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LPG सप्लाई तेज करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, 47 हजार टन गैस लेकर अब वाइजैग पोर्ट पहुंचेगा टैंकर
नेशनल डेस्क
देश में एलपीजी सप्लाई तेज करने के लिए सरकार ने 47 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहे टैंकर का रूट बदलकर वाइजैग पोर्ट भेजने का फैसला लिया है।
देश में रसोई गैस की उपलब्धता को सुचारू और तेज बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच अब एलपीजी टैंकरों के रूट में बदलाव कर वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे एक बड़े टैंकर को विशाखापत्तनम पोर्ट की ओर मोड़ दिया गया है।
वाइजैग पोर्ट पर उतरेगा एलपीजी कार्गो
सरकार ने समय की बचत और तेज वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस टैंकर को वाइजैग पोर्ट भेजने का निर्णय लिया है। पहले यह जहाज न्यू मंगलौर और ओडिशा के धामरा पोर्ट पर जाने वाला था, लेकिन नए फैसले के तहत इसे सीधे पूर्वी तट पर लाया जा रहा है। इससे गैस को तेजी से उतारकर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा सकेगा।
लंबी यात्रा और बदला गया रूट
यह 227 मीटर लंबा रेफ्रिजरेटेड एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी से रवाना हुआ था। जहाज ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार किया और पहले गुजरात के वडिनार पोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद इसे देश के दक्षिणी सिरे से घूमते हुए बंगाल की खाड़ी के रास्ते पूर्वी तट की ओर भेजा गया। धामरा तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता, इसलिए इसे वाइजैग में खाली करने का निर्णय लिया गया।
युद्ध के असर से प्रभावित सप्लाई
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष का असर एलपीजी आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में सरकार ने टैंकरों को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाने शुरू कर दिए हैं। इससे देश में रसोई गैस की कमी न हो और सप्लाई चेन लगातार चलती रहे।
जमीनी नेटवर्क से होगी तेज डिलीवरी
वाइजैग पोर्ट पर गैस उतारने के बाद इसे सड़क और अन्य जमीनी माध्यमों से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। इस रणनीति से वितरण में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं तक समय पर एलपीजी पहुंच सकेगी।
पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार
एलपीजी के साथ-साथ सरकार पाइप के जरिए गैस आपूर्ति यानी पीएनजी नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रही है। मार्च महीने में 3.1 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई शुरू की गई, जबकि 2.7 लाख नए कनेक्शन भी जोड़े गए। यह विस्तार घरेलू उपयोग के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छात्रावासों और सामुदायिक रसोई तक पहुंच रहा है।
सरकार की प्राथमिकता और आगे की योजना
सरकार ने शहरी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे जरूरत वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दें। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में घरेलू उपयोग और सीएनजी सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। औद्योगिक इकाइयों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
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LPG सप्लाई तेज करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, 47 हजार टन गैस लेकर अब वाइजैग पोर्ट पहुंचेगा टैंकर
नेशनल डेस्क
देश में रसोई गैस की उपलब्धता को सुचारू और तेज बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच अब एलपीजी टैंकरों के रूट में बदलाव कर वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे एक बड़े टैंकर को विशाखापत्तनम पोर्ट की ओर मोड़ दिया गया है।
वाइजैग पोर्ट पर उतरेगा एलपीजी कार्गो
सरकार ने समय की बचत और तेज वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस टैंकर को वाइजैग पोर्ट भेजने का निर्णय लिया है। पहले यह जहाज न्यू मंगलौर और ओडिशा के धामरा पोर्ट पर जाने वाला था, लेकिन नए फैसले के तहत इसे सीधे पूर्वी तट पर लाया जा रहा है। इससे गैस को तेजी से उतारकर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा सकेगा।
लंबी यात्रा और बदला गया रूट
यह 227 मीटर लंबा रेफ्रिजरेटेड एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी से रवाना हुआ था। जहाज ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार किया और पहले गुजरात के वडिनार पोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद इसे देश के दक्षिणी सिरे से घूमते हुए बंगाल की खाड़ी के रास्ते पूर्वी तट की ओर भेजा गया। धामरा तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता, इसलिए इसे वाइजैग में खाली करने का निर्णय लिया गया।
युद्ध के असर से प्रभावित सप्लाई
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष का असर एलपीजी आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में सरकार ने टैंकरों को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाने शुरू कर दिए हैं। इससे देश में रसोई गैस की कमी न हो और सप्लाई चेन लगातार चलती रहे।
जमीनी नेटवर्क से होगी तेज डिलीवरी
वाइजैग पोर्ट पर गैस उतारने के बाद इसे सड़क और अन्य जमीनी माध्यमों से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। इस रणनीति से वितरण में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं तक समय पर एलपीजी पहुंच सकेगी।
पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार
एलपीजी के साथ-साथ सरकार पाइप के जरिए गैस आपूर्ति यानी पीएनजी नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रही है। मार्च महीने में 3.1 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई शुरू की गई, जबकि 2.7 लाख नए कनेक्शन भी जोड़े गए। यह विस्तार घरेलू उपयोग के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छात्रावासों और सामुदायिक रसोई तक पहुंच रहा है।
सरकार की प्राथमिकता और आगे की योजना
सरकार ने शहरी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे जरूरत वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दें। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में घरेलू उपयोग और सीएनजी सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। औद्योगिक इकाइयों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
