पत्नी का टॉर्चर, सास का ताना...फर्जी केस झेल रहे मां-बाप की तकलीफ...अतुल ने फिक्स की मौत की डेट, जानिए

JAGRAN DESK

बेंगलुरू के एआई प्रफेशनल के आत्महत्या ने कानून व्यवस्था और परिवारिक ताने-बाने से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। सास-पत्नी के प्रताड़ना से तंग अतुल सुभाष ने मौत से पहले इतनी बारीकी से इस समस्या को रखा कि अब इस पर चारो ओर चर्चा हो रही है। यह सिक्के का दूसरा पहलू है, जो सामने आया है। अतुल ने खुदकुशी से पहले प्लानिंग के साथ अपनी पारिवारिक, वित्तीय और प्रफेशनल जिम्मेदारियां पूरी कीं।

पत्नी का टॉर्चर, सास का ताना, बेटे से नहीं मिलने का गम, कोर्ट रूम में जज साहिबा की हंसी और फर्जी केस झेल रहे मां-बाप की तकलीफ। बेंगलुरू में काम करने वाले अतुल सुभाष ने अपने मौत की तारीख पहले ही तय कर रखी थी। मौत को गले लगाने से पहले अतुल ने पर्सनल और प्रफेशनल जिम्मेदारी पूरा करने का वादा भी पूरा किया। 34 साल के युवा ने अपने कमरे की दीवार पर चेकलिस्ट बना रखी थी। साथ में एक और कागज चिपका रखा था, 'न्याय मिलना चाहिए' पत्नी के तानों और करतूतों से आहत अतुल ने सुसाइड से पहले ऑफिस, घर और परिवार के लिए अपना काम पूरा किया। फिर 24 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा 90 मिनट के वीडियो में अपनी दुखभरी कहानी सुनाई और कई सवालों को छोड़कर जान दे दी।

महीनों पहले की थी आत्महत्या की प्लानिंग, 3 चेकलिस्ट बनाई

बेंगलुरु की टेक कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष पिछले दो साल से झूठे मुकदमों के चक्कर में फंसे थे। अपने सुसाइड नोट में अतुल ने बताया कि वह अपनी पत्नी, सास, साले और चचेरे ससुर ने ऐसे हालात बना दिए, जिससे उन्हें जान देना पड़ रहा है। उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज पर भी संगीन आरोप लगाए हैं उन्होंने जूडिशरी सिस्टम के बारे में राष्ट्रपति को चिट्ठी भी लिखी थी। मौत की प्लानिंग 34 साल के अतुल ने महीने भर पहले कर ली थी। उन्होंने मौत से पहले जरूरी काम निपटाने के लिए चेकलिस्ट को तीन हिस्सों में बांटा था।' जिंदगी के आखिरी दिन से पहले', 'मौत का दिन' और 'अंतिम समय से सुसाइड से पहले' के काम तय किए थे और वैसा किया भी। यह लिस्ट महीनों पहले इतनी सावधानी से बनाई गई थी ताकि उनसे जुड़ा कोई काम पेंडिंग नहीं रहे।

 

मरने से पहले लेन-देन क्लियर, ऑफिस को लौटाया सामान

अपने सुसाइड नोट में उन्होंने सरकारी विभागों की लेटलतीफी का जिक्र किया। अतुल सुभाष ने लिखा कि मुझे अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को पूरा करने में कई महीने लग गए। साथ ही सरकारी ऑफिस का बहुत सारा काम धीमा है, जिसके कारण भी आत्महत्या में देरी हुई। मुझे उम्मीद है कि यह देरी मुझे और मेरे परिवार को परेशान करने वालों और जबरन वसूली करने वालों की मदद नहीं करेगी। खुदकुशी से पहले उन्होंने अपने फोन से फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्नाइजेशन को हटाया, ताकि कोई इसका दुरुपयोग नहीं कर सके। अपने ऑफिस के पेंडिंग काम को पूरा कर आईडी कार्ड, लैपटॉप और चार्जर भी जमा कर दिए। अपना डेटा बैकअप भी तैयार किया। बैंकों और बकायेदारों का भुगतान कर लेन-देन को क्लियर किया।

अंतिम टास्क, स्नान के बाद चाबियां फ्रिज में रखी, मैसेज भेजे और...

सुसाइड वाले दिन के लिए अतुल ने वीडियो बनाने और 24 पन्नों के सुसाइड नोट को स्कैन करने का टास्क रखा था। अंतिम क्षण से पहले वाले टास्क को पूरा करते हुए अतुल सुभाष ने पहले स्नान किया। फिर अपनी कार, बाइक और कमरे की चाबियां फ़्रिज पर रखी और सुसाइड नोट को टेबल पर रखा। सुभाष के भाई विकास ने अपनी शिकायत में बताया कि अतुल ने उसे अलविदा कहते हुए मैसेज भेजे और अपनी कार की लोकेशन गूगल मैप्स के जरिये दी। फिर अपने वकील, एनजीओ और फैमिली मेंबर को भी आखिरी संदेश भेजा। सुसाइड से पहले उसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक -मेल भेजा, जिसमें उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज के बारे में शिकायत की थी।


'
तुम मर जाओगे तो तुम्हारे मां-बाप से पैसे लेंगे'
अपने सुसाइड नोट में सुभाष ने बताया कि कैसे उसकी पत्नी निकिता सिंघानिया और सास निशा सिंघानिया ने मरने के लिए मजबूर किया था। एक वाकया के बारे में बताते हुए बताया कि एक बार उन्होंने जज को कहा था कि फर्जी केस के कारण पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं, तो उनकी पत्नी ने उनसे पूछा था कि तुम क्यों नहीं मर जाते। और तो और, उनकी सास निशा ने भी पूछा था कि उन्होंने अभी तक आत्महत्या क्यों नहीं की? इसके जवाब में अतुल ने सवाल किया था, अगर वह मर जाएंगे तो उसकी बेटी पैसे कैसे लाएगी? तब सास ने कहा कि मरने के बाद वह तुम्हारे मां-बाप से पैसे लाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उसका परिवार जीवन भर कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाता रहे। इस जवाब ने अतुल सुभाष को तोड़ दिया और उसने खुदकुशी की ठान ली। संयोग यह था कि उसी दिन जज ने भी उसका मजाक उड़ाया था।

 

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11 Dec 2024 By दैनिक जागरण

पत्नी का टॉर्चर, सास का ताना...फर्जी केस झेल रहे मां-बाप की तकलीफ...अतुल ने फिक्स की मौत की डेट, जानिए

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पत्नी का टॉर्चर, सास का ताना, बेटे से नहीं मिलने का गम, कोर्ट रूम में जज साहिबा की हंसी और फर्जी केस झेल रहे मां-बाप की तकलीफ। बेंगलुरू में काम करने वाले अतुल सुभाष ने अपने मौत की तारीख पहले ही तय कर रखी थी। मौत को गले लगाने से पहले अतुल ने पर्सनल और प्रफेशनल जिम्मेदारी पूरा करने का वादा भी पूरा किया। 34 साल के युवा ने अपने कमरे की दीवार पर चेकलिस्ट बना रखी थी। साथ में एक और कागज चिपका रखा था, 'न्याय मिलना चाहिए' पत्नी के तानों और करतूतों से आहत अतुल ने सुसाइड से पहले ऑफिस, घर और परिवार के लिए अपना काम पूरा किया। फिर 24 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा 90 मिनट के वीडियो में अपनी दुखभरी कहानी सुनाई और कई सवालों को छोड़कर जान दे दी।

महीनों पहले की थी आत्महत्या की प्लानिंग, 3 चेकलिस्ट बनाई

बेंगलुरु की टेक कंपनी में काम करने वाले अतुल सुभाष पिछले दो साल से झूठे मुकदमों के चक्कर में फंसे थे। अपने सुसाइड नोट में अतुल ने बताया कि वह अपनी पत्नी, सास, साले और चचेरे ससुर ने ऐसे हालात बना दिए, जिससे उन्हें जान देना पड़ रहा है। उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज पर भी संगीन आरोप लगाए हैं उन्होंने जूडिशरी सिस्टम के बारे में राष्ट्रपति को चिट्ठी भी लिखी थी। मौत की प्लानिंग 34 साल के अतुल ने महीने भर पहले कर ली थी। उन्होंने मौत से पहले जरूरी काम निपटाने के लिए चेकलिस्ट को तीन हिस्सों में बांटा था।' जिंदगी के आखिरी दिन से पहले', 'मौत का दिन' और 'अंतिम समय से सुसाइड से पहले' के काम तय किए थे और वैसा किया भी। यह लिस्ट महीनों पहले इतनी सावधानी से बनाई गई थी ताकि उनसे जुड़ा कोई काम पेंडिंग नहीं रहे।

 

मरने से पहले लेन-देन क्लियर, ऑफिस को लौटाया सामान

अपने सुसाइड नोट में उन्होंने सरकारी विभागों की लेटलतीफी का जिक्र किया। अतुल सुभाष ने लिखा कि मुझे अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को पूरा करने में कई महीने लग गए। साथ ही सरकारी ऑफिस का बहुत सारा काम धीमा है, जिसके कारण भी आत्महत्या में देरी हुई। मुझे उम्मीद है कि यह देरी मुझे और मेरे परिवार को परेशान करने वालों और जबरन वसूली करने वालों की मदद नहीं करेगी। खुदकुशी से पहले उन्होंने अपने फोन से फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्नाइजेशन को हटाया, ताकि कोई इसका दुरुपयोग नहीं कर सके। अपने ऑफिस के पेंडिंग काम को पूरा कर आईडी कार्ड, लैपटॉप और चार्जर भी जमा कर दिए। अपना डेटा बैकअप भी तैयार किया। बैंकों और बकायेदारों का भुगतान कर लेन-देन को क्लियर किया।

अंतिम टास्क, स्नान के बाद चाबियां फ्रिज में रखी, मैसेज भेजे और...

सुसाइड वाले दिन के लिए अतुल ने वीडियो बनाने और 24 पन्नों के सुसाइड नोट को स्कैन करने का टास्क रखा था। अंतिम क्षण से पहले वाले टास्क को पूरा करते हुए अतुल सुभाष ने पहले स्नान किया। फिर अपनी कार, बाइक और कमरे की चाबियां फ़्रिज पर रखी और सुसाइड नोट को टेबल पर रखा। सुभाष के भाई विकास ने अपनी शिकायत में बताया कि अतुल ने उसे अलविदा कहते हुए मैसेज भेजे और अपनी कार की लोकेशन गूगल मैप्स के जरिये दी। फिर अपने वकील, एनजीओ और फैमिली मेंबर को भी आखिरी संदेश भेजा। सुसाइड से पहले उसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में एक -मेल भेजा, जिसमें उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज के बारे में शिकायत की थी।


'
तुम मर जाओगे तो तुम्हारे मां-बाप से पैसे लेंगे'
अपने सुसाइड नोट में सुभाष ने बताया कि कैसे उसकी पत्नी निकिता सिंघानिया और सास निशा सिंघानिया ने मरने के लिए मजबूर किया था। एक वाकया के बारे में बताते हुए बताया कि एक बार उन्होंने जज को कहा था कि फर्जी केस के कारण पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं, तो उनकी पत्नी ने उनसे पूछा था कि तुम क्यों नहीं मर जाते। और तो और, उनकी सास निशा ने भी पूछा था कि उन्होंने अभी तक आत्महत्या क्यों नहीं की? इसके जवाब में अतुल ने सवाल किया था, अगर वह मर जाएंगे तो उसकी बेटी पैसे कैसे लाएगी? तब सास ने कहा कि मरने के बाद वह तुम्हारे मां-बाप से पैसे लाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उसका परिवार जीवन भर कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाता रहे। इस जवाब ने अतुल सुभाष को तोड़ दिया और उसने खुदकुशी की ठान ली। संयोग यह था कि उसी दिन जज ने भी उसका मजाक उड़ाया था।

 

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/wifes-torture-mother-in-laws-taunt-sahibas-laughter-atul-fixes-date-of/article-5189

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