- Hindi News
- ओपीनियन
- क्या लोकल ह्यूमर और हॉरर कॉम्बिनेशन भारतीय सिनेमा का नया ट्रेंड है?
क्या लोकल ह्यूमर और हॉरर कॉम्बिनेशन भारतीय सिनेमा का नया ट्रेंड है?
Ankita Suman
हॉरर और कॉमेडी का मेल—क्या यही है भारतीय फिल्मों का नया फेस?
भारतीय सिनेमा लंबे समय तक तीन मुख्य स्टाइल पर केंद्रित रहा है—रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी। हॉरर जॉनर हमेशा ही एक सीमित दर्शक वर्ग तक ही सिमटा रहा था। लेकिन हाल की कुछ फिल्में, जैसे “ज़ोर (ZORR)”, दिखाती हैं कि हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण अब सिर्फ़ मज़ाक या डर का साधन नहीं रहा—यह हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी की थकान, दबाव और हास्यपूर्ण अराजकता को सामने लाने का तरीका बन गया है।
लोकल ह्यूमर, यानी हमारी बोली, हमारी छोटी-छोटी आदतें और हमारे सामाजिक संदर्भ, इस तरह की फिल्में दर्शकों से तुरंत जोड़ते हैं। जब आप स्क्रीन पर किसी ज़ॉम्बी के पागलपन में अपने ऑफिस के बॉस, या रोज़मर्रा की भाग-दौड़ देख पाते हैं, तो हंसी और डर दोनों का अनुभव एक साथ होता है। यही सबसे बड़ी ताकत है इस फॉर्मेट की—यह सिर्फ़ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक सामाजिक आईना भी पेश करता है।
“ज़ोर” जैसी फिल्में यह दिखाती हैं कि हॉरर जॉनर अब केवल ‘सिर्फ डर’ देने के लिए नहीं है। इसमें कॉमिक एलेमेंट्स इंसानी कमजोरी और थकान के साथ मेल खाते हैं। दर्शक अपने जीवन के हिस्सों को स्क्रीन पर देखते हैं और उसी में हंसी और डर दोनों पाते हैं। यह फॉर्मूला भारतीय संदर्भ में खास तौर पर असरदार है, क्योंकि हमारी जिंदगी खुद ही कभी-कभी हॉरर और कभी-कभी कॉमेडी जैसी दिखती है।
मैं मानता हूँ कि यह सिर्फ़ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की क्रिएटिव दिशा में एक नई प्रयोगात्मक राह है। फिल्ममेकर अब लोकल ह्यूमर और हॉरर के संयोजन का इस्तेमाल न केवल मनोरंजन के लिए कर रहे हैं, बल्कि समाज और जीवन की सच्चाई दिखाने के लिए भी कर रहे हैं।
----------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
क्या लोकल ह्यूमर और हॉरर कॉम्बिनेशन भारतीय सिनेमा का नया ट्रेंड है?
Ankita Suman
भारतीय सिनेमा लंबे समय तक तीन मुख्य स्टाइल पर केंद्रित रहा है—रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी। हॉरर जॉनर हमेशा ही एक सीमित दर्शक वर्ग तक ही सिमटा रहा था। लेकिन हाल की कुछ फिल्में, जैसे “ज़ोर (ZORR)”, दिखाती हैं कि हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण अब सिर्फ़ मज़ाक या डर का साधन नहीं रहा—यह हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी की थकान, दबाव और हास्यपूर्ण अराजकता को सामने लाने का तरीका बन गया है।
लोकल ह्यूमर, यानी हमारी बोली, हमारी छोटी-छोटी आदतें और हमारे सामाजिक संदर्भ, इस तरह की फिल्में दर्शकों से तुरंत जोड़ते हैं। जब आप स्क्रीन पर किसी ज़ॉम्बी के पागलपन में अपने ऑफिस के बॉस, या रोज़मर्रा की भाग-दौड़ देख पाते हैं, तो हंसी और डर दोनों का अनुभव एक साथ होता है। यही सबसे बड़ी ताकत है इस फॉर्मेट की—यह सिर्फ़ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक सामाजिक आईना भी पेश करता है।
“ज़ोर” जैसी फिल्में यह दिखाती हैं कि हॉरर जॉनर अब केवल ‘सिर्फ डर’ देने के लिए नहीं है। इसमें कॉमिक एलेमेंट्स इंसानी कमजोरी और थकान के साथ मेल खाते हैं। दर्शक अपने जीवन के हिस्सों को स्क्रीन पर देखते हैं और उसी में हंसी और डर दोनों पाते हैं। यह फॉर्मूला भारतीय संदर्भ में खास तौर पर असरदार है, क्योंकि हमारी जिंदगी खुद ही कभी-कभी हॉरर और कभी-कभी कॉमेडी जैसी दिखती है।
मैं मानता हूँ कि यह सिर्फ़ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की क्रिएटिव दिशा में एक नई प्रयोगात्मक राह है। फिल्ममेकर अब लोकल ह्यूमर और हॉरर के संयोजन का इस्तेमाल न केवल मनोरंजन के लिए कर रहे हैं, बल्कि समाज और जीवन की सच्चाई दिखाने के लिए भी कर रहे हैं।
----------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
