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सम्राट विक्रमादित्य नाट्य मंचन: युवा वर्ग को गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम
अशोक मनवानी ओपीनियन
जनसंपर्क संचालनालय की फीचर श्रृंखला
भारतीय इतिहास में कई प्रतापी शासक हुए हैं, जिनमें सम्राट विक्रमादित्य का नाम विशेष रूप से आता है। न्याय, शौर्य और कालगणना में उनके अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में इस वर्ष बहुआयामी प्रयास किए गए हैं। वार्षिक विक्रमोत्सव, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की स्थापना और राजधानी भोपाल में प्रमुख नाट्य मंचन इसके उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से राजधानी में मुख्यमंत्री निवास के मुख्य द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। नाटक के माध्यम से न केवल युवाओं को हमारे गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया गया, बल्कि रंगमंच की कला को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिला। नई दिल्ली में अप्रैल 2025 में तीन दिन लगातार मंचित यह महानाट्य युवाओं को नाट्य विधा और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन गया।
राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
सम्राट विक्रमादित्य के योगदान को सम्मानित करने हेतु राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। यह पहल शासक के सुशासन, साहस और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है।
मंच पर अन्य प्रतापी शासकों की गाथाएँ
भोपाल के लाल परेड मैदान में पूर्व में "जाणता राजा" का मंचन किया गया था। अब नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के तीन दिन लगातार मंचन से युवाओं को राजा भोज, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट अशोक और स्वतंत्रता सेनानियों सहित अन्य गौरवशाली व्यक्तित्वों की जानकारी दी जाएगी। कलाकारों के विशाल दल, भव्य मंच, वेशभूषा, संगीत और प्रकाश संयोजन से इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री के "विरासत से विकास" संकल्प की पूर्ति
नाटक और लोक कला के माध्यम से युवाओं को भारत की प्राचीन संस्कृति और गौरवशाली शासकों के योगदान से परिचित कराना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "विरासत से विकास" के दृष्टिकोण को साकार करता है। रंगमंच विधा के माध्यम से यह ज्ञान छात्रों और युवा पीढ़ी तक पहुंचता है।
रंगमंच कलाकारों की प्रेरणा और उत्साह
देशभर के हजारों रंगमंच कलाकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं, जिन्होंने इस कला को महत्व और राज्याश्रय प्रदान किया। 2 और 3 नवम्बर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सम्राट विक्रमादित्य नाटक का मंचन युवाओं और दर्शकों के लिए निश्चित रूप से आकर्षक और प्रेरणादायक रहेगा।
(लेखक: अशोक मनवानी, प्रभारी संयुक्त संचालक, जनसंपर्क विभाग)
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