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पीएम मोदी कल करेंगे सभी CM के साथ बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर होगी चर्चा
नेशनल न्यूज
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर राज्यों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें मौजूदा हालात और उनके भारत पर संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। खासतौर पर ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की स्थिति को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
युद्ध के दीर्घकालिक प्रभावों पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि इस संघर्ष का प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों से अपील की थी कि वे मिलकर देश के हित में काम करें और किसी भी परिस्थिति का मजबूती से सामना करें।
सर्वदलीय बैठक में भी हुई चर्चा
इससे पहले रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भी मिडिल ईस्ट के हालात और भारत की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया था। सरकार ने सभी दलों को भरोसा दिलाया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कोविड जैसी ‘टीम इंडिया’ भावना की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों के बीच हुए सहयोग को याद करते हुए कहा कि मौजूदा संकट में भी उसी तरह की ‘टीम इंडिया’ भावना की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों से विकास की गति को बनाए रखने और मिलकर काम करने पर जोर दिया।
देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि देश में तेल और ईंधन की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार भारत के पास करीब दो महीने का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। साथ ही, तेल कंपनियों ने अग्रिम आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की कोई आशंका नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश की ऊर्जा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
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पीएम मोदी कल करेंगे सभी CM के साथ बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर होगी चर्चा
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें मौजूदा हालात और उनके भारत पर संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। खासतौर पर ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की स्थिति को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
युद्ध के दीर्घकालिक प्रभावों पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि इस संघर्ष का प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों से अपील की थी कि वे मिलकर देश के हित में काम करें और किसी भी परिस्थिति का मजबूती से सामना करें।
सर्वदलीय बैठक में भी हुई चर्चा
इससे पहले रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भी मिडिल ईस्ट के हालात और भारत की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया था। सरकार ने सभी दलों को भरोसा दिलाया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कोविड जैसी ‘टीम इंडिया’ भावना की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों के बीच हुए सहयोग को याद करते हुए कहा कि मौजूदा संकट में भी उसी तरह की ‘टीम इंडिया’ भावना की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों से विकास की गति को बनाए रखने और मिलकर काम करने पर जोर दिया।
देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि देश में तेल और ईंधन की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार भारत के पास करीब दो महीने का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। साथ ही, तेल कंपनियों ने अग्रिम आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की कोई आशंका नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश की ऊर्जा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
