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रूस का यूक्रेन के चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, जेलेंस्की ने किया रिसाव का दावा
JAGRAN DESK
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद शांति की कोशिशें तेज हो गई हैं. शांति प्रयासों में पिछले दो दिनों में तेजी आई है हालांकि रूस की ओर से किए गए हमले से युद्ध भड़क सकता है. हमले के बाद यूक्रेन के साथ-साथ पूरे यूरोप में दहशत है.
रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग को खत्म कराने की वैश्विक कोशिशों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सनसनीखेज दावा किया है कि चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट पर रूसी ड्रोन से हमला किया गया है. हालांकि रेडिएशन का लेवल सामान्य बताया गया है. IAEA ने कहा कि हमले से प्लांट पर आग लग गई है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने कहा कि कल गुरुवार रात को चेरनोबिल में नष्ट हो चुके न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूसी ड्रोन ने हमला किया. यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बाद में कहा कि हालांकि रिसाव का स्तर सामान्य सीमा के अंदर बना हुआ है.
रेडिएशन का लेवल नहीं बढ़ाः जेलेंस्की
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में कहा, “एक उच्च विस्फोटक वारहेड के साथ एक रूसी हमलावर ड्रोन ने नष्ट हो चुके चौथे पावर यूनिट पर रेडिएशन से दुनिया की रक्षा करने वाले शेल्टर पर हमला किया.” जेलेंस्की ने बताया कि यूनिट को कवर करने वाला कंक्रीट शेल्टर क्षतिग्रस्त हो गया है, आग भी बुझा दी गई है.
उन्होंने आगे कहा कि हमले के बाद रेडिएशन का लेवल नहीं बढ़ा है और लगातार निगरानी की जा रही है. शुरुआती आकलन के अनुसार, शेल्टर को काफी नुकसान हुआ है.” राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओर से X पर पोस्ट किए गए वीडियो में बड़ स्तर पर चमकती हुई रोशनी दिखाई दे रही है, जिसके बाद रात के समय आसमान में धुएं का एक बड़ा सा गुबार दिखाई दिया.
चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट का क्षतिग्रस्त Sarcophagus (X)
धमाके के बाद आग भी लगीः IAEA
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी X पर कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह 2 बजे से कुछ समय पहले चेरनोबिल प्लांट पर मौजूद उसकी टीम ने “न्यू सेफ कन्फाइनमेंट से एक धमाके की जोरदार आवाज सुनी, जो पूर्व चेरनोबिल पावर प्लांट के रिएक्टर 4 के अवशेषों की सुरक्षा करता है, में आग लग गई.” आईएईए ने कहा, “उन्हें बताया गया कि एक यूएवी (ड्रोन) ने पावर प्लांट की छत पर हमला किया है.”
यूक्रेन की बेलारूस के साथ लगे बॉर्डर के पास चेरनोबिल के यूनिट 4 प्लांट में 1986 में भी बड़ा धमाका हुआ, जिससे सोवियत संघ और यूरोप के कुछ हिस्सों में बड़े स्तर पर रेडियोधर्मिता फैल गई. बाद में इसे कंक्रीट और स्टील के sarcophagus में बंद कर दिया गया.
रूस के 73 ड्रोन को गिरायाः यूक्रेनी सेना
Sarcophagus एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का काम था और इसे बनाने में कई दशक लगे. इसे आखिरकार 2017 में पूरा किया गया और इसका वजन 35,000 टन है.
यूक्रेनी सेना ने कल गुरुवार रात को दावा करते हुए बताया कि रूस की ओर से यूक्रेन पर 133 ड्रोन दागे गए, जिनमें से 73 को मार गिराया गया और 58 अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके. ये संख्याएं मोटे तौर पर ड्रोन हमलों के हालिया औसत के अनुरूप हैं. देश के अधिकांश हिस्सों को कवर करते हुए 11 क्षेत्रों में ड्रोन को मार गिराया गया.
यूक्रेन समेत यूरोप में दहशत
यह हमला ऐसे समय किया गया है कि जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद शांति की बातें तेज हो गई हैं. शांति प्रयासों में पिछले एक दो दिनों में तेजी आई है हालांकि रूस की ओर से किए गए इस हमले से युद्ध भड़क सकता है. इस हमले के बाद पूरे यूक्रेन के साथ-साथ पूरे यूरोप में दहशत है.
अंदेशा जताया जा रहा है कि अगर परमाणु रिएक्टर से रिसाव हुआ तो पूरा यूरोप संकट में घिर सकता है. वैसी जनहानि हो सकती है जैसे दूसरे वर्ल्ड वार में जापान में हुई थी.
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रूस का यूक्रेन के चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, जेलेंस्की ने किया रिसाव का दावा
JAGRAN DESK
रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग को खत्म कराने की वैश्विक कोशिशों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सनसनीखेज दावा किया है कि चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट पर रूसी ड्रोन से हमला किया गया है. हालांकि रेडिएशन का लेवल सामान्य बताया गया है. IAEA ने कहा कि हमले से प्लांट पर आग लग गई है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने कहा कि कल गुरुवार रात को चेरनोबिल में नष्ट हो चुके न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूसी ड्रोन ने हमला किया. यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बाद में कहा कि हालांकि रिसाव का स्तर सामान्य सीमा के अंदर बना हुआ है.
रेडिएशन का लेवल नहीं बढ़ाः जेलेंस्की
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में कहा, “एक उच्च विस्फोटक वारहेड के साथ एक रूसी हमलावर ड्रोन ने नष्ट हो चुके चौथे पावर यूनिट पर रेडिएशन से दुनिया की रक्षा करने वाले शेल्टर पर हमला किया.” जेलेंस्की ने बताया कि यूनिट को कवर करने वाला कंक्रीट शेल्टर क्षतिग्रस्त हो गया है, आग भी बुझा दी गई है.
उन्होंने आगे कहा कि हमले के बाद रेडिएशन का लेवल नहीं बढ़ा है और लगातार निगरानी की जा रही है. शुरुआती आकलन के अनुसार, शेल्टर को काफी नुकसान हुआ है.” राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओर से X पर पोस्ट किए गए वीडियो में बड़ स्तर पर चमकती हुई रोशनी दिखाई दे रही है, जिसके बाद रात के समय आसमान में धुएं का एक बड़ा सा गुबार दिखाई दिया.
चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट का क्षतिग्रस्त Sarcophagus (X)
धमाके के बाद आग भी लगीः IAEA
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी X पर कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह 2 बजे से कुछ समय पहले चेरनोबिल प्लांट पर मौजूद उसकी टीम ने “न्यू सेफ कन्फाइनमेंट से एक धमाके की जोरदार आवाज सुनी, जो पूर्व चेरनोबिल पावर प्लांट के रिएक्टर 4 के अवशेषों की सुरक्षा करता है, में आग लग गई.” आईएईए ने कहा, “उन्हें बताया गया कि एक यूएवी (ड्रोन) ने पावर प्लांट की छत पर हमला किया है.”
यूक्रेन की बेलारूस के साथ लगे बॉर्डर के पास चेरनोबिल के यूनिट 4 प्लांट में 1986 में भी बड़ा धमाका हुआ, जिससे सोवियत संघ और यूरोप के कुछ हिस्सों में बड़े स्तर पर रेडियोधर्मिता फैल गई. बाद में इसे कंक्रीट और स्टील के sarcophagus में बंद कर दिया गया.
रूस के 73 ड्रोन को गिरायाः यूक्रेनी सेना
Sarcophagus एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का काम था और इसे बनाने में कई दशक लगे. इसे आखिरकार 2017 में पूरा किया गया और इसका वजन 35,000 टन है.
यूक्रेनी सेना ने कल गुरुवार रात को दावा करते हुए बताया कि रूस की ओर से यूक्रेन पर 133 ड्रोन दागे गए, जिनमें से 73 को मार गिराया गया और 58 अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके. ये संख्याएं मोटे तौर पर ड्रोन हमलों के हालिया औसत के अनुरूप हैं. देश के अधिकांश हिस्सों को कवर करते हुए 11 क्षेत्रों में ड्रोन को मार गिराया गया.
यूक्रेन समेत यूरोप में दहशत
यह हमला ऐसे समय किया गया है कि जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद शांति की बातें तेज हो गई हैं. शांति प्रयासों में पिछले एक दो दिनों में तेजी आई है हालांकि रूस की ओर से किए गए इस हमले से युद्ध भड़क सकता है. इस हमले के बाद पूरे यूक्रेन के साथ-साथ पूरे यूरोप में दहशत है.
अंदेशा जताया जा रहा है कि अगर परमाणु रिएक्टर से रिसाव हुआ तो पूरा यूरोप संकट में घिर सकता है. वैसी जनहानि हो सकती है जैसे दूसरे वर्ल्ड वार में जापान में हुई थी.
