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‘टैरिफ’ मेरा पसंदीदा शब्द: ट्रम्प का दावा—नीतियों से रोकी जंगें, बढ़ा अमेरिकी खजाना
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व्हाइट हाउस से संबोधन में राष्ट्रपति का आत्मविश्वास, विपक्ष ने कहा—भाषण में सिर्फ ‘मैं’ ही गूंजा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने कार्यकाल के 11 महीने पूरे होने पर व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि “टैरिफ” उनका पसंदीदा अंग्रेजी शब्द है। ट्रम्प ने दावा किया कि टैरिफ नीति के जरिए उन्होंने न केवल अमेरिका की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाया, बल्कि अपने कार्यकाल के शुरुआती महीनों में दुनिया भर में कई संघर्षों को टलने में भी भूमिका निभाई। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर बहस तेज है।
क्सिको, ब्राजील और भारत समेत कई देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिका को उम्मीद से कहीं अधिक राजस्व मिला है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता संभालते समय उन्हें गंभीर आर्थिक और वैश्विक चुनौतियां विरासत में मिली थीं। ट्रम्प के अनुसार, उनकी नीतियों के चलते अब दुनिया अमेरिका का मजाक नहीं उड़ाती, बल्कि उसका सम्मान करती है।
हालांकि ट्रम्प ने महंगाई और आम लोगों के खर्च पर विस्तार से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने दावा किया कि किराने का सामान, कारें और रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो रही हैं। राष्ट्रपति का कहना था कि ऊर्जा और भोजन की कीमतें नियंत्रण में लाई जा रही हैं। इसके उलट, कई स्वतंत्र रिपोर्टें बताती हैं कि खाद्य और ऊर्जा कीमतों में अब भी बढ़ोतरी बनी हुई है, और टैरिफ को भी लागत बढ़ने का एक कारण माना जा रहा है।डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रम्प के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कई भ्रामक दावे किए। वहीं कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि पूरे भाषण में उन्हें सिर्फ एक ही शब्द सुनाई दिया—“मैं”।
प्रवासियों पर सख्त रुख
भाषण के दौरान ट्रम्प ने अवैध प्रवासियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासी अमेरिकी नौकरियां छीन रहे हैं, आवास संकट बढ़ा रहे हैं और सार्वजनिक सेवाओं पर बोझ डाल रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों और रिपोर्टों के मुताबिक प्रवासी कृषि और निर्माण जैसे क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और कर के रूप में बड़ी राशि लौटाते हैं।
भारत और टैरिफ का मुद्दा
ट्रम्प ने भारत पर लगाए गए टैरिफ का भी उल्लेख किया और संकेत दिया कि भविष्य में इन्हें घटाया जा सकता है। उन्होंने पहले भी कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच नए व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति के इस बयान को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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क्सिको, ब्राजील और भारत समेत कई देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिका को उम्मीद से कहीं अधिक राजस्व मिला है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता संभालते समय उन्हें गंभीर आर्थिक और वैश्विक चुनौतियां विरासत में मिली थीं। ट्रम्प के अनुसार, उनकी नीतियों के चलते अब दुनिया अमेरिका का मजाक नहीं उड़ाती, बल्कि उसका सम्मान करती है।
हालांकि ट्रम्प ने महंगाई और आम लोगों के खर्च पर विस्तार से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने दावा किया कि किराने का सामान, कारें और रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो रही हैं। राष्ट्रपति का कहना था कि ऊर्जा और भोजन की कीमतें नियंत्रण में लाई जा रही हैं। इसके उलट, कई स्वतंत्र रिपोर्टें बताती हैं कि खाद्य और ऊर्जा कीमतों में अब भी बढ़ोतरी बनी हुई है, और टैरिफ को भी लागत बढ़ने का एक कारण माना जा रहा है।डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रम्प के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कई भ्रामक दावे किए। वहीं कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि पूरे भाषण में उन्हें सिर्फ एक ही शब्द सुनाई दिया—“मैं”।
प्रवासियों पर सख्त रुख
भाषण के दौरान ट्रम्प ने अवैध प्रवासियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासी अमेरिकी नौकरियां छीन रहे हैं, आवास संकट बढ़ा रहे हैं और सार्वजनिक सेवाओं पर बोझ डाल रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों और रिपोर्टों के मुताबिक प्रवासी कृषि और निर्माण जैसे क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और कर के रूप में बड़ी राशि लौटाते हैं।
भारत और टैरिफ का मुद्दा
ट्रम्प ने भारत पर लगाए गए टैरिफ का भी उल्लेख किया और संकेत दिया कि भविष्य में इन्हें घटाया जा सकता है। उन्होंने पहले भी कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच नए व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति के इस बयान को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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