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पंचांग: मार्गशीर्ष की तृतीया तिथि पर करें शुभ निर्माण, कलात्मक कार्यों के लिए श्रेष्ठ दिन
Dharm, Desk
आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस तिथि के अधिपति अग्नि देवता हैं। आज का दिन नए निर्माण कार्य, कला, सौंदर्य, और उत्सव से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाली है।
आज का पंचांग (8 नवंबर 2025)
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विक्रम संवत: 2081
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मास: मार्गशीर्ष
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: तृतीया
-
दिन: शनिवार
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योग: शिव
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नक्षत्र: मृगशीर्ष
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: वृषभ
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: सुबह 06:48 बजे
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सूर्यास्त: शाम 05:58 बजे
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चंद्रोदय: रात 07:59 बजे
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चंद्रास्त: सुबह 09:49 बजे
नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति:
आज चंद्रमा वृषभ राशि में और मृगशीर्ष नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। यह नक्षत्र अपनी कोमलता और कलात्मक प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। इसके अधिष्ठाता देवता चंद्र और स्वामी ग्रह मंगल हैं। यह समय भवन निर्माण, प्रेम अभिव्यक्ति, कला सीखने, और उत्सव आयोजन के लिए अनुकूल है।
आज का राहुकाल और यमगंड काल:
-
राहुकाल: सुबह 09:35 से 10:59 बजे तक
-
यमगंड: दोपहर 01:46 से 03:10 बजे तक
इन अवधियों में शुभ कार्यों की शुरुआत, यात्रा, या निवेश से बचना चाहिए।
शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय:
सुबह 07:00 बजे से 09:00 बजे तक और दोपहर 12:30 बजे से 02:30 बजे तक का समय विशेष रूप से नए निर्माण, पूजा या विवाह संबंधित कार्यों के लिए शुभ रहेगा।
आज का विशेष योग:
‘शिव योग’ आज की तिथि को और अधिक शुभ बनाता है। यह योग आध्यात्मिक शक्ति, धैर्य और रचनात्मक सफलता का प्रतीक है।
सावधानी:
आज राहुकाल के दौरान निर्णय या यात्रा से बचें। मृगशीर्ष नक्षत्र में अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया या जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से भी परहेज करें।
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पंचांग: मार्गशीर्ष की तृतीया तिथि पर करें शुभ निर्माण, कलात्मक कार्यों के लिए श्रेष्ठ दिन
Dharm, Desk
आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस तिथि के अधिपति अग्नि देवता हैं। आज का दिन नए निर्माण कार्य, कला, सौंदर्य, और उत्सव से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाली है।
आज का पंचांग (8 नवंबर 2025)
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विक्रम संवत: 2081
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मास: मार्गशीर्ष
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: तृतीया
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दिन: शनिवार
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योग: शिव
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नक्षत्र: मृगशीर्ष
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करण: विष्टि
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चंद्र राशि: वृषभ
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: सुबह 06:48 बजे
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सूर्यास्त: शाम 05:58 बजे
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चंद्रोदय: रात 07:59 बजे
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चंद्रास्त: सुबह 09:49 बजे
नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति:
आज चंद्रमा वृषभ राशि में और मृगशीर्ष नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। यह नक्षत्र अपनी कोमलता और कलात्मक प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। इसके अधिष्ठाता देवता चंद्र और स्वामी ग्रह मंगल हैं। यह समय भवन निर्माण, प्रेम अभिव्यक्ति, कला सीखने, और उत्सव आयोजन के लिए अनुकूल है।
आज का राहुकाल और यमगंड काल:
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राहुकाल: सुबह 09:35 से 10:59 बजे तक
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यमगंड: दोपहर 01:46 से 03:10 बजे तक
इन अवधियों में शुभ कार्यों की शुरुआत, यात्रा, या निवेश से बचना चाहिए।
शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय:
सुबह 07:00 बजे से 09:00 बजे तक और दोपहर 12:30 बजे से 02:30 बजे तक का समय विशेष रूप से नए निर्माण, पूजा या विवाह संबंधित कार्यों के लिए शुभ रहेगा।
आज का विशेष योग:
‘शिव योग’ आज की तिथि को और अधिक शुभ बनाता है। यह योग आध्यात्मिक शक्ति, धैर्य और रचनात्मक सफलता का प्रतीक है।
सावधानी:
आज राहुकाल के दौरान निर्णय या यात्रा से बचें। मृगशीर्ष नक्षत्र में अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया या जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से भी परहेज करें।
