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हनुमान जन्मोत्सव 2025: दुर्लभ योगों में होगा हनुमानजी का जन्मोत्सव, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Dharm Desk
इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव का पर्व विशेष ग्रह-नक्षत्रों के दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो कि इस बार 12 अप्रैल 2025, शनिवार को पड़ रहा है। शनिवार का दिन विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा के लिए समर्पित होता है, ऐसे में इस बार का हनुमान जन्मोत्सव और भी खास बन गया है।
🌟 क्यों है यह जन्मोत्सव विशेष?
इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर एक साथ हस्त नक्षत्र, व्याघात योग, और शनिवार का संयोग बन रहा है।
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हस्त नक्षत्र: शाम 6:08 बजे तक रहेगा
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व्याघात योग: रात 8:39 बजे तक रहेगा
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शनिवार: हनुमानजी के पूजन का सर्वाधिक शुभ दिन
यह तीनों संयोग हनुमान भक्तों के लिए अति कल्याणकारी माने जा रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार जब ऐसे शुभ योगों में पूजा की जाती है तो मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन से बाधाएं दूर होने लगती हैं।
⏳ हनुमान पूजा के शुभ मुहूर्त – 12 अप्रैल 2025
📿 पूर्णिमा तिथि आरंभ: 12 अप्रैल को रात 11:21 बजे
📿 पूर्णिमा तिथि समाप्त: 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे
📌 प्रमुख पूजन मुहूर्त:
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प्रातःकालीन मुहूर्त: सुबह 7:34 से 9:12 बजे तक
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सायंकालीन मुहूर्त: शाम 6:46 से रात 8:08 बजे तक
इन समयों में पूजन, आरती, हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
🙏 हनुमान जन्मोत्सव का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन माता अंजनी और केसरी नंदन के घर हनुमानजी का जन्म हुआ था। इन्हें भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार भी माना जाता है। हनुमानजी को रामभक्त शिरोमणि कहा गया है और उनकी पूजा से भय, रोग, कष्ट, शत्रु बाधा आदि सभी दूर होते हैं।
इस दिन भक्त रामचरितमानस, सुंदरकांड, और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, झांकियाँ, और भंडारे का आयोजन किया जाता है। साथ ही, सियाराम की पूजा भी ज़रूर की जाती है, क्योंकि श्रीराम की भक्ति के बिना हनुमानजी की आराधना अधूरी मानी जाती है।
🌺 क्या करें हनुमान जन्मोत्सव पर?
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सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
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हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, और गुड़-चना अर्पित करें।
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हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
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शाम को दीप जलाएं और आरती करें।
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निर्धनों को भोजन व वस्त्र का दान करें।
🔱 निष्कर्ष
हनुमान जन्मोत्सव 2025 का पर्व न सिर्फ श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों के शुभ योग इसे और भी अधिक फलदायी बना रहे हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा कर बजरंगबली से आशीर्वाद लें और अपने जीवन में शक्ति, साहस और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें।
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हनुमान जन्मोत्सव 2025: दुर्लभ योगों में होगा हनुमानजी का जन्मोत्सव, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Dharm Desk
🌟 क्यों है यह जन्मोत्सव विशेष?
इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर एक साथ हस्त नक्षत्र, व्याघात योग, और शनिवार का संयोग बन रहा है।
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हस्त नक्षत्र: शाम 6:08 बजे तक रहेगा
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व्याघात योग: रात 8:39 बजे तक रहेगा
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शनिवार: हनुमानजी के पूजन का सर्वाधिक शुभ दिन
यह तीनों संयोग हनुमान भक्तों के लिए अति कल्याणकारी माने जा रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार जब ऐसे शुभ योगों में पूजा की जाती है तो मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन से बाधाएं दूर होने लगती हैं।
⏳ हनुमान पूजा के शुभ मुहूर्त – 12 अप्रैल 2025
📿 पूर्णिमा तिथि आरंभ: 12 अप्रैल को रात 11:21 बजे
📿 पूर्णिमा तिथि समाप्त: 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे
📌 प्रमुख पूजन मुहूर्त:
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प्रातःकालीन मुहूर्त: सुबह 7:34 से 9:12 बजे तक
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सायंकालीन मुहूर्त: शाम 6:46 से रात 8:08 बजे तक
इन समयों में पूजन, आरती, हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
🙏 हनुमान जन्मोत्सव का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन माता अंजनी और केसरी नंदन के घर हनुमानजी का जन्म हुआ था। इन्हें भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार भी माना जाता है। हनुमानजी को रामभक्त शिरोमणि कहा गया है और उनकी पूजा से भय, रोग, कष्ट, शत्रु बाधा आदि सभी दूर होते हैं।
इस दिन भक्त रामचरितमानस, सुंदरकांड, और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, झांकियाँ, और भंडारे का आयोजन किया जाता है। साथ ही, सियाराम की पूजा भी ज़रूर की जाती है, क्योंकि श्रीराम की भक्ति के बिना हनुमानजी की आराधना अधूरी मानी जाती है।
🌺 क्या करें हनुमान जन्मोत्सव पर?
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सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
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हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, और गुड़-चना अर्पित करें।
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हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
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शाम को दीप जलाएं और आरती करें।
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निर्धनों को भोजन व वस्त्र का दान करें।
🔱 निष्कर्ष
हनुमान जन्मोत्सव 2025 का पर्व न सिर्फ श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों के शुभ योग इसे और भी अधिक फलदायी बना रहे हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा कर बजरंगबली से आशीर्वाद लें और अपने जीवन में शक्ति, साहस और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें।
