मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव, ट्रंप के सख्त रुख से ईरान-अमेरिका टकराव गहरा हुआ

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क

By Rohit.P
On

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ा। ट्रंप ने कहा ईरान ने पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई, शांति प्रस्ताव पर संदेह से अमेरिका-ईरान टकराव गहरा गया।

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है और साफ संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन फिलहाल नरमी के मूड में नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछले कई दशकों में जो किया है, उसकी “पर्याप्त कीमत अभी तक नहीं चुकाई है। यही बयान अब मिडिल ईस्ट में नई बेचैनी की वजह बन गया है। हालात ऐसे वक्त में बिगड़ते दिख रहे हैं जब तेहरान की तरफ से नया शांति प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि अमेरिका उसे आसानी से मानने वाला नहीं है।

ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह ईरान की ओर से आए नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल यह नहीं लगता कि यह अमेरिका के लिए स्वीकार्य होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से तनाव चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए 14 सूत्री प्रस्ताव भेजा है, जिसमें युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य दबाव कम करने की मांग की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह प्रस्ताव युद्धविराम बढ़ाने से ज्यादा सीधे टकराव खत्म करने पर केंद्रित है।

उधर ईरान की तरफ से भी रुख नरम नहीं दिख रहा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी (IRGS) ने साफ कहा है कि अब अमेरिका के पास फैसले की गुंजाइश काफी सीमित बची है। तेहरान से जुड़े हलकों में यह संदेश दिया जा रहा है कि दबाव की राजनीति अब ज्यादा देर नहीं चल सकती। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने रविवार को कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना था कि युद्ध से पहले जैसी स्थिति अब लौटने वाली नहीं है। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है और यहां तनातनी का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ता है।

 

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र से आ रही खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। रविवार को होर्मुज के पास एक कार्गो शिप पर हमले की खबर सामने आई, जिसने समुद्री सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए। क्षेत्र में पहले ही जहाजों की आवाजाही प्रभावित है और अमेरिका ने फंसे जहाजों को निकालने के लिए नई समुद्री योजना का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज में फंसे जहाजों को “फ्री कराने में मदद करेगा। हालांकि इस योजना को ईरान ने सीधे चुनौती की तरह देखा है। ऐसे में समुद्र, तेल और सैन्य दबाव तीनों मोर्चों पर तनाव एक साथ बढ़ता दिख रहा है।

कूटनीतिक स्तर पर बातचीत पूरी तरह टूटी नहीं है, लेकिन जमीन पर हालात भरोसेमंद नहीं लग रहे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी से बातचीत की है। ओमान पहले भी अमेरिका-ईरान संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। इसके बावजूद जिस तरह दोनों तरफ से बयान आ रहे हैं, उससे यही लग रहा है कि बातचीत फिलहाल सिर्फ औपचारिकता भर रह गई है। मिडिल ईस्ट में जंग की आशंका अभी टली नहीं है, बल्कि हालात बता रहे हैं कि आने वाले कुछ दिन और ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
04 May 2026 By Rohit.P

मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव, ट्रंप के सख्त रुख से ईरान-अमेरिका टकराव गहरा हुआ

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है और साफ संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन फिलहाल नरमी के मूड में नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछले कई दशकों में जो किया है, उसकी “पर्याप्त कीमत अभी तक नहीं चुकाई है। यही बयान अब मिडिल ईस्ट में नई बेचैनी की वजह बन गया है। हालात ऐसे वक्त में बिगड़ते दिख रहे हैं जब तेहरान की तरफ से नया शांति प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि अमेरिका उसे आसानी से मानने वाला नहीं है।

ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह ईरान की ओर से आए नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल यह नहीं लगता कि यह अमेरिका के लिए स्वीकार्य होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से तनाव चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए 14 सूत्री प्रस्ताव भेजा है, जिसमें युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य दबाव कम करने की मांग की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह प्रस्ताव युद्धविराम बढ़ाने से ज्यादा सीधे टकराव खत्म करने पर केंद्रित है।

उधर ईरान की तरफ से भी रुख नरम नहीं दिख रहा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी (IRGS) ने साफ कहा है कि अब अमेरिका के पास फैसले की गुंजाइश काफी सीमित बची है। तेहरान से जुड़े हलकों में यह संदेश दिया जा रहा है कि दबाव की राजनीति अब ज्यादा देर नहीं चल सकती। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने रविवार को कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना था कि युद्ध से पहले जैसी स्थिति अब लौटने वाली नहीं है। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है और यहां तनातनी का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ता है।

 

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र से आ रही खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। रविवार को होर्मुज के पास एक कार्गो शिप पर हमले की खबर सामने आई, जिसने समुद्री सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए। क्षेत्र में पहले ही जहाजों की आवाजाही प्रभावित है और अमेरिका ने फंसे जहाजों को निकालने के लिए नई समुद्री योजना का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज में फंसे जहाजों को “फ्री कराने में मदद करेगा। हालांकि इस योजना को ईरान ने सीधे चुनौती की तरह देखा है। ऐसे में समुद्र, तेल और सैन्य दबाव तीनों मोर्चों पर तनाव एक साथ बढ़ता दिख रहा है।

कूटनीतिक स्तर पर बातचीत पूरी तरह टूटी नहीं है, लेकिन जमीन पर हालात भरोसेमंद नहीं लग रहे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी से बातचीत की है। ओमान पहले भी अमेरिका-ईरान संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। इसके बावजूद जिस तरह दोनों तरफ से बयान आ रहे हैं, उससे यही लग रहा है कि बातचीत फिलहाल सिर्फ औपचारिकता भर रह गई है। मिडिल ईस्ट में जंग की आशंका अभी टली नहीं है, बल्कि हालात बता रहे हैं कि आने वाले कुछ दिन और ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tension-will-increase-again-in-the-middle-east-iran-america-conflict/article-52662

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.