- Hindi News
- बिजनेस
- अजय बंगा बोले- गरीबी मिटाने का सबसे असरदार तरीका नौकरी
अजय बंगा बोले- गरीबी मिटाने का सबसे असरदार तरीका नौकरी
बिजनेस न्यूज
वर्ल्ड बैंक प्रमुख ने युवाओं को DQ अपनाने और स्किल्स बढ़ाने की सलाह दी रोजगार के बिना गरीबी खत्म करना संभव नहीं—यह साफ संदेश वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष ने दिया।युवाओं, अर्थव्यवस्था और भविष्य को लेकर उनकी बातों ने नीति बहस को नई दिशा दी है।
अजय बंगा ने कहा है कि विकासशील देशों में गरीबी कम करने का सबसे प्रभावी तरीका बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। ब्रोकरेज फर्म ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ एक डिजिटल बातचीत में उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था, भारत की प्रगति और युवाओं की चुनौतियों पर विस्तार से विचार रखे। बंगा ने कहा कि केवल संसाधनों का पुनर्वितरण नहीं, बल्कि अवसरों का विस्तार जरूरी है, ताकि लोग स्थायी आय के जरिए अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले 15 वर्षों में उभरते बाजारों में करीब 120 करोड़ युवा कामकाजी उम्र में पहुंचेंगे, जबकि मौजूदा रफ्तार से केवल 40 करोड़ नौकरियां ही बन पाएंगी। यह बड़ा अंतर आर्थिक असंतुलन और सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है।
रोजगार ही समाधान
बंगा ने कहा कि नौकरी केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और आत्मविश्वास का आधार भी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को मजबूत नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए, जबकि रोजगार सृजन में निजी क्षेत्र, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों की अहम भूमिका है।उनके मुताबिक, “पानी का स्तर बढ़ाने” जैसा मॉडल अपनाना चाहिए, जिसमें समग्र विकास से सभी वर्गों को फायदा पहुंचे।
भारत पर भरोसा
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बंगा ने सकारात्मक रुख जताया।उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, बिजली, बंदरगाह और बुनियादी सुविधाओं—में बड़ा सुधार हुआ है, जिससे मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ है।
हालांकि, उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि न होने को एक छूटा हुआ अवसर बताया। उनके अनुसार, भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी संभावनाओं से कम है।
DQ बना नई सफलता का पैमाना
बंगा ने युवाओं के लिए IQ और EQ के साथ DQ (Decency Quotient) को जरूरी बताया।उन्होंने कहा कि आज के समय में शालीनता, ईमानदारी और दूसरों के प्रति सम्मान ही असली नेतृत्व की पहचान बनते जा रहे हैं।उनके अनुसार, ऐसे गुण टीम वर्क को मजबूत करते हैं और लंबे समय तक सफलता बनाए रखने में मदद करते हैं।
तकनीक और रोजगार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण रखा।बंगा ने कहा कि विकसित देशों में यह कुछ क्षेत्रों के लिए चुनौती हो सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों में ‘स्मॉल AI’ बड़े अवसर पैदा कर सकता है, खासकर कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में।रिपोर्ट्स के अनुसार, सही स्किल्स के साथ तकनीक को अपनाया जाए तो यह रोजगार बढ़ाने में भी मददगार हो सकती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
अजय बंगा बोले- गरीबी मिटाने का सबसे असरदार तरीका नौकरी
बिजनेस न्यूज
अजय बंगा ने कहा है कि विकासशील देशों में गरीबी कम करने का सबसे प्रभावी तरीका बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। ब्रोकरेज फर्म ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ एक डिजिटल बातचीत में उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था, भारत की प्रगति और युवाओं की चुनौतियों पर विस्तार से विचार रखे। बंगा ने कहा कि केवल संसाधनों का पुनर्वितरण नहीं, बल्कि अवसरों का विस्तार जरूरी है, ताकि लोग स्थायी आय के जरिए अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले 15 वर्षों में उभरते बाजारों में करीब 120 करोड़ युवा कामकाजी उम्र में पहुंचेंगे, जबकि मौजूदा रफ्तार से केवल 40 करोड़ नौकरियां ही बन पाएंगी। यह बड़ा अंतर आर्थिक असंतुलन और सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है।
रोजगार ही समाधान
बंगा ने कहा कि नौकरी केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और आत्मविश्वास का आधार भी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को मजबूत नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए, जबकि रोजगार सृजन में निजी क्षेत्र, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों की अहम भूमिका है।उनके मुताबिक, “पानी का स्तर बढ़ाने” जैसा मॉडल अपनाना चाहिए, जिसमें समग्र विकास से सभी वर्गों को फायदा पहुंचे।
भारत पर भरोसा
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बंगा ने सकारात्मक रुख जताया।उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, बिजली, बंदरगाह और बुनियादी सुविधाओं—में बड़ा सुधार हुआ है, जिससे मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ है।
हालांकि, उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि न होने को एक छूटा हुआ अवसर बताया। उनके अनुसार, भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी संभावनाओं से कम है।
DQ बना नई सफलता का पैमाना
बंगा ने युवाओं के लिए IQ और EQ के साथ DQ (Decency Quotient) को जरूरी बताया।उन्होंने कहा कि आज के समय में शालीनता, ईमानदारी और दूसरों के प्रति सम्मान ही असली नेतृत्व की पहचान बनते जा रहे हैं।उनके अनुसार, ऐसे गुण टीम वर्क को मजबूत करते हैं और लंबे समय तक सफलता बनाए रखने में मदद करते हैं।
तकनीक और रोजगार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण रखा।बंगा ने कहा कि विकसित देशों में यह कुछ क्षेत्रों के लिए चुनौती हो सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों में ‘स्मॉल AI’ बड़े अवसर पैदा कर सकता है, खासकर कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में।रिपोर्ट्स के अनुसार, सही स्किल्स के साथ तकनीक को अपनाया जाए तो यह रोजगार बढ़ाने में भी मददगार हो सकती है।
