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राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर वीरभूमि पहुंचे सोनिया-राहुल, दी श्रद्धांजलि
नेशनल डेस्क
राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने वीरभूमि पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर बुधवार सुबह दिल्ली के वीरभूमि में कांग्रेस नेताओं का एकत्र होना देखा गया। सुबह से ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू हो चुका था। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीरभूमि जाकर राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा और बेटी मिराया वाड्रा भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का माहौल काफी शांत और भावुक था, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या भी वहां उपस्थित थी। कई कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की तस्वीरें और पार्टी के झंडे अपने हाथों में लिए हुए थे। बताया गया कि सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें भी तैनात थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वीरभूमि जाकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। उनके अलावा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई प्रमुख नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी के नेताओं ने राजीव गांधी के कार्यकाल और उनके देश के लिए योगदान को याद किया। कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट साझा किए गए, जिनमें राजीव गांधी को आधुनिक भारत के विचार रखने वाला नेता बताया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, देशभर में भी कांग्रेस की राज्य इकाइयों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें कई जगहों पर रक्तदान शिविर और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी शामिल थे। दिल्ली में वीरभूमि के बाहर सुबह से कांग्रेस समर्थकों की आवाजाही रही। कुछ लोग फूल लेकर आए और कुछ कार्यकर्ता नारेबाजी करते नजर आए, लेकिन कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।
राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में एक चुनावी सभा के दौरान हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एलटीटीई से जुड़ी एक महिला आत्मघाती हमलावर धनु उनके करीब आई थी। वह माला पहनाने के बहाने आगे बढ़ी और पैर छूने के दौरान विस्फोट कर दिया। यह विस्फोट इतना भयानक था कि मौके पर ही राजीव गांधी सहित कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। उस समय राजीव गांधी कांग्रेस के प्रमुख चेहरे थे और चुनाव प्रचार में जुटे थे। उनकी हत्या के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज भी कांग्रेस पार्टी हर साल 21 मई को उन्हें श्रद्धांजलि देती है और उनके राजनीतिक योगदान को याद करती है।
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राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर वीरभूमि पहुंचे सोनिया-राहुल, दी श्रद्धांजलि
नेशनल डेस्क
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर बुधवार सुबह दिल्ली के वीरभूमि में कांग्रेस नेताओं का एकत्र होना देखा गया। सुबह से ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू हो चुका था। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीरभूमि जाकर राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा और बेटी मिराया वाड्रा भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का माहौल काफी शांत और भावुक था, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या भी वहां उपस्थित थी। कई कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की तस्वीरें और पार्टी के झंडे अपने हाथों में लिए हुए थे। बताया गया कि सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें भी तैनात थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वीरभूमि जाकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। उनके अलावा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई प्रमुख नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी के नेताओं ने राजीव गांधी के कार्यकाल और उनके देश के लिए योगदान को याद किया। कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट साझा किए गए, जिनमें राजीव गांधी को आधुनिक भारत के विचार रखने वाला नेता बताया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, देशभर में भी कांग्रेस की राज्य इकाइयों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें कई जगहों पर रक्तदान शिविर और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी शामिल थे। दिल्ली में वीरभूमि के बाहर सुबह से कांग्रेस समर्थकों की आवाजाही रही। कुछ लोग फूल लेकर आए और कुछ कार्यकर्ता नारेबाजी करते नजर आए, लेकिन कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।
राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में एक चुनावी सभा के दौरान हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एलटीटीई से जुड़ी एक महिला आत्मघाती हमलावर धनु उनके करीब आई थी। वह माला पहनाने के बहाने आगे बढ़ी और पैर छूने के दौरान विस्फोट कर दिया। यह विस्फोट इतना भयानक था कि मौके पर ही राजीव गांधी सहित कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। उस समय राजीव गांधी कांग्रेस के प्रमुख चेहरे थे और चुनाव प्रचार में जुटे थे। उनकी हत्या के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज भी कांग्रेस पार्टी हर साल 21 मई को उन्हें श्रद्धांजलि देती है और उनके राजनीतिक योगदान को याद करती है।
