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इजरायल की हिट लिस्ट से ईरान के विदेश मंत्री अराघची और गालिबाफ बाहर, रिपोर्ट में खुलासा
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबाफ़ को हिट लिस्ट से हटा दिया है।
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल सामने आई है। एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबाफ़ को अपनी टारगेट लिस्ट से अस्थायी तौर पर हटा दिया है। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में संभावित बातचीत की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका के जरिए कूटनीतिक पहल
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला सीधे तौर पर किसी एक देश के दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। बताया गया है कि अमेरिका के जरिए यह संदेश इजरायल तक पहुंचाया गया कि यदि इन प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया तो बातचीत की संभावनाएं खत्म हो सकती हैं। इसी वजह से फिलहाल इन दोनों नेताओं को निशाने से दूर रखने का निर्णय लिया गया।
सीमित अवधि के लिए राहत
सूत्रों के अनुसार यह राहत स्थायी नहीं है, बल्कि केवल कुछ दिनों के लिए दी गई है। बताया जा रहा है कि चार से पांच दिनों की इस अवधि में अमेरिका ईरान के साथ बातचीत को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। अराघची को परमाणु वार्ताओं का अनुभवी चेहरा माना जाता है, जबकि ग़ालिबाफ़ को भी संभावित संवाद के लिए महत्वपूर्ण कड़ी समझा जा रहा है।
जंग के बीच नेतृत्व पर हमले
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान इजरायल ने ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया है। नेतृत्व स्तर पर हुए इन हमलों ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी यह संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे कदम आगे भी उठाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल कूटनीति को मौका देने की कोशिश की जा रही है।
मध्यस्थ देशों की भूमिका
तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश इस समय अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन देशों का मानना है कि यदि बातचीत की प्रक्रिया शुरू होती है तो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि प्रमुख नेताओं को अस्थायी राहत देने को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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इजरायल की हिट लिस्ट से ईरान के विदेश मंत्री अराघची और गालिबाफ बाहर, रिपोर्ट में खुलासा
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल सामने आई है। एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबाफ़ को अपनी टारगेट लिस्ट से अस्थायी तौर पर हटा दिया है। इस घटनाक्रम को क्षेत्र में संभावित बातचीत की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका के जरिए कूटनीतिक पहल
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला सीधे तौर पर किसी एक देश के दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। बताया गया है कि अमेरिका के जरिए यह संदेश इजरायल तक पहुंचाया गया कि यदि इन प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया तो बातचीत की संभावनाएं खत्म हो सकती हैं। इसी वजह से फिलहाल इन दोनों नेताओं को निशाने से दूर रखने का निर्णय लिया गया।
सीमित अवधि के लिए राहत
सूत्रों के अनुसार यह राहत स्थायी नहीं है, बल्कि केवल कुछ दिनों के लिए दी गई है। बताया जा रहा है कि चार से पांच दिनों की इस अवधि में अमेरिका ईरान के साथ बातचीत को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। अराघची को परमाणु वार्ताओं का अनुभवी चेहरा माना जाता है, जबकि ग़ालिबाफ़ को भी संभावित संवाद के लिए महत्वपूर्ण कड़ी समझा जा रहा है।
जंग के बीच नेतृत्व पर हमले
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान इजरायल ने ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया है। नेतृत्व स्तर पर हुए इन हमलों ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी यह संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे कदम आगे भी उठाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल कूटनीति को मौका देने की कोशिश की जा रही है।
मध्यस्थ देशों की भूमिका
तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश इस समय अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन देशों का मानना है कि यदि बातचीत की प्रक्रिया शुरू होती है तो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि प्रमुख नेताओं को अस्थायी राहत देने को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
