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गुप्त नवरात्रि की द्वितीया आज, पूजा-पाठ के लिए शुभ योग; राहुकाल में कार्य से बचने की सलाह
धर्म डेस्क
20 जनवरी को माघ शुक्ल द्वितीया, श्रवण से धनिष्ठा नक्षत्र में चंद्रमा का संचार; सुंदरकांड पाठ को बताया गया विशेष फलदायी
आज का माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के साथ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार यह दिन साधना, मंत्र-जप और देवी उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। ज्योतिषीय गणनाओं में आज पूजा-पाठ के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं, हालांकि दिन के कुछ समय अशुभ माने गए हैं, जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हिंदू पंचांग के मुताबिक आज राष्ट्रीय मिति पौष 30, शक संवत 1947 और विक्रम संवत 2082 चल रहा है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आज 20 जनवरी 2026 है। सूर्य उत्तरायण स्थिति में हैं और शिशिर ऋतु प्रभावी बनी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिसे साधकों और तंत्र साधना से जुड़े लोगों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
आज चंद्रमा का गोचर मकर राशि में दिन के अधिकांश समय रहेगा और अर्धरात्रि के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। नक्षत्र की स्थिति में श्रवण नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 03 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार सिद्धि योग रात 8 बजकर 01 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद व्यतिपात योग प्रारंभ होगा, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है।
आज के व्रत-त्योहारों की बात करें तो माघ शुक्ल द्वितीया के साथ गुप्त नवरात्रि द्वितीया पूजन किया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन मंत्र साधना, देवी पाठ और विशेष अनुष्ठानों से साधकों को मानसिक शांति और इच्छित फल की प्राप्ति होती है। आज सुंदरकांड का पाठ करना भी विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 07 मिनट से 2 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है, जिसे सफलता से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 06 मिनट तक रहेगी, जो दीपदान और संध्या पूजा के लिए अनुकूल समय है।
वहीं अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इन अवधियों में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू न करने की सलाह दी गई है।
सूर्योदय आज सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 50 मिनट पर होगा। पंचांग विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक कार्यों के साथ-साथ दैनिक निर्णयों में भी शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखना लाभकारी रहता है।
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