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क्या शहरों में निजी इमारतों की छतों को ‘कूल’ बनाना अनिवार्य होना चाहिए? जानें पेंट, सोलर और ग्रीन रूफ के फायदे-नुकसान
Priyanka Mathur
बढ़ती गर्मी और Urban Heat Island से निपटने के लिए नगर निकाय निजी कमर्शियल बिल्डिंग्स पर रिफ्लेक्टिव रूफ, सोलर पैनल या ग्रीन स्पेस की शर्त लगा सकते हैं। भारत में तेलंगाना पहले ही कूल रूफ नीति लागू कर चुका है
शहरों में लगातार बढ़ते कंक्रीट निर्माण, कम होती हरियाली और गर्म सतहों के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ऐसे में कूल रूफ यानी ऐसी छतें जो सूर्य की गर्मी को ज्यादा परावर्तित करती हैं, शहरी गर्मी कम करने के उपायों में शामिल की जा रही हैं। भारत में तेलंगाना इसका एक प्रमुख उदाहरण है। राज्य ने Cool Roof Policy 2023-28 के तहत सरकारी, गैर-आवासीय और कमर्शियल इमारतों में कूल रूफ को बढ़ावा दिया है।
कूल रूफ कैसे काम करता है?
कूल रूफ में रिफ्लेक्टिव पेंट, विशेष कोटिंग या ऐसे रूफिंग मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है जो सूर्य की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा वापस परावर्तित करते हैं। इससे छत कम गर्म हो सकती है और इमारत के अंदर भी गर्मी का प्रवेश घट सकता है। BEE के भवन ऊर्जा मानकों में भी कूल रूफ, रिफ्लेक्टिव पेंट और ग्रीन रूफ को गर्मी कम करने के विकल्पों में शामिल किया गया है।
सोलर पैनल भी बन सकता है विकल्प
कमर्शियल इमारतों की छत पर सोलर पैनल लगाने से बिजली पैदा करने के साथ छत के एक हिस्से पर सीधे पड़ने वाली धूप को रोका जा सकता है। इससे ऊर्जा खर्च कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, सोलर पैनल हर छत के लिए समान रूप से उपयोगी नहीं होंगे। छत की मजबूती, उपलब्ध जगह, धूप की दिशा और आसपास की इमारतों से पड़ने वाली छाया जैसे पहलुओं को देखना जरूरी है।
ग्रीन रूफ में क्या फायदा?
ग्रीन रूफ में छत पर पौधों और वनस्पतियों की व्यवस्था की जाती है। इससे छत पर सीधे पड़ने वाली गर्मी कम हो सकती है और आसपास का माइक्रोक्लाइमेट बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसके लिए पर्याप्त पानी, ड्रेनेज, नियमित रखरखाव और मजबूत संरचना चाहिए। इसलिए हर पुरानी कमर्शियल बिल्डिंग पर ग्रीन रूफ लगाना व्यावहारिक नहीं होगा।
क्या नगर निकाय इसे अनिवार्य कर सकते हैं?
नई कमर्शियल इमारतों के लिए भवन अनुमति प्रक्रिया में heat-mitigation standards जोड़े जा सकते हैं। पुरानी इमारतों के लिए चरणबद्ध समयसीमा या अलग नियम बनाए जा सकते हैं। नगर निकाय केवल जुर्माने पर निर्भर रहने के बजाय प्रॉपर्टी टैक्स में छूट, सब्सिडी, आसान अनुमति या retrofit incentives जैसे विकल्प भी अपना सकते हैं। इससे छोटे कारोबारों पर अचानक बड़ा आर्थिक बोझ डालने से बचा जा सकता है।
एक ही नियम सभी के लिए सही होगा?
किसी मॉल, ऑफिस, गोदाम और छोटे व्यावसायिक परिसर की छत एक जैसी नहीं होती। इसलिए हर इमारत पर सिर्फ सफेद पेंट या सिर्फ सोलर पैनल अनिवार्य करने के बजाय गर्मी कम करने का लक्ष्य तय करना ज्यादा व्यावहारिक मॉडल हो सकता है। तेलंगाना का अनुभव यह भी बताता है कि नीति लागू करने के साथ जागरूकता, लागत, तकनीकी सहायता और निगरानी की व्यवस्था जरूरी है।
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