Tirupati में कैसे मची मगदड़? प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आंखोंदेखी, जानें गलती किसकी?

JAGRAN DESK

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भगदड़ मचने से 6 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने हादसे की पूरी आंखोंदेखी पुलिस को बताई। उसने हादसे के लिए लोगों को ही जिम्मेदार ठहराया है।

आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ी पर बने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भगदड़ कैसे मची? इसका असली कारण सामने आ गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को हादसे की आंखोंदेखी सुनाई। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि लोगों के आपसी झगड़े ने ही 6 लोगों की जान ली। अफरातफरी मचने से लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गए। एक दूसरे के पैरों तले कुचले गए।

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तिरुपति मंदिर में मची भगदड़ का कारण टोकन लेने आए लोग ही हैं। मंदिर के सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर थे। लोग लाइन में लगे थे, लेकिन कुछ लोग एक दूसरे से पहले टोकन लेने की होड़ में थे। इसी होड़ में लोगों में तू-तू, मैं-मैं हो गई। लोग आपस में झगड़ा करने लगे और बात धक्कामुक्की तक पहुंच गई। इसके बाद भगदड़ और चीख पुकार मच गई।

 

भगवान तिरुपति के दर्शन के लिए बंट रहे थे टोकन

रिपोर्ट के अनुसार, मरने वाले लोगों में 42 साल की अलगरणी, 53 साल की वेंकटलक्ष्मी, 23 साल का रघु पुजारी, 50 साल के तिम्मक्का, 27 साल की नरसम्मा, 25 साल के मुनिरेड्डी और 40 साल के गणेश शामिल हैं। घायलों का उपचार जारी है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन लोगों के आपसी झगड़े में ही लोगों की जान दांव पर लगी। दरअसल, भगवान तिरुपति के दर्शन करने के लिए वैकुंठ द्वार पर टोकन बंट रहे थे, जिसके लिए 91 काउंटर बने थे, लेकिन दर्शन करने के लिए करीब 4000 लोग मंदिर पहुंचे।

लोग लाइन में खड़े होकर टोकन ले रहे थे और सुरक्षाकर्मी उन्हें लाइन में व्यवस्थित कर रहे थे कि अचानक धक्कामुक्की होने लगी और लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गए। इसके बाद चीख पुकार मच गई। लोग इधर उधर भागने लगे। फिर अचानक सन्नाटा छा गया और बेहोश-घायल लोग पड़े मिले। पुलिस और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने लोगों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को हादसे की आंखोंदेखी बताई। आइए जानते हैं कि आखिर वास्तव में क्या हुआ था?

मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने दर्ज कराए बयान

रिपोर्ट के अनुसार, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने पुलिस को भी बयान दिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वैकुंठ द्वार को 10 जनवरी को भगवान तिरुपति के दर्शन करने के लिए खोला जाना था। 19 जनवरी तक लोग दर्शन कर सकते हैं। सुबह साढ़े 4 बजे से VIP लोग दर्शन करते और 8 बजे से आम लोग दर्शन करते।

सभी ठीक ढंग से दर्शन कर सकें और सुरक्षा भी बनी रहे, इसलिए टोकन बांटे जा रहे थे, लेकिन लोगों को सिस्टम से की गई चीज भी हजम नहीं हुई। टोकन सभी को मिलता, जो रह जाते उनके लिए टोकन का इंतजाम करते, लेकिन टोकर लेने की होड़ में वे आपस में झगड़ पड़े। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। भगदड़ का कारण लोग ही हैं, मंदिर प्रशासन की इसमें कोई गलती नहीं।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
09 Jan 2025 By दैनिक जागरण

Tirupati में कैसे मची मगदड़? प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आंखोंदेखी, जानें गलती किसकी?

JAGRAN DESK

आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ी पर बने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भगदड़ कैसे मची? इसका असली कारण सामने आ गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को हादसे की आंखोंदेखी सुनाई। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि लोगों के आपसी झगड़े ने ही 6 लोगों की जान ली। अफरातफरी मचने से लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गए। एक दूसरे के पैरों तले कुचले गए।

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तिरुपति मंदिर में मची भगदड़ का कारण टोकन लेने आए लोग ही हैं। मंदिर के सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर थे। लोग लाइन में लगे थे, लेकिन कुछ लोग एक दूसरे से पहले टोकन लेने की होड़ में थे। इसी होड़ में लोगों में तू-तू, मैं-मैं हो गई। लोग आपस में झगड़ा करने लगे और बात धक्कामुक्की तक पहुंच गई। इसके बाद भगदड़ और चीख पुकार मच गई।

 

भगवान तिरुपति के दर्शन के लिए बंट रहे थे टोकन

रिपोर्ट के अनुसार, मरने वाले लोगों में 42 साल की अलगरणी, 53 साल की वेंकटलक्ष्मी, 23 साल का रघु पुजारी, 50 साल के तिम्मक्का, 27 साल की नरसम्मा, 25 साल के मुनिरेड्डी और 40 साल के गणेश शामिल हैं। घायलों का उपचार जारी है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन लोगों के आपसी झगड़े में ही लोगों की जान दांव पर लगी। दरअसल, भगवान तिरुपति के दर्शन करने के लिए वैकुंठ द्वार पर टोकन बंट रहे थे, जिसके लिए 91 काउंटर बने थे, लेकिन दर्शन करने के लिए करीब 4000 लोग मंदिर पहुंचे।

लोग लाइन में खड़े होकर टोकन ले रहे थे और सुरक्षाकर्मी उन्हें लाइन में व्यवस्थित कर रहे थे कि अचानक धक्कामुक्की होने लगी और लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गए। इसके बाद चीख पुकार मच गई। लोग इधर उधर भागने लगे। फिर अचानक सन्नाटा छा गया और बेहोश-घायल लोग पड़े मिले। पुलिस और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने लोगों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को हादसे की आंखोंदेखी बताई। आइए जानते हैं कि आखिर वास्तव में क्या हुआ था?

मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने दर्ज कराए बयान

रिपोर्ट के अनुसार, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने पुलिस को भी बयान दिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वैकुंठ द्वार को 10 जनवरी को भगवान तिरुपति के दर्शन करने के लिए खोला जाना था। 19 जनवरी तक लोग दर्शन कर सकते हैं। सुबह साढ़े 4 बजे से VIP लोग दर्शन करते और 8 बजे से आम लोग दर्शन करते।

सभी ठीक ढंग से दर्शन कर सकें और सुरक्षा भी बनी रहे, इसलिए टोकन बांटे जा रहे थे, लेकिन लोगों को सिस्टम से की गई चीज भी हजम नहीं हुई। टोकन सभी को मिलता, जो रह जाते उनके लिए टोकन का इंतजाम करते, लेकिन टोकर लेने की होड़ में वे आपस में झगड़ पड़े। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। भगदड़ का कारण लोग ही हैं, मंदिर प्रशासन की इसमें कोई गलती नहीं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/how-the-chaos-broke-out-in-tirupati-eyewitness-narrated-see/article-7347

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.