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सोना-चांदी के दाम गिरे, 24 कैरेट गोल्ड 1.52 लाख पर आया
बिजनेस न्यूज
IBJA के अनुसार सोना ₹105 और चांदी ₹836 सस्ती, फिर भी सालभर में बड़ी तेजी कीमती धातुओं के बाजार में आज हल्की राहत देखने को मिली है, हालांकि सालभर के ट्रेंड में अब भी मजबूती बनी हुई है।
देश में सोना-चांदी के दामों में 22 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 105 रुपए गिरकर 1,52,250 रुपए पर पहुंच गया है। इससे एक दिन पहले इसकी कीमत 1,52,355 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
वहीं चांदी की कीमत में भी नरमी देखी गई है। एक किलो चांदी 836 रुपए सस्ती होकर 2,49,677 रुपए पर आ गई है, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 2,50,513 रुपए प्रति किलो पर थी।
कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ महीनों में सोना-चांदी में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर कीमतों में रोजाना बदलाव हो रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद इस साल सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। साल 2026 की शुरुआत में 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच चुका है। यानी अब तक इसमें लगभग 19 हजार रुपए की तेजी आई है।
इसी तरह चांदी भी साल की शुरुआत में करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, जो अब 2.50 लाख रुपए के आसपास कारोबार कर रही है। इस दौरान इसमें करीब 20 हजार रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर कई वजहों से होता है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत, स्थानीय मांग-सप्लाई, ज्वेलर्स का स्टॉक और खरीद मूल्य जैसे कारक शामिल होते हैं। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में अधिक मांग के कारण कीमतों पर अलग असर पड़ता है।
सरकार के हालिया फैसलों का भी बाजार पर असर देखने को मिल रहा है। विदेशी ज्वेलरी के आयात को अब ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसके तहत सोना, चांदी और प्लेटिनम से बने आभूषण आयात करने के लिए विशेष लाइसेंस लेना जरूरी होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
कुल मिलाकर, भले ही आज बाजार में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन लंबी अवधि में सोना-चांदी अभी भी निवेश के मजबूत विकल्प बने हुए हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और सरकारी नीतियां इनके भाव को प्रभावित करती रहेंगी।
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सोना-चांदी के दाम गिरे, 24 कैरेट गोल्ड 1.52 लाख पर आया
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देश में सोना-चांदी के दामों में 22 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 105 रुपए गिरकर 1,52,250 रुपए पर पहुंच गया है। इससे एक दिन पहले इसकी कीमत 1,52,355 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
वहीं चांदी की कीमत में भी नरमी देखी गई है। एक किलो चांदी 836 रुपए सस्ती होकर 2,49,677 रुपए पर आ गई है, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 2,50,513 रुपए प्रति किलो पर थी।
कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ महीनों में सोना-चांदी में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर कीमतों में रोजाना बदलाव हो रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद इस साल सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। साल 2026 की शुरुआत में 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच चुका है। यानी अब तक इसमें लगभग 19 हजार रुपए की तेजी आई है।
इसी तरह चांदी भी साल की शुरुआत में करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, जो अब 2.50 लाख रुपए के आसपास कारोबार कर रही है। इस दौरान इसमें करीब 20 हजार रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर कई वजहों से होता है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत, स्थानीय मांग-सप्लाई, ज्वेलर्स का स्टॉक और खरीद मूल्य जैसे कारक शामिल होते हैं। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में अधिक मांग के कारण कीमतों पर अलग असर पड़ता है।
सरकार के हालिया फैसलों का भी बाजार पर असर देखने को मिल रहा है। विदेशी ज्वेलरी के आयात को अब ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसके तहत सोना, चांदी और प्लेटिनम से बने आभूषण आयात करने के लिए विशेष लाइसेंस लेना जरूरी होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
कुल मिलाकर, भले ही आज बाजार में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन लंबी अवधि में सोना-चांदी अभी भी निवेश के मजबूत विकल्प बने हुए हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और सरकारी नीतियां इनके भाव को प्रभावित करती रहेंगी।
