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रतन टाटा के निधन पर Google CEO सुंदर पिचाई ने जताया शोक, याद आई आखिरी मुलाकात
JAGRAN DESK
रतन टाटा के निधन पर सुंदर पिचाई ने एक्स पर भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने रतन टाटा के दृष्टिकोण और उनके व्यवसायिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा की.
भारत के उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा का निधन हो गया. 9 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे 86 साल की उम्र में रतन टाटा का निधन हुआ. उनके निधन पर पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर है. उनके निधन ने न केवल व्यापार जगत को, बल्कि समाज के हर वर्ग, यहां तक कि टेक वर्ल्ड को भी गहरा आघात पहुंचाया है.
रतन टाटा का निधन
रतन टाटा का नाम ही प्रतिष्ठा, इमानदारी, और सेवा का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और समाजसेवा के प्रति समर्पण से टाटा ग्रुप को महान ऊंचाइयों तक पहुंचाया. टेक वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी गूगल के सीईओ ने भी रतन टाटा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
सुंदर पिचाई ने किया याद
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने रतन टाटा के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को याद करते हुए कहा, "रतन टाटा के साथ मेरी आखिरी मुलाकात गूगल में हुई थी. हमने Waymo की प्रोग्रेस के बारे में चर्चा की और उनकी दूरदृष्टि को सुनकर मुझे बहुत प्रेरणा मिली." रतन टाटा का जीवन और उनके विचार हमेशा प्रेरणादायक रहेंगे. उन्होंने अपने व्यावसायिक और सामाजिक योगदान से एक असाधारण विरासत छोड़ी है. वे आधुनिक भारतीय व्यापार नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे.
सुंदर पिचाई ने आगे कहा, "रतन टाटा ने हमेशा भारत को बेहतर बनाने की गहरी परवाह की. उनके निधन से हम सबके बीच एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है. उनके प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. श्री रतन टाटा जी, आपकी आत्मा को शांति मिले." रतन टाटा का यह योगदान न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि समाज सेवा में भी अतुलनीय था. उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया और उनके सिद्धांत और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे.
एक युग का अंत
रतन टाटा के निधन ने एक युग का अंत कर दिया है, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत सदैव जीवित रहेंगे. उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने अनेक नए आयाम स्थापित किए. उनका विज़न और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत है. उनके निर्देशन में टाटा ग्रुप ने विज्ञान, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय काम किए.
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रतन टाटा के निधन पर Google CEO सुंदर पिचाई ने जताया शोक, याद आई आखिरी मुलाकात
JAGRAN DESK
भारत के उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा का निधन हो गया. 9 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे 86 साल की उम्र में रतन टाटा का निधन हुआ. उनके निधन पर पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर है. उनके निधन ने न केवल व्यापार जगत को, बल्कि समाज के हर वर्ग, यहां तक कि टेक वर्ल्ड को भी गहरा आघात पहुंचाया है.
रतन टाटा का निधन
रतन टाटा का नाम ही प्रतिष्ठा, इमानदारी, और सेवा का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और समाजसेवा के प्रति समर्पण से टाटा ग्रुप को महान ऊंचाइयों तक पहुंचाया. टेक वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी गूगल के सीईओ ने भी रतन टाटा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
सुंदर पिचाई ने किया याद
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने रतन टाटा के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को याद करते हुए कहा, "रतन टाटा के साथ मेरी आखिरी मुलाकात गूगल में हुई थी. हमने Waymo की प्रोग्रेस के बारे में चर्चा की और उनकी दूरदृष्टि को सुनकर मुझे बहुत प्रेरणा मिली." रतन टाटा का जीवन और उनके विचार हमेशा प्रेरणादायक रहेंगे. उन्होंने अपने व्यावसायिक और सामाजिक योगदान से एक असाधारण विरासत छोड़ी है. वे आधुनिक भारतीय व्यापार नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे.
सुंदर पिचाई ने आगे कहा, "रतन टाटा ने हमेशा भारत को बेहतर बनाने की गहरी परवाह की. उनके निधन से हम सबके बीच एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है. उनके प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. श्री रतन टाटा जी, आपकी आत्मा को शांति मिले." रतन टाटा का यह योगदान न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि समाज सेवा में भी अतुलनीय था. उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया और उनके सिद्धांत और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे.
एक युग का अंत
रतन टाटा के निधन ने एक युग का अंत कर दिया है, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत सदैव जीवित रहेंगे. उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने अनेक नए आयाम स्थापित किए. उनका विज़न और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत है. उनके निर्देशन में टाटा ग्रुप ने विज्ञान, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय काम किए.
