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दुबई जाने का कर रहे हैं प्लान तो जान लीजिए बदले हुए नियम, वीजा पाने के लिए अब जरूरी होंगे ये डॉक्यूमेंट्स
JAGRAN DESK
दुबई ने यात्रियों के लिए वीजा नियमों में बदलाव किया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, जो वहां जाकर परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे हैं। अब यात्रियों को वीजा आवेदन करते समय कई डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे, जो कइयों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई की यात्रा की प्लानिंग करने वाले भारतीयों के लिए ये खबर काम की है। दुबई ने यात्रियों के लिए वीजा नियमों में बदलाव किया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, जो परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपके पास मेजबान का रेंटल एग्रीमेंट, एमिरेट्स आईडी, निवास वीजा की प्रति और संपर्क की जानकारी देनी होगी।
ये बदलाव दुबई शॉपिंग फेस्टिविल (8 दिसम्बर से 14 जनवरी) की शुरुआत के साथ ही शुरू होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पहुंचते हैं। नए
नियमों के तहत सभी भारतीय पर्यटकों के लिए होटल बुकिंग दस्तावेज और वापसी टिकट विवरण भी अनिवार्य है। ऐसे में रिश्तेदारों के साथ रहने वालों के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जुटाना मुश्किल साबित हो रहा है।
महंगा हो सकता है घूमना
हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए ओडिसी टूर्स एंड ट्रैवल्स के निदेशक निखिल ठाकुदार ने बताया कि 'होटल बुकिंग और वापसी टिकट उचित आवश्यकताएं हैं, लेकिन रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए आवश्यक दस्तावेज काफी बोझिल हैं। रिश्तेदारों से रेंटल एग्रीमेंट और रेजीजेंस प्रमाण जैसे दस्तावेज मांगना काफी अजीब है। यह कुछ यात्रियों को होटल में ठहरने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे उनकी छुट्टियों की लागत काफी बढ़ जाती है।'
दुबई में होटलों की कीमतें 20,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये प्रति रात तक होती हैं, जिसकी वजह से अक्सर पर्यटक अपने परिवार या रिश्तेदारों के साथ ठहरना पसंद करते हैं। ट्रैवल एजेंसियों ने बताया कि मेजबान अमीरात आईडी जैसे संवेदनशील दस्तावेज साझा करने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं, जिसके चलते यात्रियों को होटल का रुख करना पड़ सकता है।
घट सकती है पर्यटकों की संख्या
इन नए नियमों के चलते दुबई जाने और रिश्तेदारों के साथ रहने की योजना बनाने वालों को अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है। इसका असर इस साल भारत क्रिसमस पर दुबई जाने वाले यात्रियों में कमी के रूप में भी देखना पड़ सकता है। ऐसे कई यात्री हैं, जो अक्सर दुबई में अपने परिवारों से मिलने जाते हैं, लेकिन अब वे अपने वीजा आवेदनों के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों को जमा करने की परेशानी के कारण अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
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JAGRAN DESK
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई की यात्रा की प्लानिंग करने वाले भारतीयों के लिए ये खबर काम की है। दुबई ने यात्रियों के लिए वीजा नियमों में बदलाव किया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, जो परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपके पास मेजबान का रेंटल एग्रीमेंट, एमिरेट्स आईडी, निवास वीजा की प्रति और संपर्क की जानकारी देनी होगी।
ये बदलाव दुबई शॉपिंग फेस्टिविल (8 दिसम्बर से 14 जनवरी) की शुरुआत के साथ ही शुरू होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक पहुंचते हैं। नए
नियमों के तहत सभी भारतीय पर्यटकों के लिए होटल बुकिंग दस्तावेज और वापसी टिकट विवरण भी अनिवार्य है। ऐसे में रिश्तेदारों के साथ रहने वालों के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जुटाना मुश्किल साबित हो रहा है।
महंगा हो सकता है घूमना
हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए ओडिसी टूर्स एंड ट्रैवल्स के निदेशक निखिल ठाकुदार ने बताया कि 'होटल बुकिंग और वापसी टिकट उचित आवश्यकताएं हैं, लेकिन रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए आवश्यक दस्तावेज काफी बोझिल हैं। रिश्तेदारों से रेंटल एग्रीमेंट और रेजीजेंस प्रमाण जैसे दस्तावेज मांगना काफी अजीब है। यह कुछ यात्रियों को होटल में ठहरने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे उनकी छुट्टियों की लागत काफी बढ़ जाती है।'
दुबई में होटलों की कीमतें 20,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये प्रति रात तक होती हैं, जिसकी वजह से अक्सर पर्यटक अपने परिवार या रिश्तेदारों के साथ ठहरना पसंद करते हैं। ट्रैवल एजेंसियों ने बताया कि मेजबान अमीरात आईडी जैसे संवेदनशील दस्तावेज साझा करने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं, जिसके चलते यात्रियों को होटल का रुख करना पड़ सकता है।
घट सकती है पर्यटकों की संख्या
इन नए नियमों के चलते दुबई जाने और रिश्तेदारों के साथ रहने की योजना बनाने वालों को अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है। इसका असर इस साल भारत क्रिसमस पर दुबई जाने वाले यात्रियों में कमी के रूप में भी देखना पड़ सकता है। ऐसे कई यात्री हैं, जो अक्सर दुबई में अपने परिवारों से मिलने जाते हैं, लेकिन अब वे अपने वीजा आवेदनों के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों को जमा करने की परेशानी के कारण अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
