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मिर्जापुर सड़क हादसा: 11 की मौत, बोलेरो में 9 जिंदा जले
नेशनल न्यूज
मिर्जापुर-रीवा हाईवे पर भीषण टक्कर के बाद आग, मुंडन से लौट रहा परिवार पूरी तरह खत्म भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक ही परिवार के कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात करीब 9:30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक फेल होने के बाद उसने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में आग लग गई और उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों में एक ही परिवार के 8 सदस्य शामिल हैं, जो मैहर से एक बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चना लदा ट्रक अचानक बेकाबू हो गया।उसने पहले बोलेरो को टक्कर मारी, जो आगे चल रहे ट्राले से जा भिड़ी। इसके बाद ट्रक ने स्विफ्ट कार को भी टक्कर मार दी, जो ट्रक और ट्राले के बीच फंस गई।रफ्तार तेज होने के कारण टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई और तेज धमाके के साथ पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।
आग में फंसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके।बोलेरो में सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्राले के क्लीनर की भी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार खत्म
अधिकारियों के अनुसार, बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव के रहने वाले थे।परिवार मैहर से 8 वर्षीय बच्चे का मुंडन संस्कार कराकर लौट रहा था। हादसे में उसी बच्चे समेत परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई।यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का कारण बन गई है।
प्रशासन का बयान
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण अधिकांश लोगों को बचाया नहीं जा सका।अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते रहते हैं।उनका आरोप है कि सड़क पर पर्याप्त संकेतक नहीं हैं और खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम कमजोर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
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मिर्जापुर सड़क हादसा: 11 की मौत, बोलेरो में 9 जिंदा जले
नेशनल न्यूज
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिसमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात करीब 9:30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक फेल होने के बाद उसने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में आग लग गई और उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों में एक ही परिवार के 8 सदस्य शामिल हैं, जो मैहर से एक बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चना लदा ट्रक अचानक बेकाबू हो गया।उसने पहले बोलेरो को टक्कर मारी, जो आगे चल रहे ट्राले से जा भिड़ी। इसके बाद ट्रक ने स्विफ्ट कार को भी टक्कर मार दी, जो ट्रक और ट्राले के बीच फंस गई।रफ्तार तेज होने के कारण टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई और तेज धमाके के साथ पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।
आग में फंसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके।बोलेरो में सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्राले के क्लीनर की भी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार खत्म
अधिकारियों के अनुसार, बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव के रहने वाले थे।परिवार मैहर से 8 वर्षीय बच्चे का मुंडन संस्कार कराकर लौट रहा था। हादसे में उसी बच्चे समेत परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई।यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का कारण बन गई है।
प्रशासन का बयान
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण अधिकांश लोगों को बचाया नहीं जा सका।अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते रहते हैं।उनका आरोप है कि सड़क पर पर्याप्त संकेतक नहीं हैं और खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम कमजोर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
