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ओडिशा: चक्रवात 'दाना' के कहर से 10 लाख लोगों को बचाने की सरकार की कवायद
JAGRAN DESK
ओडिशा में चक्रवात 'दाना' का असर कम से कम लोगों पर पड़े सरकार इसके लिए प्रयासरत है.
भीषण चक्रवाती तूफान 'दाना' के तटों की ओर बढ़ने के बीच ओडिशा सरकार ने शून्य जनहानि सुनिश्चित करने के लिए रोडमैप तैयार किया है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने संभावित चक्रवात 'दाना' की अंतिम समीक्षा की. बैठक में राज्य रेलवे बोर्ड, विभिन्न विभागों के अधिकारी और चक्रवात प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे.
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, 'चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपायों की अंतिम समीक्षा कर ली गई है. हम जिला प्रशासन के संपर्क में रहेंगे.' राज्य सरकार की ओर से अंतिम एडवाइजरी जारी कर दी गई है. बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव और अधिकारी मौजूद रहे. फिलहाल राज्य में 6244 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं.

इनमें स्थायी और अस्थायी राहत केंद्र शामिल हैं. संभावित चक्रवात के पहुंचने से पहले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकाला जाएगा. सरकार ने 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कई जिलों में लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और बुधवार शाम तक यह पूरी हो जाएगी.
संभावित चक्रवात से प्रभावित होने वाले जिलों में 8647 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है. जिन महिलाओं के 7 से 15 दिनों के भीतर बच्चे को जन्म देने की संभावना है, उन्हें उनके घरों में चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा, 'अभी तक विभिन्न संवेदनशील जिलों में ओडीआरएफ की 51 टीमें तैनात की गई हैं. विभिन्न जिलों में 178 अग्निशमन टीमों ने भी कार्यभार संभाल लिया है. 40 अग्निशमन टीमें भी पहुंच रही हैं.
वे बुधवार को संवेदनशील इलाकों में पहुंचेंगे. विभिन्न जिलों में 20 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. फिलहाल 19 टीमें तैनात हैं जबकि 1 एनडीआरएफ टीम स्टैंडबाय पर है. 5 एनडीआरएफ टीमें मंगलवार को बठिंडा से एयरलिफ्ट करके भुवनेश्वर पहुंच रही है. उन्होंने आगे कहा कि जिला कलेक्टरों को आपदा राहत कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रहने-खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुरी में 2, जगतसिंहपुर में 3, केंद्रपाड़ा में 3, भद्रक में 3, बालासोर में 3, मयूरभंज में 2, कटक में 1, जाजपुर में 1 और क्योंझर में 1 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं. इसी तरह गंजम में 3, पुरी में 6, जगतसिंहपुर में 6, केंद्रपाड़ा में 6, भद्रक में 6, बालासोर में 6, मयूरभंज में 6, कटक में 3, खोरधा में 6 और जाजपुर में 3, कुल 51 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं.
संभावित चक्रवात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 13 जिलों में तैयारी की है. इनमें से 6 जिले बेहद संवेदनशील हैं. जहां खास असर पड़ सकता है. वे हैं बालासोर, भद्रक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और मयूरभंज. इन जिलों में पहले काम कर चुके अधिकारियों के अनुभव का इस्तेमाल संभावित चक्रवात की स्थिति में किया जाएगा. इसके लिए उन्हें इन जिलों में भेजने का फैसला किया गया है. बालासोर जिले में मानस रंजन पाढ़ी को तैनात किया गया है.
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ओडिशा: चक्रवात 'दाना' के कहर से 10 लाख लोगों को बचाने की सरकार की कवायद
JAGRAN DESK
भीषण चक्रवाती तूफान 'दाना' के तटों की ओर बढ़ने के बीच ओडिशा सरकार ने शून्य जनहानि सुनिश्चित करने के लिए रोडमैप तैयार किया है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने संभावित चक्रवात 'दाना' की अंतिम समीक्षा की. बैठक में राज्य रेलवे बोर्ड, विभिन्न विभागों के अधिकारी और चक्रवात प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे.
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, 'चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपायों की अंतिम समीक्षा कर ली गई है. हम जिला प्रशासन के संपर्क में रहेंगे.' राज्य सरकार की ओर से अंतिम एडवाइजरी जारी कर दी गई है. बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव और अधिकारी मौजूद रहे. फिलहाल राज्य में 6244 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं.

इनमें स्थायी और अस्थायी राहत केंद्र शामिल हैं. संभावित चक्रवात के पहुंचने से पहले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकाला जाएगा. सरकार ने 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कई जिलों में लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और बुधवार शाम तक यह पूरी हो जाएगी.
संभावित चक्रवात से प्रभावित होने वाले जिलों में 8647 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है. जिन महिलाओं के 7 से 15 दिनों के भीतर बच्चे को जन्म देने की संभावना है, उन्हें उनके घरों में चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा, 'अभी तक विभिन्न संवेदनशील जिलों में ओडीआरएफ की 51 टीमें तैनात की गई हैं. विभिन्न जिलों में 178 अग्निशमन टीमों ने भी कार्यभार संभाल लिया है. 40 अग्निशमन टीमें भी पहुंच रही हैं.
वे बुधवार को संवेदनशील इलाकों में पहुंचेंगे. विभिन्न जिलों में 20 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. फिलहाल 19 टीमें तैनात हैं जबकि 1 एनडीआरएफ टीम स्टैंडबाय पर है. 5 एनडीआरएफ टीमें मंगलवार को बठिंडा से एयरलिफ्ट करके भुवनेश्वर पहुंच रही है. उन्होंने आगे कहा कि जिला कलेक्टरों को आपदा राहत कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रहने-खाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुरी में 2, जगतसिंहपुर में 3, केंद्रपाड़ा में 3, भद्रक में 3, बालासोर में 3, मयूरभंज में 2, कटक में 1, जाजपुर में 1 और क्योंझर में 1 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं. इसी तरह गंजम में 3, पुरी में 6, जगतसिंहपुर में 6, केंद्रपाड़ा में 6, भद्रक में 6, बालासोर में 6, मयूरभंज में 6, कटक में 3, खोरधा में 6 और जाजपुर में 3, कुल 51 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं.
संभावित चक्रवात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 13 जिलों में तैयारी की है. इनमें से 6 जिले बेहद संवेदनशील हैं. जहां खास असर पड़ सकता है. वे हैं बालासोर, भद्रक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और मयूरभंज. इन जिलों में पहले काम कर चुके अधिकारियों के अनुभव का इस्तेमाल संभावित चक्रवात की स्थिति में किया जाएगा. इसके लिए उन्हें इन जिलों में भेजने का फैसला किया गया है. बालासोर जिले में मानस रंजन पाढ़ी को तैनात किया गया है.
