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ईरान तनाव की चपेट में: राष्ट्रपति पेजेशकियन का अमेरिका-इजराइल और यूरोप को चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
जून 2025 के 12 दिन के युद्ध के बाद ईरान ने तैयारियां और सख्त कीं, राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का किया आह्वान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उनका देश अमेरिका, इजराइल और यूरोप के साथ पूरी तरह से जंग की स्थिति में है। राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिमी शक्तियां ईरान को दबाने और उसे “घुटनों पर लाने” की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब देश पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
यह बयान ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया। पेजेशकियन ने इस युद्ध को 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध से भी जटिल बताया, जिसमें लाखों लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दबाव आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक तीनों स्तरों पर बढ़ गया है, जो पारंपरिक युद्ध से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में मुलाकात करने वाले हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और संभावित सैन्य कार्रवाई होगी। पेजेशकियन ने देशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय एकता बनाए रखें और आंतरिक विभाजन की कोशिशों से सावधान रहें।
कैसे प्रभावित हुआ ईरान
जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन का युद्ध हुआ, जिसमें ईरान के 1000 से अधिक लोग मारे गए, जबकि इजराइल में 28 लोगों की मौत हुई। अमेरिका ने तीन ईरानी परमाणु साइटों पर हमले किए और वैश्विक तनाव बढ़ा। इस युद्ध का मुख्य कारण ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पटरी से उतारना था।
आर्थिक और सैन्य स्थिति
ईरान अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के तहत पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहा है। तेल निर्यात में कमी और मुद्रास्फीति ने अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाला है। पेजेशकियन ने दावा किया कि जून 2025 के हमलों के बावजूद ईरान की सेना अब पहले से अधिक सक्षम और मजबूत है।
मानवीय और राजनीतिक प्रभाव
यदि यह तनाव पूर्ण पैमाने के युद्ध में बदलता है, तो ईरान में नागरिक विस्थापन, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में बाधा और खाद्य-सुरक्षा संकट पैदा हो सकता है। आंतरिक असंतोष और राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ने की संभावना है।
वैश्विक असर
सैन्य संघर्ष से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। इसके बावजूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उनका देश अमेरिका, इजराइल और यूरोप के साथ पूरी तरह से जंग की स्थिति में है। राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिमी शक्तियां ईरान को दबाने और उसे “घुटनों पर लाने” की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब देश पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
यह बयान ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया। पेजेशकियन ने इस युद्ध को 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध से भी जटिल बताया, जिसमें लाखों लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दबाव आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक तीनों स्तरों पर बढ़ गया है, जो पारंपरिक युद्ध से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में मुलाकात करने वाले हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और संभावित सैन्य कार्रवाई होगी। पेजेशकियन ने देशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय एकता बनाए रखें और आंतरिक विभाजन की कोशिशों से सावधान रहें।
कैसे प्रभावित हुआ ईरान
जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन का युद्ध हुआ, जिसमें ईरान के 1000 से अधिक लोग मारे गए, जबकि इजराइल में 28 लोगों की मौत हुई। अमेरिका ने तीन ईरानी परमाणु साइटों पर हमले किए और वैश्विक तनाव बढ़ा। इस युद्ध का मुख्य कारण ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पटरी से उतारना था।
आर्थिक और सैन्य स्थिति
ईरान अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के तहत पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहा है। तेल निर्यात में कमी और मुद्रास्फीति ने अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाला है। पेजेशकियन ने दावा किया कि जून 2025 के हमलों के बावजूद ईरान की सेना अब पहले से अधिक सक्षम और मजबूत है।
मानवीय और राजनीतिक प्रभाव
यदि यह तनाव पूर्ण पैमाने के युद्ध में बदलता है, तो ईरान में नागरिक विस्थापन, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में बाधा और खाद्य-सुरक्षा संकट पैदा हो सकता है। आंतरिक असंतोष और राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ने की संभावना है।
वैश्विक असर
सैन्य संघर्ष से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। इसके बावजूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है।
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