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चंडीगढ़ दौरे की तैयारियां तेज, पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए ₹2 करोड़ का टेंट प्रस्तावित
17 जुलाई के संभावित दौरे से पहले प्रशासन ने एक दिन में आठ टेंडर जारी किए, रेलवे और अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन की तैयारी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) परिसर में प्रस्तावित है और इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में आठ अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। इनमें सबसे बड़ा टेंडर करीब 2.02 करोड़ रुपये का है, जो कार्यक्रम स्थल पर टेंट और अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार करने के लिए निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर लगभग छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। जुलाई में बारिश की संभावना को देखते हुए इस विशेष टेंट की व्यवस्था की जा रही है ताकि मौसम का असर कार्यक्रम पर न पड़े। पूरे पंडाल को आरामदायक बनाए रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं आधुनिक मानकों के अनुरूप की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर वीआईपी मेहमानों और प्रधानमंत्री के लिए अलग एयर कंडीशनड लाउंज, बैठक व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
टेंडर दस्तावेजों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, लगभग 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मंच, फर्नीचर, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य अस्थायी ढांचों की भी व्यवस्था होगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में आने वाले आमंत्रित अतिथियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकांश टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं ताकि चयनित एजेंसियां समय रहते काम शुरू कर सकें।
सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 125 केवीए क्षमता वाले 11 जनरेटर, 250 केवीए क्षमता वाले 28 जनरेटर और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलईडी लाइटिंग, फायर सेफ्टी उपकरण, बैरिकेडिंग और लगभग चार हजार रंग-बिरंगे गमलों से पूरे परिसर को सजाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा न आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संभावित दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान पीजीआई और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। स्टेशन परिसरों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।
रेलवे का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल भवनों के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण या पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित लोकार्पण वाले सभी स्टेशनों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। संबंधित विभागों को अंतिम रूप से सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय कला, विरासत और वास्तुकला को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन स्टेशनों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रशासन और रेलवे दोनों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होगी, तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
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चंडीगढ़ दौरे की तैयारियां तेज, पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए ₹2 करोड़ का टेंट प्रस्तावित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) परिसर में प्रस्तावित है और इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में आठ अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। इनमें सबसे बड़ा टेंडर करीब 2.02 करोड़ रुपये का है, जो कार्यक्रम स्थल पर टेंट और अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार करने के लिए निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर लगभग छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। जुलाई में बारिश की संभावना को देखते हुए इस विशेष टेंट की व्यवस्था की जा रही है ताकि मौसम का असर कार्यक्रम पर न पड़े। पूरे पंडाल को आरामदायक बनाए रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं आधुनिक मानकों के अनुरूप की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर वीआईपी मेहमानों और प्रधानमंत्री के लिए अलग एयर कंडीशनड लाउंज, बैठक व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
टेंडर दस्तावेजों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, लगभग 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मंच, फर्नीचर, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य अस्थायी ढांचों की भी व्यवस्था होगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में आने वाले आमंत्रित अतिथियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकांश टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं ताकि चयनित एजेंसियां समय रहते काम शुरू कर सकें।
सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 125 केवीए क्षमता वाले 11 जनरेटर, 250 केवीए क्षमता वाले 28 जनरेटर और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलईडी लाइटिंग, फायर सेफ्टी उपकरण, बैरिकेडिंग और लगभग चार हजार रंग-बिरंगे गमलों से पूरे परिसर को सजाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा न आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संभावित दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान पीजीआई और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। स्टेशन परिसरों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।
रेलवे का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल भवनों के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण या पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित लोकार्पण वाले सभी स्टेशनों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। संबंधित विभागों को अंतिम रूप से सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय कला, विरासत और वास्तुकला को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन स्टेशनों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रशासन और रेलवे दोनों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होगी, तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
