- Hindi News
- देश विदेश
- सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को राहत, एशियन गेम्स ट्रायल में लेंगी हिस्सा
सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को राहत, एशियन गेम्स ट्रायल में लेंगी हिस्सा
नेशनल डेस्क
WFI की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, दिल्ली में ट्रायल देंगी विनेश
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी WFI की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में विनेश की भागीदारी रोकने की मांग की गई थी। इसके बाद अब विनेश 30 और 31 मई को दिल्ली में होने वाले ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी। इन ट्रायल्स के जरिए सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खेल जगत में इस मामले को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने WFI की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी विनेश फोगाट को राहत दे चुका था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाए। इसके लिए ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तथा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया था।
दरअसल पूरा विवाद विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी को लेकर शुरू हुआ था। पेरिस ओलिंपिक 2024 में डिसक्वालीफाई होने के बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। उस समय देशभर में उनके समर्थन में माहौल बना था। विनेश ने 50 किलो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन फाइनल से पहले वजन जांच में उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। इसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस घटना के बाद उन्होंने भावुक पोस्ट करते हुए संन्यास की घोषणा की थी।
हालांकि बाद में दिसंबर 2025 में उन्होंने अपने फैसले को वापस ले लिया। विनेश ने कहा था कि वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में देश के लिए फिर से मेडल जीतना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की और प्रतियोगिताओं में वापसी की तैयारी में जुट गईं। लेकिन इसी दौरान WFI ने उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
रेसलिंग फेडरेशन का कहना था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। WFI ने आरोप लगाया कि विनेश ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की और नियमों का उल्लंघन किया। फेडरेशन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है।
इसी फैसले के खिलाफ विनेश फोगाट ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने WFI की चयन नीति और नोटिस को चुनौती दी थी। पहले सिंगल बेंच से उन्हें राहत नहीं मिली, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद WFI सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी फेडरेशन की याचिका खारिज कर दी है।
विनेश फोगाट पिछले कुछ वर्षों में सिर्फ अपने खेल की वजह से ही नहीं, बल्कि कई विवादों और आंदोलनों को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। जनवरी 2023 में उन्होंने साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उस दौरान तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। विनेश ने सार्वजनिक रूप से रोते हुए कहा था कि महिला खिलाड़ियों के साथ गलत व्यवहार होता है और खिलाड़ियों की आवाज नहीं सुनी जाती।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि वह खुद भी उन महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुश्ती संघ में खिलाड़ियों के चयन और रेफरी नियुक्ति तक में पक्षपात होता है। उनके इन आरोपों के बाद देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि यदि आरोप साबित हो जाएं तो वह फांसी पर लटकने को तैयार हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को राहत, एशियन गेम्स ट्रायल में लेंगी हिस्सा
नेशनल डेस्क
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी WFI की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में विनेश की भागीदारी रोकने की मांग की गई थी। इसके बाद अब विनेश 30 और 31 मई को दिल्ली में होने वाले ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी। इन ट्रायल्स के जरिए सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खेल जगत में इस मामले को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने WFI की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी विनेश फोगाट को राहत दे चुका था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाए। इसके लिए ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तथा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया था।
दरअसल पूरा विवाद विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी को लेकर शुरू हुआ था। पेरिस ओलिंपिक 2024 में डिसक्वालीफाई होने के बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। उस समय देशभर में उनके समर्थन में माहौल बना था। विनेश ने 50 किलो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन फाइनल से पहले वजन जांच में उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। इसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस घटना के बाद उन्होंने भावुक पोस्ट करते हुए संन्यास की घोषणा की थी।
हालांकि बाद में दिसंबर 2025 में उन्होंने अपने फैसले को वापस ले लिया। विनेश ने कहा था कि वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में देश के लिए फिर से मेडल जीतना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की और प्रतियोगिताओं में वापसी की तैयारी में जुट गईं। लेकिन इसी दौरान WFI ने उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
रेसलिंग फेडरेशन का कहना था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। WFI ने आरोप लगाया कि विनेश ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की और नियमों का उल्लंघन किया। फेडरेशन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है।
इसी फैसले के खिलाफ विनेश फोगाट ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने WFI की चयन नीति और नोटिस को चुनौती दी थी। पहले सिंगल बेंच से उन्हें राहत नहीं मिली, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद WFI सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी फेडरेशन की याचिका खारिज कर दी है।
विनेश फोगाट पिछले कुछ वर्षों में सिर्फ अपने खेल की वजह से ही नहीं, बल्कि कई विवादों और आंदोलनों को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। जनवरी 2023 में उन्होंने साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उस दौरान तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। विनेश ने सार्वजनिक रूप से रोते हुए कहा था कि महिला खिलाड़ियों के साथ गलत व्यवहार होता है और खिलाड़ियों की आवाज नहीं सुनी जाती।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि वह खुद भी उन महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुश्ती संघ में खिलाड़ियों के चयन और रेफरी नियुक्ति तक में पक्षपात होता है। उनके इन आरोपों के बाद देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि यदि आरोप साबित हो जाएं तो वह फांसी पर लटकने को तैयार हैं।
