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12 सितंबर का पंचांग : भरणी नक्षत्र में न करें ये कार्य
Dharam Desk
आज 12 सितंबर 2025, शुक्रवार है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पड़ रही है। इस तिथि पर नाग देवता का अधिपत्य रहता है और इसे तीर्थयात्रा व आध्यात्मिक प्रगति के लिए शुभ माना जाता है। साथ ही आज मासिक कार्तिगई व्रत भी है।
पंचांग विवरण
-
विक्रम संवत : 2081
-
माह : आश्विन
-
पक्ष : कृष्ण पक्ष
-
तिथि : पंचमी
-
वार : शुक्रवार
-
योग : व्याघात
-
नक्षत्र : भरणी
-
करण : तैतिल
-
चंद्र राशि : मेष
-
सूर्य राशि : सिंह
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्र विवरण
-
सूर्योदय : सुबह 06:24 बजे
-
सूर्यास्त : शाम 06:46 बजे
-
चंद्रोदय : रात 09:29 बजे
-
चंद्रास्त : सुबह 10:53 बजे
राहुकाल व अशुभ समय
-
राहुकाल : 11:03 से 12:35 बजे तक
-
यमगंड काल : 15:41 से 17:13 बजे तक
इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में हैं।
-
नक्षत्र देवता : यमराज
-
नक्षत्र स्वामी : शुक्र ग्रह
-
स्वभाव : उग्र व क्रूर
भरणी नक्षत्र में शुभ कार्य (जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य) अनुकूल नहीं माने जाते।
अनुकूल कार्य :
-
कृषि कार्य
-
कुआं खोदना
-
दवा तैयार करना
-
आग या धातु से जुड़ा कार्य
-
प्रतियोगिता व हथियार संबंधी कार्य
वर्जित कार्य :
-
शुभ व मांगलिक कार्य
-
किसी को पैसा उधार देना
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12 सितंबर का पंचांग : भरणी नक्षत्र में न करें ये कार्य
Dharam Desk
आज 12 सितंबर 2025, शुक्रवार है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पड़ रही है। इस तिथि पर नाग देवता का अधिपत्य रहता है और इसे तीर्थयात्रा व आध्यात्मिक प्रगति के लिए शुभ माना जाता है। साथ ही आज मासिक कार्तिगई व्रत भी है।
पंचांग विवरण
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विक्रम संवत : 2081
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माह : आश्विन
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पक्ष : कृष्ण पक्ष
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तिथि : पंचमी
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वार : शुक्रवार
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योग : व्याघात
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नक्षत्र : भरणी
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करण : तैतिल
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चंद्र राशि : मेष
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सूर्य राशि : सिंह
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्र विवरण
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सूर्योदय : सुबह 06:24 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:46 बजे
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चंद्रोदय : रात 09:29 बजे
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चंद्रास्त : सुबह 10:53 बजे
राहुकाल व अशुभ समय
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राहुकाल : 11:03 से 12:35 बजे तक
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यमगंड काल : 15:41 से 17:13 बजे तक
इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में हैं।
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नक्षत्र देवता : यमराज
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नक्षत्र स्वामी : शुक्र ग्रह
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स्वभाव : उग्र व क्रूर
भरणी नक्षत्र में शुभ कार्य (जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य) अनुकूल नहीं माने जाते।
अनुकूल कार्य :
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कृषि कार्य
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कुआं खोदना
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दवा तैयार करना
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आग या धातु से जुड़ा कार्य
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प्रतियोगिता व हथियार संबंधी कार्य
वर्जित कार्य :
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शुभ व मांगलिक कार्य
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किसी को पैसा उधार देना
