ठाणे अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद गिरफ्तार, डॉक्टर ने डर के कारण छोड़ा शहर

Digital Desk

On

महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने और मेडिकल स्टाफ से मारपीट के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार, घटना के बाद डॉक्टर ने नौकरी से दिया इस्तीफा।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ मौजूद तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए ठाणे छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि अब वह कभी इस शहर में वापस आकर काम नहीं करेंगे।

यह घटना सोमवार को शास्त्री नगर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उस समय NICU के सभी बेड भरे हुए थे। इसी कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी ताकि बच्चे का समय पर इलाज हो सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल में फिलहाल जगह उपलब्ध नहीं है और मरीज के हित में दूसरे अस्पताल ले जाना बेहतर रहेगा। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की इस सलाह से परिजन नाराज हो गए। कुछ ही देर बाद उन्होंने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तीखी बहस करने लगे। विवाद कुछ ही मिनटों में हाथापाई में बदल गया। अस्पताल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की, थप्पड़ और घूंसे मारे तथा अस्पताल के कर्मचारियों को धमकाया।

घटना के दौरान महिला डॉक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब महिला डॉक्टर किसी को फोन कर मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं, तभी आरोपी ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ भी मारा। इस पूरी घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं।

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि यहां ऐसा माहौल बन गया है, जहां डॉक्टर स्वतंत्र रूप से अपना काम नहीं कर सकते। उनका कहना था कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है और ऐसा महसूस हो रहा है कि आरोपी या उनके समर्थक उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।

डॉक्टर के इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।

महाराष्ट्र सरकार में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से घटना की आलोचना की है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने जानकारी दी कि पार्टी ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
09 Jul 2026 By Vaishnavi.J

ठाणे अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद गिरफ्तार, डॉक्टर ने डर के कारण छोड़ा शहर

Digital Desk

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ मौजूद तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए ठाणे छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि अब वह कभी इस शहर में वापस आकर काम नहीं करेंगे।

यह घटना सोमवार को शास्त्री नगर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उस समय NICU के सभी बेड भरे हुए थे। इसी कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी ताकि बच्चे का समय पर इलाज हो सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल में फिलहाल जगह उपलब्ध नहीं है और मरीज के हित में दूसरे अस्पताल ले जाना बेहतर रहेगा। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की इस सलाह से परिजन नाराज हो गए। कुछ ही देर बाद उन्होंने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तीखी बहस करने लगे। विवाद कुछ ही मिनटों में हाथापाई में बदल गया। अस्पताल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की, थप्पड़ और घूंसे मारे तथा अस्पताल के कर्मचारियों को धमकाया।

घटना के दौरान महिला डॉक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब महिला डॉक्टर किसी को फोन कर मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं, तभी आरोपी ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ भी मारा। इस पूरी घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं।

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि यहां ऐसा माहौल बन गया है, जहां डॉक्टर स्वतंत्र रूप से अपना काम नहीं कर सकते। उनका कहना था कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है और ऐसा महसूस हो रहा है कि आरोपी या उनके समर्थक उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।

डॉक्टर के इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।

महाराष्ट्र सरकार में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से घटना की आलोचना की है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने जानकारी दी कि पार्टी ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.