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"अंतर्राष्ट्रीय काशी विश्वनाथ साहित्य शिरोमणि सम्मान" से सुरेश सोनपुरे "अजनबी" सम्मानित
Digital Desk
प्रगति विचार एवं साहित्य मंच बुलन्द शहर के संस्थापक डॉ हरेन्द्र हर्ष एवं चारु साहित्य प्रतिष्ठान विराट नगर नेपाल के अध्यक्ष डॉ देवी पंथी के संयुक्त सौजन्य से "भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय साहित्य/संस्कृतिक मैत्री सम्मेलन का भव्य आयोजन श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुण्ड वाराणसी मे सफलता एवं सार्थकता के साथ सम्पन्न हुआ।
डॉ घनश्याम न्यौपाने,कुलपति बर्दघाट प्रज्ञा प्रतिष्ठान लुम्बनी नेपाल की अध्यक्षता एवं प्रियम्बदा दास उड़ीसा,राव शिवराज सिंह जयपुर,डॉ प्रियंका श्रीवास्तव भोपाल,डॉ शिवनाथ सिंह "शिव" रायबरेली,प्रतिभा त्रिपाठी उड़ीसा,ममता मृदुल काठमांडू, शरत मिश्रा भुवनेश्वर,डॉ अनिता मेहता पुणे,डॉ वीणा पाणी भुवनेश्वर,जगदीश चंद्र पांडे,नैनीताल,विमला व्यास प्रयागराज के विशिष्ट आतिथ्य मे गीत, गजल,कविता,चारु,लघु कथा, शोध पत्र वाचन आदि सत्रों में दोनों देशों के लगभग 100 साहित्यकारों /रचनाकारों ने भाग लिया।
विभिन्न साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।मध्य प्रदेश से तीन रचनाकार सुरेश सोनपुरे"अजनबी "भोपाल,डॉ प्रियंका श्रीवास्तव भोपाल,कमलेश शर्मा सीहोर सम्मिलित हुए।
सुरेश सोनपुरे ने"सीधे सादे भोले भाले हम सच्चे बन जाएं अभी अभी एक सपना देखा हम बच्चे बन जाएं" भाव पूर्ण रचना प्रस्तुत कर रचनाकारों को भाव विभोर कर दिया। मंचासिन अतिथियों ने साहित्य,संस्कृति,एवं समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु सुरेश सोनपुरे "अजनबी" सेवा निवृत्त अधिकारी बी एच ई एल भोपाल एवं डॉ प्रियंका श्रीवास्तव,कमलेश शर्मा को "अंतर्राष्ट्रीय काशी विश्वनाथ साहित्य शिरोमणि सम्मान" से सम्मानित किया। ममता मृदुल एवं गोविंद पॉल भिलाई ने कार्यक्रम का रोचक संचालन किया।

