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जगतगुरु सतीशाचार्य के मार्गदर्शन में सनातन धर्म और शिक्षा पर होगा शोध
JAGRAN DESK
संस्कृति विश्वविद्यालय की शिक्षा समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विश्वविद्यालय में सनातन पर शिक्षा और शोध कराने का निर्णय लिया है। इस विशेष शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर के स्वामी जगतगुरु सतीशाचार्य महाराज को प्रो० चांसलर नियुक्त किया है जिसे जगतगुरु ने आज आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया ।
जगतगुरु के इस निर्णय से उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। समूचा हिन्दू समाज गुरूदेव के इस निर्णय पर अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा है। जगतगुरु स्वामी सतीश आचार्य की विद्वता, ज्योतिष शास्त्र में निपुणता, वेद-पुराण पर वर्षो से किए गए शोध को देखते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता का निर्णय समूचे सनातनियों, वैष्णवों एवं धर्म में अभिरुचि लेने वाले तमाम लोगों के लिये अनूठा व सराहनीय कदम है |
संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जगतगुरु सतीशाचार्य के निर्देशन और देखरेख में यह महत्वपूर्ण और सामाजिक कार्य किया जाएगा। बताते चलें कि जगतगुरु सतीशाचार्य महाराज को सनातन के ऊपर विशेष ज्ञान प्राप्त है और बड़े बड़े आयोजनों में वे अपने व्याख्यान देते रहते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने एक बड़ी सभा में कुंभ क्या है, इसका क्या महत्व है, सनातन धर्म में गंगा, यमुना, सरस्वती और त्रिवेणी की क्या महिमा है, और कुटुंब प्रबंधन पर इसका क्या प्रभाव और लाभ है इसका व्याख्यान कर अपने ज्ञान से सबको लाभांवित किया था। पूज्य सतीशाचार्य महाराज वैदिक शास्त्र, प्राचीन ज्योतिष, अंक शास्त्र के ज्ञाता है।
वर्षो की गहन-तपस्या के इन्होंने अनेक सिद्धियां प्राप्त की जिसके आधार पर ये सनातन धर्म को और भी बेहतर तरीके से जानते हैं। उम्मीद ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि इनके मार्गदर्शन से सनातन धर्म की गूढ़ बातों की जानकारी लोगों को होगी और जिन चीजों से अभी हिन्दू समाज अनभिज्ञ है उनको शोध के द्वारा वैज्ञानिक तरीके से समझाई जाएगी। जिससे वे सनातन धर्म को भली भांति समझ सके।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमबी चेट्टी, सीईओ डॉ मीनाक्षी शर्मा आदि ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सनातन की शिक्षा और शोध कराने की सोच को साधुवाद दिया है।
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जगतगुरु सतीशाचार्य के मार्गदर्शन में सनातन धर्म और शिक्षा पर होगा शोध
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संस्कृति विश्वविद्यालय की शिक्षा समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विश्वविद्यालय में सनातन पर शिक्षा और शोध कराने का निर्णय लिया है। इस विशेष शिक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर के स्वामी जगतगुरु सतीशाचार्य महाराज को प्रो० चांसलर नियुक्त किया है जिसे जगतगुरु ने आज आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया ।
जगतगुरु के इस निर्णय से उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। समूचा हिन्दू समाज गुरूदेव के इस निर्णय पर अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा है। जगतगुरु स्वामी सतीश आचार्य की विद्वता, ज्योतिष शास्त्र में निपुणता, वेद-पुराण पर वर्षो से किए गए शोध को देखते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता का निर्णय समूचे सनातनियों, वैष्णवों एवं धर्म में अभिरुचि लेने वाले तमाम लोगों के लिये अनूठा व सराहनीय कदम है |
संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जगतगुरु सतीशाचार्य के निर्देशन और देखरेख में यह महत्वपूर्ण और सामाजिक कार्य किया जाएगा। बताते चलें कि जगतगुरु सतीशाचार्य महाराज को सनातन के ऊपर विशेष ज्ञान प्राप्त है और बड़े बड़े आयोजनों में वे अपने व्याख्यान देते रहते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने एक बड़ी सभा में कुंभ क्या है, इसका क्या महत्व है, सनातन धर्म में गंगा, यमुना, सरस्वती और त्रिवेणी की क्या महिमा है, और कुटुंब प्रबंधन पर इसका क्या प्रभाव और लाभ है इसका व्याख्यान कर अपने ज्ञान से सबको लाभांवित किया था। पूज्य सतीशाचार्य महाराज वैदिक शास्त्र, प्राचीन ज्योतिष, अंक शास्त्र के ज्ञाता है।
वर्षो की गहन-तपस्या के इन्होंने अनेक सिद्धियां प्राप्त की जिसके आधार पर ये सनातन धर्म को और भी बेहतर तरीके से जानते हैं। उम्मीद ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि इनके मार्गदर्शन से सनातन धर्म की गूढ़ बातों की जानकारी लोगों को होगी और जिन चीजों से अभी हिन्दू समाज अनभिज्ञ है उनको शोध के द्वारा वैज्ञानिक तरीके से समझाई जाएगी। जिससे वे सनातन धर्म को भली भांति समझ सके।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमबी चेट्टी, सीईओ डॉ मीनाक्षी शर्मा आदि ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सनातन की शिक्षा और शोध कराने की सोच को साधुवाद दिया है।
