अमेरिका ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सख्त चेतावनी जारी की है। वर्चुअल अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट कहा है कि ईरान में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी सरकार की ओर से कांसुलर या आपात मदद बेहद सीमित रहेगी। दूतावास ने नागरिकों से कहा है कि वे किसी सहायता का इंतजार न करें और खुद सुरक्षित बाहर निकलने की ठोस योजना बनाएं।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान में लगातार विरोध प्रदर्शन, बढ़ती महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता के चलते देश के कई हिस्सों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सड़कों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, कई इलाकों में आवाजाही सीमित है और इंटरनेट व मोबाइल सेवाएं बार-बार बाधित हो रही हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों में कटौती या रद्दीकरण किया है, जिससे देश छोड़ना और मुश्किल हो गया है।
अमेरिकी दूतावास ने विशेष रूप से अमेरिका-ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने को कहा है। ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और ऐसे मामलों में अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना हिरासत या पूछताछ का कारण बन सकता है। चेतावनी में कहा गया है कि अमेरिकी पहचान उजागर होने से गिरफ्तारी या लंबी हिरासत का खतरा बढ़ सकता है।
दूतावास ने यह भी सलाह दी है कि जो लोग फिलहाल नहीं निकल पा रहे हैं, वे सुरक्षित स्थान पर रहें, आवश्यक खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयों का भंडारण करें तथा परिवार से संपर्क के वैकल्पिक साधन तैयार रखें। प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर आज ओमान की राजधानी मस्कट में अहम बातचीत शुरू होने जा रही है। यह दोनों देशों के बीच लगभग नौ महीनों में पहली औपचारिक बैठक है, जो जून 2025 में हुए टकराव के बाद से रुकी हुई थी। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि अमेरिका कूटनीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन वार्ता विफल होने की स्थिति में अन्य विकल्पों से इनकार नहीं किया गया है।
अमेरिका ने ईरान के सामने यूरेनियम संवर्धन पर पूर्ण प्रतिबंध, मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन खत्म करने जैसी शर्तें रखी हैं। वहीं, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह बातचीत को केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रखना चाहता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी सैन्य तैनाती और कड़े बयानों के बीच यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में ओमान वार्ता का परिणाम न सिर्फ अमेरिका-ईरान संबंधों, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

