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कौशांबी टोल प्लाजा पर LPG टैंकर में भीषण आग, चालक की मौत; कई लोग झुलसे
Digital Desk
सिहोरी टोल प्लाजा पर एलपीजी टैंकर टकराने के बाद लगी आग से कई वाहन जलकर राख, पांच टोल कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे, हादसे की जांच शुरू।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर टोल संरचना से टकरा गया। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया। हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई, जबकि टोल प्लाजा पर मौजूद कई कर्मचारी झुलस गए। आग की चपेट में आकर टोल परिसर में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी पूरी तरह जल गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद गैस रिसाव होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके तुरंत बाद तेज धमाके के साथ आग फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने टोल परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय टोल प्लाजा पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई कर्मचारियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया और वे झुलस गए। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच कर्मचारियों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विशेष बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। टैंकर चालक वाहन से बाहर निकलने में सफल हो गया है, लेकिन आग बुझने के बाद जब राहत दल ने टैंकर की जांच की तो चालक का शव अंदर मिला। आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और चालक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले इलाके में हल्की बारिश हुई थी। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का नियंत्रण कैसे बिगड़ा और गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच विशेषज्ञ टीम करेगी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं दिखाई दे रहा था। घटना के बाद टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत दोनों तरफ का यातायात रोक दिया। सूचना मिलते ही जिले की फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे एक लेन को यातायात के लिए खोला गया और बाद में ट्रैफिक सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई। टोल कर्मचारियों के अनुसार आग टोल प्लाजा के यार्ड तक पहुंच गई, जहां कर्मचारियों की निजी गाड़ियां खड़ी थीं। आग की चपेट में आकर 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें पूरी तरह जल गईं। पास स्थित अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
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कौशांबी टोल प्लाजा पर LPG टैंकर में भीषण आग, चालक की मौत; कई लोग झुलसे
Digital Desk
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर टोल संरचना से टकरा गया। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया। हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई, जबकि टोल प्लाजा पर मौजूद कई कर्मचारी झुलस गए। आग की चपेट में आकर टोल परिसर में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी पूरी तरह जल गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद गैस रिसाव होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके तुरंत बाद तेज धमाके के साथ आग फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने टोल परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय टोल प्लाजा पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई कर्मचारियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया और वे झुलस गए। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच कर्मचारियों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विशेष बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। टैंकर चालक वाहन से बाहर निकलने में सफल हो गया है, लेकिन आग बुझने के बाद जब राहत दल ने टैंकर की जांच की तो चालक का शव अंदर मिला। आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और चालक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले इलाके में हल्की बारिश हुई थी। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का नियंत्रण कैसे बिगड़ा और गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच विशेषज्ञ टीम करेगी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं दिखाई दे रहा था। घटना के बाद टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत दोनों तरफ का यातायात रोक दिया। सूचना मिलते ही जिले की फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे एक लेन को यातायात के लिए खोला गया और बाद में ट्रैफिक सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई। टोल कर्मचारियों के अनुसार आग टोल प्लाजा के यार्ड तक पहुंच गई, जहां कर्मचारियों की निजी गाड़ियां खड़ी थीं। आग की चपेट में आकर 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें पूरी तरह जल गईं। पास स्थित अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
