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NEET पेपर लीक आरोपी का वीडियो हुआ वायरल, छात्रों पर छिड़का ‘मंत्र सिद्ध जल’
नेशनल डेस्क
NEET पेपर लीक आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह छात्रों पर ‘मंत्र सिद्ध जल’ छिड़कता नजर आ रहा है।
NEET पेपर लीक केस में गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई जांच एजेंसी की कार्रवाई नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो है। इस वीडियो में मोटेगांवकर छात्रों पर कलश से पानी छिड़कते हुए नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह इसे 'मंत्र सिद्ध जल' बता रहा था और कह रहा था कि इससे परीक्षा में नंबर बढ़ेंगे। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने हैरानी जताई है और सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
शिवराज मोटेगांवकर को महाराष्ट्र के लातूर स्थित RCC इंस्टीट्यूट का संचालक बताया जा रहा है, जो NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। अब इस वायरल वीडियो ने मामले को और भी ज्यादा तूल दे दिया है। वीडियो में कई छात्र एक साथ बैठे दिख रहे हैं और मोटेगांवकर उनके बीच घूमते हुए कलश से पानी छिड़क रहा है। वहां कुछ लोग धार्मिक मंत्रों का जाप करते भी सुनाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ये कहा जा रहा है कि यह RCC इंस्टीट्यूट के किसी कार्यक्रम का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाह रहे हैं कि छात्रों और अभिभावकों के भरोसे के साथ आखिर क्या खेल चल रहा था। कुछ यूजर्स ने इसे अंधविश्वास से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोग इसे छात्रों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने की कोशिश बता रहे हैं। इस मामले में अभी तक RCC इंस्टीट्यूट या शिवराज मोटेगांवकर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसी बीच, जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी तेज हो रही है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को जांच के दौरान कई बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इस आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह एजेंसियां यह पता करने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और यह पैसे किन-किन लोगों तक पहुंचे।
सीबीआई की जांच में RCC इंस्टीट्यूट के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शुरुआती जाँच के अनुसार, 2025 में इस संस्थान के 21 छात्रों का NEET में चयन हुआ था, जिनमें से 19 को AIIMS में दाखिला मिला। जांच एजेंसियां अब इन मामलों की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को पेशेवर ढंग से चलाया जा रहा था और इसमें कई स्तरों पर लोगों की भागीदारी हो सकती है।
फिलहाल, यह वायरल वीडियो पूरे मामले को और गंभीर बना चुका है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं और इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन से लेकर संस्थान की गतिविधियों तक हर पहलू की जांच में जुटी हुई हैं।
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NEET पेपर लीक आरोपी का वीडियो हुआ वायरल, छात्रों पर छिड़का ‘मंत्र सिद्ध जल’
नेशनल डेस्क
NEET पेपर लीक केस में गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई जांच एजेंसी की कार्रवाई नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो है। इस वीडियो में मोटेगांवकर छात्रों पर कलश से पानी छिड़कते हुए नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह इसे 'मंत्र सिद्ध जल' बता रहा था और कह रहा था कि इससे परीक्षा में नंबर बढ़ेंगे। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने हैरानी जताई है और सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
शिवराज मोटेगांवकर को महाराष्ट्र के लातूर स्थित RCC इंस्टीट्यूट का संचालक बताया जा रहा है, जो NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। अब इस वायरल वीडियो ने मामले को और भी ज्यादा तूल दे दिया है। वीडियो में कई छात्र एक साथ बैठे दिख रहे हैं और मोटेगांवकर उनके बीच घूमते हुए कलश से पानी छिड़क रहा है। वहां कुछ लोग धार्मिक मंत्रों का जाप करते भी सुनाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ये कहा जा रहा है कि यह RCC इंस्टीट्यूट के किसी कार्यक्रम का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाह रहे हैं कि छात्रों और अभिभावकों के भरोसे के साथ आखिर क्या खेल चल रहा था। कुछ यूजर्स ने इसे अंधविश्वास से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोग इसे छात्रों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने की कोशिश बता रहे हैं। इस मामले में अभी तक RCC इंस्टीट्यूट या शिवराज मोटेगांवकर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसी बीच, जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी तेज हो रही है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को जांच के दौरान कई बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इस आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह एजेंसियां यह पता करने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और यह पैसे किन-किन लोगों तक पहुंचे।
सीबीआई की जांच में RCC इंस्टीट्यूट के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शुरुआती जाँच के अनुसार, 2025 में इस संस्थान के 21 छात्रों का NEET में चयन हुआ था, जिनमें से 19 को AIIMS में दाखिला मिला। जांच एजेंसियां अब इन मामलों की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को पेशेवर ढंग से चलाया जा रहा था और इसमें कई स्तरों पर लोगों की भागीदारी हो सकती है।
फिलहाल, यह वायरल वीडियो पूरे मामले को और गंभीर बना चुका है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं और इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन से लेकर संस्थान की गतिविधियों तक हर पहलू की जांच में जुटी हुई हैं।
