिला पंचायत के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। पंचायतों को आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रावासों का मेंटेनेंस कराया जाए।
- मेडिकल कॉलेजों में लगाए जा रहे उपकरणों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो। खराब उपकरणों की आपूर्ति पर जवाबदेही तय की जाए।
- स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित किए जाने की कार्रवाई तेज करें। टैबलेट-स्मार्टफोन में सरकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
- ओडीओपी उत्पादों की मांग का आकलन कर उसके अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित कराएं। निर्यात बढ़ोतरी के लिए सभी जिलों को प्रयास करना होगा।
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परियोजनाओं की गुणवत्ता करें सुनिश्चित, जनहित के लिए बजट की कमी नहीं : सीएम योगी
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उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट आवंटन और व्यय की समीक्षा के दौरान जनहित के विकास कार्यों में तेजी लाने, परियोजनाओं की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित के निर्देश दिए। कहा, जनहित के लिए बजट की कमी नहीं है, परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए चेतावनी दी कि जन महत्व की परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और गड़बड़ी मिली तो अवर अभियंता (जेई) से लेकर मुख्य अभियंता तक की जवाबदेही तय होगी।
यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभाव में परियोजना बाधित न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा हमें हर संभव सहायता मिल रही है। केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त करें। विभागीय मंत्री व अधिकारी भारत सरकार के मंत्रियों व अधिकारियों से संवाद करें। केंद्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न रखें। नियमानुसार राज्यांश जारी कर कार्य जारी रखा जाए। सभी विभाग शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, समाज कल्याण, नगर विकास, बेसिक शिक्षा, सिंचाई, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व जैसे विभागों की अनेक योजनाएं सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करने वाली हैं। इनमें बजट आवंटन और व्यय में तेजी की आवश्यकता है।
कुंभ से जुड़ी विभागीय परियोजनाओं को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर भी निर्देश दिए। कहा, अगले वर्ष उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा अवसर है। प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन में सभी विभागों की भूमिका है। सभी विभाग महाकुंभ से जुड़ी विभागीय परियोजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता दें। मुख्य सचिव स्तर से इसकी निगरानी की जाए।
कहा, महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक काशी, अयोध्या, मथुरा और विंध्यवासिनी धाम भी जाएंगे, ऐसे में इन पवित्र स्थलों की सुविधा और सुरक्षा की भी गहन समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढाएं जाने का भी निर्देश दिया।
सीएम योगी के निर्देश
- कृषि और सहकारिता विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करें कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो और सभी किसानों को यह आसानी से मिल जाए। यह सुनिश्चित करें कि खाद की कालाबाजारी न हो।
- आत्मनिर्भर नगर पंचायत और आत्मनिर्भर जिला पंचायत के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। पंचायतों को आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। आश्रम पद्धति विद्यालयों में छात्रावासों का मेंटेनेंस कराया जाए।
- मेडिकल कॉलेजों में लगाए जा रहे उपकरणों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो। खराब उपकरणों की आपूर्ति पर जवाबदेही तय की जाए।
- स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित किए जाने की कार्रवाई तेज करें। टैबलेट-स्मार्टफोन में सरकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
- ओडीओपी उत्पादों की मांग का आकलन कर उसके अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित कराएं। निर्यात बढ़ोतरी के लिए सभी जिलों को प्रयास करना होगा।
