- Hindi News
- देश विदेश
- भारत की खनिज सुरक्षा में HZL निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका: जी. किशन रेडी
भारत की खनिज सुरक्षा में HZL निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका: जी. किशन रेडी
Digital Desk
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हालिया बयान में कहा है कि राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) का कामकाज 'विकसित भारत 2047' के प्रति भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, यह देश के खनन क्षेत्र के एक आधुनिक, तकनीक-संचालित और जिम्मेदार विकास इंजन के रूप में बदलने की मिसाल पेश करता है।
केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया, जिसमें सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। वहाँ उन्होंने भूमिगत खनन कार्यों, एकीकृत स्मेल्टिंग सुविधाओं और सामुदायिक विकास पहलों की समीक्षा की।
इस दौरे के दौरान रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा खनिज संसाधनों, घरेलू क्षमताओं और भविष्य के लिए तैयार उद्योगों के दम पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंदुस्तान जिंक का खनन-से-धातु (माइनिंग-टू-मेटल) तक का एकीकृत कामकाज, सुरक्षा पर ध्यान, इनोवेशन, कार्यबल में विविधता और सामुदायिक विकास जैसी चीजें 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण से मेल खाती हैं।
हिंदुस्तान जिंक की सालाना 11 लाख टन (1.1 मिलियन टन) से अधिक परिष्कृत धातु (रिफाइंड मेटल) उत्पादन की क्षमता है । कंपनी भारत की खनिज सुरक्षा और घरेलू धातु इकोसिस्टम को मजबूत करने में एक अहम भूमिका निभाती है। जिंक (जस्ता), लेड (सीसा) और सिल्वर (चांदी) जैसी धातुएं नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा (डिफेंस) और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री ने सिंदेसर खुर्द माइन में तकनीक-आधारित खनन प्रथाओं की भी समीक्षा की, जिसमें टेली-रिमोट ऑपरेशन, पेस्ट फिलिंग सिस्टम और रिमोट से चलने वाले उपकरण शामिल हैं। उन्होंने भारत की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम (खदान बचाव दल) का लाइव प्रदर्शन देखा और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स, महिला माइनिंग इंजीनियरों व कर्मचारियों के साथ बातचीत की।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भारत की खनिज सुरक्षा में HZL निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका: जी. किशन रेडी
Digital Desk
केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया, जिसमें सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। वहाँ उन्होंने भूमिगत खनन कार्यों, एकीकृत स्मेल्टिंग सुविधाओं और सामुदायिक विकास पहलों की समीक्षा की।
इस दौरे के दौरान रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा खनिज संसाधनों, घरेलू क्षमताओं और भविष्य के लिए तैयार उद्योगों के दम पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंदुस्तान जिंक का खनन-से-धातु (माइनिंग-टू-मेटल) तक का एकीकृत कामकाज, सुरक्षा पर ध्यान, इनोवेशन, कार्यबल में विविधता और सामुदायिक विकास जैसी चीजें 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण से मेल खाती हैं।
हिंदुस्तान जिंक की सालाना 11 लाख टन (1.1 मिलियन टन) से अधिक परिष्कृत धातु (रिफाइंड मेटल) उत्पादन की क्षमता है । कंपनी भारत की खनिज सुरक्षा और घरेलू धातु इकोसिस्टम को मजबूत करने में एक अहम भूमिका निभाती है। जिंक (जस्ता), लेड (सीसा) और सिल्वर (चांदी) जैसी धातुएं नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा (डिफेंस) और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री ने सिंदेसर खुर्द माइन में तकनीक-आधारित खनन प्रथाओं की भी समीक्षा की, जिसमें टेली-रिमोट ऑपरेशन, पेस्ट फिलिंग सिस्टम और रिमोट से चलने वाले उपकरण शामिल हैं। उन्होंने भारत की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम (खदान बचाव दल) का लाइव प्रदर्शन देखा और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स, महिला माइनिंग इंजीनियरों व कर्मचारियों के साथ बातचीत की।
