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सरकार ने स्पष्ट किया: गैस बुकिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं, दूसरा सिलेंडर 25–45 दिन बाद ही मिलेगा
बिजनेस न्यूज
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना और नॉन-PMUY उपभोक्ताओं के लिए रीफिल बुकिंग नियम पहले जैसे ही रहेंगे; पैनिक बुकिंग से बचने की अपील।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) के उपभोक्ता अब 45 दिन और नॉन-PMUY उपभोक्ता 35 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे। मंत्रालय ने कहा कि रीफिल बुकिंग के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
वर्तमान नियमों के अनुसार, एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन अंतरालों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और सभी उपभोक्ताओं को इसी आधार पर सिलेंडर मिलेगा।
कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की तुलना में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक है। 22 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल LPG के कोटे में 20% अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी थी। अब कुल आवंटन 50% हो गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इसका जमीन पर असर देखने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि पिछले कुछ दिनों में अफवाहों के चलते कुछ क्षेत्रों में 'पैनिक बुकिंग' देखी गई थी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकतानुसार ही सिलेंडर बुक करें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भी सरकार ने खारिज किया है कि भारत हॉर्मुज रूट पार करने के लिए कोई 'वॉर मनी' या टैक्स दे रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसके लिए कोई शुल्क या लेवी नहीं लगाया जा सकता।
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि हाल ही में दो टैंकर—पाइन गैस (45,000 टन LPG) और जग वसंत (47,600 टन LPG)—भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। पाइन गैस 27 मार्च को न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा, जबकि जग वसंत 26 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंचेगा। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में 20 भारतीय जहाज और 540 नाविक तैनात हैं, जिनकी सुरक्षा लगातार मॉनिटर की जा रही है।
सरकार ने पिछले दिनों LPG संकट को देखते हुए कई कदम उठाए हैं। मार्च में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड तय किया गया, PNG यूजर्स के लिए नियम बदले गए और शहरों व ग्रामीण इलाकों के अंतराल को स्पष्ट किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना और अफवाहों से बचाना है।
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सरकार ने स्पष्ट किया: गैस बुकिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं, दूसरा सिलेंडर 25–45 दिन बाद ही मिलेगा
बिजनेस न्यूज
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) के उपभोक्ता अब 45 दिन और नॉन-PMUY उपभोक्ता 35 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे। मंत्रालय ने कहा कि रीफिल बुकिंग के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
वर्तमान नियमों के अनुसार, एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन अंतरालों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और सभी उपभोक्ताओं को इसी आधार पर सिलेंडर मिलेगा।
कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की तुलना में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक है। 22 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल LPG के कोटे में 20% अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी थी। अब कुल आवंटन 50% हो गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इसका जमीन पर असर देखने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि पिछले कुछ दिनों में अफवाहों के चलते कुछ क्षेत्रों में 'पैनिक बुकिंग' देखी गई थी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकतानुसार ही सिलेंडर बुक करें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भी सरकार ने खारिज किया है कि भारत हॉर्मुज रूट पार करने के लिए कोई 'वॉर मनी' या टैक्स दे रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसके लिए कोई शुल्क या लेवी नहीं लगाया जा सकता।
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि हाल ही में दो टैंकर—पाइन गैस (45,000 टन LPG) और जग वसंत (47,600 टन LPG)—भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। पाइन गैस 27 मार्च को न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा, जबकि जग वसंत 26 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंचेगा। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में 20 भारतीय जहाज और 540 नाविक तैनात हैं, जिनकी सुरक्षा लगातार मॉनिटर की जा रही है।
सरकार ने पिछले दिनों LPG संकट को देखते हुए कई कदम उठाए हैं। मार्च में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड तय किया गया, PNG यूजर्स के लिए नियम बदले गए और शहरों व ग्रामीण इलाकों के अंतराल को स्पष्ट किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना और अफवाहों से बचाना है।
