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दिल्ली विधानसभा में शराब नीति पर CAG की रिपोर्ट पेश, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता बोले- दबा दी गई थी रिपोर्ट
JAGRAN DESK
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा में CAG की रिपोर्ट पेश कर दिया है. CAG रिपोर्ट पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप की सरकार कैग की रिपोर्ट को दबाया. कैग की रिपोर्ट एलजी के पास नहीं भेजी गई.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आबकारी नीति 2024 पर कैग रिपोर्ट आज दिल्ली विधानसभा में पेश कर दी है. इस दौरान दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह जानकर आश्चर्य होता है कि CAG की रिपोर्ट 2017-18 के बाद विधानसभा में पेश नहीं की गई है. इस संबंध में तत्कालीन विपक्ष के नेता यानी मैंने और विपक्ष के पांच अन्य नेताओं ने राष्ट्रपति जी, विधानसभा अध्यक्ष जी से अनुरोध किया था कि इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया जाए. आप की सरकार कैग की रिपोर्ट को दबाया. कैग की रिपोर्ट एलजी के पास नहीं भेजी गई.
क्या है CAG रिपोर्ट में
- नई आबकारी नीति से दिल्ली सरकार को क़रीब 2000 हज़ार करोड़ का घाटा लगा है
- नई शराब नीति में पहले के एक व्यक्ति को एक लाइसेंस मिलता था.
- नई नीति में एक शख़्स दो दर्जन से ज़्यादा लाइसेंस ले सकता था.
- पहले दिल्ली में 60 फीसदी शराब की बिक्री 4 सरकारी कॉर्पोरेशन से होती थी. लेकिन नई शराब नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती थी.
- शराब बिक्री का कमीशन 5 फ़ीसदी से बढ़ाकर 12 फ़ीसदी किया गया.
- थोक का लाइसेंस शराब वितरक और शराब निर्माता कंपनियों को भी दे दिया गया जो कि उल्लंघन है.
- नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती थी.
- लाइसेंस देने से पहले आर्थिक या आपराधिक कोई जांच नहीं की गई.
- CAG की रिपोर्ट में ख़ुलासा हुआ कि शराब लाइसेंस देने में राजनीतिक दख़ल और भाई भतीजावाद हुआ.पू
- पूर्व की सरकारों ने ये बात फैलाई कि CAG की रिपोर्ट स्पीकर को दे दी गई है.
- हाईकोर्ट ने कहा था कि CAG की रिपोर्ट को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता है.
बता दें दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को सदन के दूसरे दिन दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया और बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की फोटो को कई दफ्तरों से हटाए जाने का विरोध किया. इसके बाद आतिशी समेत सभी आप विधायकों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया है और सभी निलंबित विधायक दिल्ली विधानसभा के बाहर आकर धरने पर बैठ गए हैं. आम आदमी पार्टी के विधायक हाथों में बाबासाहेब की फोटो लेकर बैठे हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
विधानसभा से पूरे दिन के लिए निलंबित किए जाने के बाद आप विधायक संजीव झा ने कहा, "कल सीएम ऑफिस में डॉ. बीआर अंबेडकर की तस्वीर की जगह पीएम मोदी की तस्वीर लगा दी गई. जब हमने स्पीकर से पूछा कि क्या पीएम मोदी डॉ. बीआर अंबेडकर से बड़े हैं, तो उन्होंने हमें निलंबित कर दिया."
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दिल्ली विधानसभा में शराब नीति पर CAG की रिपोर्ट पेश, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता बोले- दबा दी गई थी रिपोर्ट
JAGRAN DESK
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आबकारी नीति 2024 पर कैग रिपोर्ट आज दिल्ली विधानसभा में पेश कर दी है. इस दौरान दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह जानकर आश्चर्य होता है कि CAG की रिपोर्ट 2017-18 के बाद विधानसभा में पेश नहीं की गई है. इस संबंध में तत्कालीन विपक्ष के नेता यानी मैंने और विपक्ष के पांच अन्य नेताओं ने राष्ट्रपति जी, विधानसभा अध्यक्ष जी से अनुरोध किया था कि इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया जाए. आप की सरकार कैग की रिपोर्ट को दबाया. कैग की रिपोर्ट एलजी के पास नहीं भेजी गई.
क्या है CAG रिपोर्ट में
- नई आबकारी नीति से दिल्ली सरकार को क़रीब 2000 हज़ार करोड़ का घाटा लगा है
- नई शराब नीति में पहले के एक व्यक्ति को एक लाइसेंस मिलता था.
- नई नीति में एक शख़्स दो दर्जन से ज़्यादा लाइसेंस ले सकता था.
- पहले दिल्ली में 60 फीसदी शराब की बिक्री 4 सरकारी कॉर्पोरेशन से होती थी. लेकिन नई शराब नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती थी.
- शराब बिक्री का कमीशन 5 फ़ीसदी से बढ़ाकर 12 फ़ीसदी किया गया.
- थोक का लाइसेंस शराब वितरक और शराब निर्माता कंपनियों को भी दे दिया गया जो कि उल्लंघन है.
- नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती थी.
- लाइसेंस देने से पहले आर्थिक या आपराधिक कोई जांच नहीं की गई.
- CAG की रिपोर्ट में ख़ुलासा हुआ कि शराब लाइसेंस देने में राजनीतिक दख़ल और भाई भतीजावाद हुआ.पू
- पूर्व की सरकारों ने ये बात फैलाई कि CAG की रिपोर्ट स्पीकर को दे दी गई है.
- हाईकोर्ट ने कहा था कि CAG की रिपोर्ट को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता है.
बता दें दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को सदन के दूसरे दिन दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया और बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की फोटो को कई दफ्तरों से हटाए जाने का विरोध किया. इसके बाद आतिशी समेत सभी आप विधायकों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया है और सभी निलंबित विधायक दिल्ली विधानसभा के बाहर आकर धरने पर बैठ गए हैं. आम आदमी पार्टी के विधायक हाथों में बाबासाहेब की फोटो लेकर बैठे हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
विधानसभा से पूरे दिन के लिए निलंबित किए जाने के बाद आप विधायक संजीव झा ने कहा, "कल सीएम ऑफिस में डॉ. बीआर अंबेडकर की तस्वीर की जगह पीएम मोदी की तस्वीर लगा दी गई. जब हमने स्पीकर से पूछा कि क्या पीएम मोदी डॉ. बीआर अंबेडकर से बड़े हैं, तो उन्होंने हमें निलंबित कर दिया."
