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प. बंगाल में कड़ी सुरक्षा के बीच धूमधाम से मनी रामनवमी, कोलकाता में पथराव का दावा
JAGRAN DESK
पश्चिम बंगाल में बीजेपी सांसद सुकांत मजूमदार का आरोप है कि कोलकाता में रामनवमी जुलूस पर हमला किया गया. इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
पश्चिम बंगाल में रविवार को रामनवमी का उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. इस दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच कई हाई-प्रोफाइल रैलियां और जुलूस निकाले गए. कुछ इलाकों में तलवारों और लाठियों के साथ प्रदर्शन के बावजूद हिंसा की कोई घटना नहीं हुई.
बीजेपी सांसद सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि कोलकाता में रामनवमी जुलूस पर हमला किया गया. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,'रामनवमी जुलूस के वापस लौटने पर कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट इलाके में हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला किया गया.
भगवा झंडा ले जाने के कारण वाहनों पर पत्थर बरसाए गए. विंडशील्ड तोड़ दिए गए. अराजकता फैलाई गई. ये टारगेटे अटैक था. पुलिस खामोश तमाशा देख रही थी. निर्दोष हिंदुओं की रक्षा के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया.' उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो भी शेयर किया.
विधानसभा चुनाव में एक वर्ष का समय शेष है. ऐसे में इस वर्ष रामनवमी उत्सव के राजनीतिक महत्व स्पष्ट है. भाजपा और टीएमसी दोनों ने बड़ी भीड़ जुटाई. उत्सव में उनके बड़े नेताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई. 2026 के राज्य चुनावों से पहले विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के सोनाचुरा गांव में राम मंदिर की आधारशिला रखी.
इससे 2007 के भूमि आंदोलन का केंद्र पूर्वी मेदिनीपुर में हिंदुत्व की राजनीति के लिए एक नए युद्ध के मैदान में बदल गया. एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने पीटीआई से कहा कि राज्य में स्थिति शांतिपूर्ण रही. कानून एवं व्यवस्था को बाधित करने वाली एक भी घटना नहीं हुई.
हर चीज पर नजर रखी गई और कोई घटना नहीं हुई. रविवार की सुबह रंग-बिरंगे जुलूसों, 'जय श्री राम' के नारों और भक्ति के जीवंत प्रदर्शनों के साथ समारोह की शुरुआत हुई. इसमें हजारों भक्त भगवा झंडे लहराते हुए, भक्ति संगीत बजाते हुए और रामायण के दृश्यों को दर्शाती भव्य झांकियां निकाली गई.
इस दौरान राज्य भर की सड़कों पर लोग उमड़ पड़े. हालांकि बर्धमान जिले, काकीनाड़ा और उत्तर 24 परगना के बारासात में तलवारों और गदाओं के साथ सशस्त्र रैलियां निकाली गई लेकिन हिंसा की कोई खबर नहीं है. शमीम ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी और जहां भी प्रतिभागियों को हथियार ले जाते देखा जाएगा, वहां आवश्यक कार्रवाई करेगी.
कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में अगले 24 घंटों तक सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी. उन जिलों में भी जहां 12 अप्रैल तक रामनवमी जुलूस निकलने वाले हैं. पुरुलिया, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में खासकर आगामी महावीर जयंती और हनुमान जयंती समारोहों के मद्देनजर - सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहेंगे.
हिंदुत्व समूहों के अनुसार पश्चिम बंगाल में 2000 से अधिक रामनवमी रैलियां आयोजित की गई. इनमें से 60 से अधिक कोलकाता में आयोजित की गई. लगभग 6000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया. साथ ही प्रमुख स्थानों पर ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए.
पिछले सांप्रदायिक तनावों और पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हाल के हमलों की यादों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की.
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प. बंगाल में कड़ी सुरक्षा के बीच धूमधाम से मनी रामनवमी, कोलकाता में पथराव का दावा
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पश्चिम बंगाल में रविवार को रामनवमी का उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. इस दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच कई हाई-प्रोफाइल रैलियां और जुलूस निकाले गए. कुछ इलाकों में तलवारों और लाठियों के साथ प्रदर्शन के बावजूद हिंसा की कोई घटना नहीं हुई.
बीजेपी सांसद सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि कोलकाता में रामनवमी जुलूस पर हमला किया गया. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,'रामनवमी जुलूस के वापस लौटने पर कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट इलाके में हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला किया गया.
भगवा झंडा ले जाने के कारण वाहनों पर पत्थर बरसाए गए. विंडशील्ड तोड़ दिए गए. अराजकता फैलाई गई. ये टारगेटे अटैक था. पुलिस खामोश तमाशा देख रही थी. निर्दोष हिंदुओं की रक्षा के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया.' उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो भी शेयर किया.
विधानसभा चुनाव में एक वर्ष का समय शेष है. ऐसे में इस वर्ष रामनवमी उत्सव के राजनीतिक महत्व स्पष्ट है. भाजपा और टीएमसी दोनों ने बड़ी भीड़ जुटाई. उत्सव में उनके बड़े नेताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई. 2026 के राज्य चुनावों से पहले विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के सोनाचुरा गांव में राम मंदिर की आधारशिला रखी.
इससे 2007 के भूमि आंदोलन का केंद्र पूर्वी मेदिनीपुर में हिंदुत्व की राजनीति के लिए एक नए युद्ध के मैदान में बदल गया. एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने पीटीआई से कहा कि राज्य में स्थिति शांतिपूर्ण रही. कानून एवं व्यवस्था को बाधित करने वाली एक भी घटना नहीं हुई.
हर चीज पर नजर रखी गई और कोई घटना नहीं हुई. रविवार की सुबह रंग-बिरंगे जुलूसों, 'जय श्री राम' के नारों और भक्ति के जीवंत प्रदर्शनों के साथ समारोह की शुरुआत हुई. इसमें हजारों भक्त भगवा झंडे लहराते हुए, भक्ति संगीत बजाते हुए और रामायण के दृश्यों को दर्शाती भव्य झांकियां निकाली गई.
इस दौरान राज्य भर की सड़कों पर लोग उमड़ पड़े. हालांकि बर्धमान जिले, काकीनाड़ा और उत्तर 24 परगना के बारासात में तलवारों और गदाओं के साथ सशस्त्र रैलियां निकाली गई लेकिन हिंसा की कोई खबर नहीं है. शमीम ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी और जहां भी प्रतिभागियों को हथियार ले जाते देखा जाएगा, वहां आवश्यक कार्रवाई करेगी.
कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में अगले 24 घंटों तक सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी. उन जिलों में भी जहां 12 अप्रैल तक रामनवमी जुलूस निकलने वाले हैं. पुरुलिया, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में खासकर आगामी महावीर जयंती और हनुमान जयंती समारोहों के मद्देनजर - सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहेंगे.
हिंदुत्व समूहों के अनुसार पश्चिम बंगाल में 2000 से अधिक रामनवमी रैलियां आयोजित की गई. इनमें से 60 से अधिक कोलकाता में आयोजित की गई. लगभग 6000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया. साथ ही प्रमुख स्थानों पर ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए.
पिछले सांप्रदायिक तनावों और पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हाल के हमलों की यादों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की.
