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EPFO के डिजिटल प्लेटफॉर्म में CBS की शर्त पर विवाद, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर उठे सवाल
Digital Desk
देश के 27 करोड़ से अधिक कामगारों की बचत का प्रबंधन करने वाला कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने की प्रक्रिया में है। इसके लिए हाल ही में Expression of Interest (EOI) जारी किया गया है, लेकिन इसमें रखी गई Core Banking Solution (CBS) की अनिवार्य शर्त ने विवाद खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों और उद्योग जगत का मानना है कि यह शर्त न केवल तकनीकी रूप से अनावश्यक है, बल्कि इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो सकती है और पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
CBS शर्त क्यों बनी विवाद का कारण?
EPFO ने EOI में यह प्रावधान रखा है कि बोली लगाने वाले सेवा प्रदाता के पास किसी वाणिज्यिक बैंक में कम से कम 10 करोड़ जमा खातों का CBS अनुभव होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि EPFO का मुख्य कार्य— भविष्य निधि खातों का रखरखाव, अंशदान और पेंशन वितरण— बैंकिंग CBS से पूरी तरह अलग है। ऐसे में CBS की अनिवार्यता तकनीकी रूप से उचित नहीं है।
विशेषज्ञों की आलोचना
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पवन दुग्गल, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा— “EPFO कोई बैंक नहीं है, इसकी कार्यप्रणाली सार्वजनिक सेवा मंच जैसी है। CBS की अनिवार्यता गैरज़रूरी और भ्रामक है।”
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अनूप प्रकाश अवस्थी, सुप्रीम कोर्ट टेक एडवोकेट ने आरोप लगाया कि— “यह शर्त किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का संकेत देती है।”
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वित्त मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक, CBS आधारित अनुभव की यह शर्त जीएफआर और सीवीसी नियमों का उल्लंघन है और इससे परियोजना की लागत अनावश्यक रूप से बढ़ सकती है।
कंपनियों और इंडस्ट्री की आपत्ति
कई प्रमुख आईटी कंपनियों— TCS, Infosys, Wipro, HCL, AWS आदि ने आपत्ति जताई है कि CBS अनुभव की शर्त ने उन्हें प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। केवल गिनी-चुनी कंपनियों के पास यह अनुभव है, जिससे प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। एक आईटी फर्म ने कहा कि यह कदम “नवाचार-विरोधी” है और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ओपन इनोवेशन’ नीति के खिलाफ है।
दुनिया से सबक
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ब्राजील की Dataprev एजेंसी ने सामाजिक सुरक्षा प्रबंधन के लिए openIMIS जैसे ओपन-सोर्स समाधान को अपनाया, जो CBS से कहीं सरल और सस्ता है।
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Sagitec का Neospin सॉफ्टवेयर भी कई देशों में पेंशन फंड प्रबंधन के लिए सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, EPFO को केवल सरकारी API जैसे आधार, e-Shram और UPI से इंटीग्रेशन की जरूरत है, न कि बैंकिंग नेटवर्क जैसे CBS से। - ...................................................................................................
#EPFO #DigitalIndia #CBSControversy #SocialSecurity #PensionReforms #DigitalTransformation #PublicServiceTech #InnovationVsRestriction #OpenSourceSolutions #EmployeeProvidentFund #FinancialInclusion #TechTransparency #FutureOfSocialSecurity #GovProcurement #OpenInnovation #EPFOUpdates #CostEffectiveTech
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EPFO के डिजिटल प्लेटफॉर्म में CBS की शर्त पर विवाद, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर उठे सवाल
Digital Desk
देश के 27 करोड़ से अधिक कामगारों की बचत का प्रबंधन करने वाला कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने की प्रक्रिया में है। इसके लिए हाल ही में Expression of Interest (EOI) जारी किया गया है, लेकिन इसमें रखी गई Core Banking Solution (CBS) की अनिवार्य शर्त ने विवाद खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों और उद्योग जगत का मानना है कि यह शर्त न केवल तकनीकी रूप से अनावश्यक है, बल्कि इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो सकती है और पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
CBS शर्त क्यों बनी विवाद का कारण?
EPFO ने EOI में यह प्रावधान रखा है कि बोली लगाने वाले सेवा प्रदाता के पास किसी वाणिज्यिक बैंक में कम से कम 10 करोड़ जमा खातों का CBS अनुभव होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि EPFO का मुख्य कार्य— भविष्य निधि खातों का रखरखाव, अंशदान और पेंशन वितरण— बैंकिंग CBS से पूरी तरह अलग है। ऐसे में CBS की अनिवार्यता तकनीकी रूप से उचित नहीं है।
विशेषज्ञों की आलोचना
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पवन दुग्गल, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा— “EPFO कोई बैंक नहीं है, इसकी कार्यप्रणाली सार्वजनिक सेवा मंच जैसी है। CBS की अनिवार्यता गैरज़रूरी और भ्रामक है।”
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अनूप प्रकाश अवस्थी, सुप्रीम कोर्ट टेक एडवोकेट ने आरोप लगाया कि— “यह शर्त किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का संकेत देती है।”
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वित्त मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी के मुताबिक, CBS आधारित अनुभव की यह शर्त जीएफआर और सीवीसी नियमों का उल्लंघन है और इससे परियोजना की लागत अनावश्यक रूप से बढ़ सकती है।
कंपनियों और इंडस्ट्री की आपत्ति
कई प्रमुख आईटी कंपनियों— TCS, Infosys, Wipro, HCL, AWS आदि ने आपत्ति जताई है कि CBS अनुभव की शर्त ने उन्हें प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। केवल गिनी-चुनी कंपनियों के पास यह अनुभव है, जिससे प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। एक आईटी फर्म ने कहा कि यह कदम “नवाचार-विरोधी” है और सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ओपन इनोवेशन’ नीति के खिलाफ है।
दुनिया से सबक
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ब्राजील की Dataprev एजेंसी ने सामाजिक सुरक्षा प्रबंधन के लिए openIMIS जैसे ओपन-सोर्स समाधान को अपनाया, जो CBS से कहीं सरल और सस्ता है।
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Sagitec का Neospin सॉफ्टवेयर भी कई देशों में पेंशन फंड प्रबंधन के लिए सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, EPFO को केवल सरकारी API जैसे आधार, e-Shram और UPI से इंटीग्रेशन की जरूरत है, न कि बैंकिंग नेटवर्क जैसे CBS से। - ...................................................................................................
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