डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर भारत का नया इंजन बनेगा यूपी, प्रस्तावित कॉन्क्लेव से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ, UP

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश रक्षा और एफडीआई कॉन्क्लेव-2026 आयोजित करने की तैयारी है। प्रस्तावित कॉन्क्लेव का आयोजन लखनऊ में किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) में डिफेंस इंडस्ट्री की स्थापना, निवेश आकर्षण और औद्योगिक विस्तार पर विशेष फोकस रहेगा। कॉन्क्लेव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। इसके माध्यम से उद्योग जगत, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू), एयरोस्पेस कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
 
यूपी डिफेंस कॉरिडोर की ताकत का होगा प्रदर्शन
प्रस्तावित एजेंडे के अनुसार कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राज्य की रणनीतिक लोकेशन, मजबूत एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक भूमि उपलब्धता, सिंगल विंडो सुविधा और बेहतर कानून व्यवस्था को निवेश के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। कॉन्क्लेव में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के साथ उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं भी प्रस्तावित हैं। इनमें प्रमुख रूप से “डिफेंस और एयरोस्पेस इन्वेस्टमेंट के लिए उत्तर प्रदेश क्यों?”, “यूपी एयरोस्पेस और रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024”, “रक्षा क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी” और “यूपी डिफेंस कॉरिडोर को बढ़ावा देने में डीपीएसयू और सरकारी संस्थानों की भूमिका” जैसे विषय शामिल हैं।
 
रक्षा उत्पादन सचिव और मुख्यमंत्री का विजन रहेगा केंद्र में
कॉन्क्लेव में भारत सरकार के रक्षा उत्पादन सचिव द्वारा रक्षा क्षेत्र के भविष्य को लेकर विजन और मार्गदर्शन दिए जाने का प्रस्ताव है। वहीं प्रस्ताव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन और एयरोस्पेस सेक्टर में अग्रणी राज्य बनाने की रणनीति प्रस्तुत किया जाना भी शामिल है। कार्यक्रम में स्टेकहोल्डर्स के बीच बी2जी और बी2बी इंटरैक्शन भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योग और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके।
 
डिफेंस सेक्टर के लिए यूपी की बड़ी ताकतें होंगी हाईलाइट
कॉन्क्लेव के दौरान जिन प्रमुख बिंदुओं को प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें रणनीतिक स्थान, कनेक्टिविटी और औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, कुशल कार्यबल और परीक्षण सुविधाएं, राजकोषीय प्रोत्साहन एवं अनुसंधान एवं विकास सहयोग, सिंगल विंडो सिस्टम और सुव्यवस्थित अनुदान व्यवस्था, डीपीएसयू एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सहभागिता तथा रक्षा निर्माण क्षमताएं शामिल हैं।
 
देश की बड़ी कंपनियां और संस्थान होंगे आमंत्रित
प्रस्तावित सूची के अनुसार कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एचएएल, बीईएल, बीईएमएल जैसी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां तथा टाटा, अडानी, बोइंग, एयरबस और लॉकहीड मार्टिन जैसी बड़ी इंडस्ट्री कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डीआरडीओ, एनएएल और बीआईएस जैसी इंडस्ट्री एसोसिएशंस एवं एजेंसियां भी सहभागिता करेंगी। एमएसएमई सेक्टर से एमकेयू लि., पीटीसी इंडस्ट्रीज, आइडियाफोर्ज और स्काईरूट जैसी कंपनियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
 
निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर रहेगा फोकस
कॉन्क्लेव से कई महत्वपूर्ण परिणामों की अपेक्षा की जा रही है। इनमें संभावित निवेशों के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर, कॉरिडोर विस्तार के लिए रणनीतिक रोडमैप, परीक्षण एवं सर्टिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी, लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, फिस्कल इंसेंटिव और पॉलिसी सपोर्ट की जानकारी तथा तकनीकी आधारित रोजगार अवसरों का सृजन प्रमुख हैं। योगी सरकार पहले ही उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को राज्य की ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बना चुकी है। ऐसे में प्रस्तावित डिफेंस एवं एफडीआई कॉन्क्लेव-2026 को प्रदेश में रक्षा उत्पादन, विदेशी निवेश और उच्च तकनीकी रोजगार के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
25 May 2026 By दैनिक जागरण

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर भारत का नया इंजन बनेगा यूपी, प्रस्तावित कॉन्क्लेव से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ, UP

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश रक्षा और एफडीआई कॉन्क्लेव-2026 आयोजित करने की तैयारी है। प्रस्तावित कॉन्क्लेव का आयोजन लखनऊ में किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) में डिफेंस इंडस्ट्री की स्थापना, निवेश आकर्षण और औद्योगिक विस्तार पर विशेष फोकस रहेगा। कॉन्क्लेव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। इसके माध्यम से उद्योग जगत, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू), एयरोस्पेस कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
 
यूपी डिफेंस कॉरिडोर की ताकत का होगा प्रदर्शन
प्रस्तावित एजेंडे के अनुसार कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राज्य की रणनीतिक लोकेशन, मजबूत एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक भूमि उपलब्धता, सिंगल विंडो सुविधा और बेहतर कानून व्यवस्था को निवेश के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। कॉन्क्लेव में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के साथ उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं भी प्रस्तावित हैं। इनमें प्रमुख रूप से “डिफेंस और एयरोस्पेस इन्वेस्टमेंट के लिए उत्तर प्रदेश क्यों?”, “यूपी एयरोस्पेस और रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024”, “रक्षा क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी” और “यूपी डिफेंस कॉरिडोर को बढ़ावा देने में डीपीएसयू और सरकारी संस्थानों की भूमिका” जैसे विषय शामिल हैं।
 
रक्षा उत्पादन सचिव और मुख्यमंत्री का विजन रहेगा केंद्र में
कॉन्क्लेव में भारत सरकार के रक्षा उत्पादन सचिव द्वारा रक्षा क्षेत्र के भविष्य को लेकर विजन और मार्गदर्शन दिए जाने का प्रस्ताव है। वहीं प्रस्ताव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन और एयरोस्पेस सेक्टर में अग्रणी राज्य बनाने की रणनीति प्रस्तुत किया जाना भी शामिल है। कार्यक्रम में स्टेकहोल्डर्स के बीच बी2जी और बी2बी इंटरैक्शन भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योग और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके।
 
डिफेंस सेक्टर के लिए यूपी की बड़ी ताकतें होंगी हाईलाइट
कॉन्क्लेव के दौरान जिन प्रमुख बिंदुओं को प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें रणनीतिक स्थान, कनेक्टिविटी और औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, कुशल कार्यबल और परीक्षण सुविधाएं, राजकोषीय प्रोत्साहन एवं अनुसंधान एवं विकास सहयोग, सिंगल विंडो सिस्टम और सुव्यवस्थित अनुदान व्यवस्था, डीपीएसयू एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सहभागिता तथा रक्षा निर्माण क्षमताएं शामिल हैं।
 
देश की बड़ी कंपनियां और संस्थान होंगे आमंत्रित
प्रस्तावित सूची के अनुसार कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, एचएएल, बीईएल, बीईएमएल जैसी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां तथा टाटा, अडानी, बोइंग, एयरबस और लॉकहीड मार्टिन जैसी बड़ी इंडस्ट्री कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डीआरडीओ, एनएएल और बीआईएस जैसी इंडस्ट्री एसोसिएशंस एवं एजेंसियां भी सहभागिता करेंगी। एमएसएमई सेक्टर से एमकेयू लि., पीटीसी इंडस्ट्रीज, आइडियाफोर्ज और स्काईरूट जैसी कंपनियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
 
निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर रहेगा फोकस
कॉन्क्लेव से कई महत्वपूर्ण परिणामों की अपेक्षा की जा रही है। इनमें संभावित निवेशों के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर, कॉरिडोर विस्तार के लिए रणनीतिक रोडमैप, परीक्षण एवं सर्टिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी, लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, फिस्कल इंसेंटिव और पॉलिसी सपोर्ट की जानकारी तथा तकनीकी आधारित रोजगार अवसरों का सृजन प्रमुख हैं। योगी सरकार पहले ही उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को राज्य की ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बना चुकी है। ऐसे में प्रस्तावित डिफेंस एवं एफडीआई कॉन्क्लेव-2026 को प्रदेश में रक्षा उत्पादन, विदेशी निवेश और उच्च तकनीकी रोजगार के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/up-will-become-the-new-engine-of-self-reliant-india-in/article-54199

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.