- Hindi News
- देश विदेश
- मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी, बेटे ने ग्रहण किया...
मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी, बेटे ने ग्रहण किया सम्मान
Jagran Desk
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों की भव्य श्रृंखला में इस वर्ष महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान उनके पुत्र को प्रदान किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
मनोहर जोशी को यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया। वे सामाजिक आंदोलनों और जनहित अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रसिद्ध रहे। उन्होंने ‘स्वच्छ मुंबई, हरित मुंबई’ जैसे पर्यावरणीय अभियानों की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य महानगर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाना था। उनके प्रभावशाली वक्तृत्व और जनसरोकारों के प्रति जागरूकता ने उन्हें एक प्रभावशाली जननेता के रूप में स्थापित किया।
अन्य विभूतियों को भी मिला सम्मान
इस वर्ष राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में कुल 69 विभूतियों को पद्म सम्मान प्रदान किए गए, जिनमें 3 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 57 पद्मश्री शामिल हैं।
लोक कला के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाली बिहार की लोकगायिका शारदा सिन्हा को भी मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके बेटे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। गुजरात की प्रसिद्ध नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया को भी कला क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण मिला, जिसे उनके पोते ने ग्रहण किया।
सिविल सेवा में अनुकरणीय योगदान देने वाले आचार्य किशोर कुणाल को मरणोपरांत पद्मश्री प्रदान किया गया। वहीं सामाजिक कार्य के क्षेत्र में साध्वी ऋतंभरा को पद्म भूषण से नवाजा गया।
अर्थशास्त्र और नीति निर्माण में अपना उल्लेखनीय योगदान देने वाले बिबेक देबरॉय को भी मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के रूप में देश की नीतियों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह सम्मान उनकी पत्नी ने ग्रहण किया।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा
उल्लेखनीय है कि इन पुरस्कारों की घोषणा 25 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी। चयनित 139 प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में से यह 69 सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदान किए गए।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी, बेटे ने ग्रहण किया सम्मान
Jagran Desk
मनोहर जोशी को यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया। वे सामाजिक आंदोलनों और जनहित अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रसिद्ध रहे। उन्होंने ‘स्वच्छ मुंबई, हरित मुंबई’ जैसे पर्यावरणीय अभियानों की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य महानगर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाना था। उनके प्रभावशाली वक्तृत्व और जनसरोकारों के प्रति जागरूकता ने उन्हें एक प्रभावशाली जननेता के रूप में स्थापित किया।
अन्य विभूतियों को भी मिला सम्मान
इस वर्ष राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में कुल 69 विभूतियों को पद्म सम्मान प्रदान किए गए, जिनमें 3 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 57 पद्मश्री शामिल हैं।
लोक कला के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाली बिहार की लोकगायिका शारदा सिन्हा को भी मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके बेटे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। गुजरात की प्रसिद्ध नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया को भी कला क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण मिला, जिसे उनके पोते ने ग्रहण किया।
सिविल सेवा में अनुकरणीय योगदान देने वाले आचार्य किशोर कुणाल को मरणोपरांत पद्मश्री प्रदान किया गया। वहीं सामाजिक कार्य के क्षेत्र में साध्वी ऋतंभरा को पद्म भूषण से नवाजा गया।
अर्थशास्त्र और नीति निर्माण में अपना उल्लेखनीय योगदान देने वाले बिबेक देबरॉय को भी मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के रूप में देश की नीतियों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह सम्मान उनकी पत्नी ने ग्रहण किया।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा
उल्लेखनीय है कि इन पुरस्कारों की घोषणा 25 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी। चयनित 139 प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में से यह 69 सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदान किए गए।
