- Hindi News
- देश विदेश
- युद्ध के बीच ईरान का फैसला, भारत सहित 5 देशों को दी होर्मुज पार करने की अनुमति, जानें डिटेल
युद्ध के बीच ईरान का फैसला, भारत सहित 5 देशों को दी होर्मुज पार करने की अनुमति, जानें डिटेल
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भारत समेत पांच देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए भारत समेत पांच देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। ईरान का यह कदम ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ईरान ने जिन देशों को यह विशेष छूट दी है, उनमें भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं। इन देशों के वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई है, जबकि अन्य देशों के लिए यह मार्ग अभी भी प्रतिबंधित है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और उसका महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक स्तर पर लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस मार्ग पर किसी भी तरह का अवरोध सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित करता है।
वर्तमान हालात में ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है और वह अपनी शर्तों के आधार पर ही जहाजों को गुजरने दे रहा है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
अमेरिका ने इस मार्ग को खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कोशिश की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों से सैन्य मदद की अपील भी की, लेकिन कोई ठोस समर्थन नहीं मिला। इसके बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे में मार्ग नहीं खोला गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी हमले की स्थिति में वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी नेटवर्क को निशाना बना सकता है। इसके बाद अमेरिका ने अपने रुख में नरमी दिखाई।
पाकिस्तान के जहाज को रोका गया
दिलचस्प बात यह रही कि ईरान ने अपनी मित्र देशों की सूची में पाकिस्तान का नाम शामिल किया, लेकिन एक पाकिस्तानी जहाज को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। ईरानी सुरक्षा बलों का कहना था कि संबंधित जहाज निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहा था, जिसके चलते उसे वापस भेज दिया गया।
ईरान के विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि वर्तमान स्थिति युद्ध जैसी है और ऐसे माहौल में केवल भरोसेमंद देशों को ही इस मार्ग से गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए यह मार्ग फिलहाल बंद रहेगा।
भारत के लिए क्या मायने
भारत के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति जारी रहना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
युद्ध के बीच ईरान का फैसला, भारत सहित 5 देशों को दी होर्मुज पार करने की अनुमति, जानें डिटेल
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए भारत समेत पांच देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। ईरान का यह कदम ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ईरान ने जिन देशों को यह विशेष छूट दी है, उनमें भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं। इन देशों के वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई है, जबकि अन्य देशों के लिए यह मार्ग अभी भी प्रतिबंधित है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और उसका महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक स्तर पर लगभग 20 से 25 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस मार्ग पर किसी भी तरह का अवरोध सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित करता है।
वर्तमान हालात में ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है और वह अपनी शर्तों के आधार पर ही जहाजों को गुजरने दे रहा है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
अमेरिका ने इस मार्ग को खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कोशिश की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों से सैन्य मदद की अपील भी की, लेकिन कोई ठोस समर्थन नहीं मिला। इसके बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे में मार्ग नहीं खोला गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी हमले की स्थिति में वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी नेटवर्क को निशाना बना सकता है। इसके बाद अमेरिका ने अपने रुख में नरमी दिखाई।
पाकिस्तान के जहाज को रोका गया
दिलचस्प बात यह रही कि ईरान ने अपनी मित्र देशों की सूची में पाकिस्तान का नाम शामिल किया, लेकिन एक पाकिस्तानी जहाज को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। ईरानी सुरक्षा बलों का कहना था कि संबंधित जहाज निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहा था, जिसके चलते उसे वापस भेज दिया गया।
ईरान के विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि वर्तमान स्थिति युद्ध जैसी है और ऐसे माहौल में केवल भरोसेमंद देशों को ही इस मार्ग से गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए यह मार्ग फिलहाल बंद रहेगा।
भारत के लिए क्या मायने
भारत के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति जारी रहना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है।
