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चैत्र नवरात्रि में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, तो यहां जान लें जरूरी नियम!
Dharm Desk
नवरात्रि के समय कोई भी नया काम या गृह प्रवेश करना बहुत शुभ माना जाता है. हालांकि गृह प्रवेश के दौरान ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए. अगर आप चैत्र नवरात्रि में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, तो इन नियमों का पालन जरूर करें.
हिंदू धर्म में चार नवरात्रि पड़ती है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि प्रमुख मानी गई है. पहले चैत्र नवरात्रि मनाई जाती है. चैत्र नवरात्रि का समय भक्ति और अराधना का होता है. इस समय में भक्त नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूरे भक्ति भाव से पूजा और व्रत करते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी. वहीं इसका समापन 6 अप्रैल को हो जाएगा. नवराात्रि का समय भक्ति और अराधना के साथ-साथ नए कार्यों को शुरू और गृह प्रवेश करने लिए शुभ माना जाता है.
गृह प्रवेश में नियमों का पालन करना चाहिए
अगर आप नवरात्रि के इस पवित्र समय में नए घर में प्रवेश करना चाहते है, तो गृह प्रवेश के दौरान आपको ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. मान्यता है कि गृह प्रवेश अगर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों के अनुसार किया जाता है, तो घर में सुख-समृद्धि वास करती है. साथ ही सकारात्मक उर्जा आती है. अगर आप नवरात्रि में नए घर में प्रवेश करने जा रहे हैं, तो गृह प्रवेश के इन नियमों को अवश्य जान लें.
मुख्य दरवाजे पर इन पत्तों का तोरण लगाएं
गृह प्रवेश के दौरान नए घर के मुख्य दरवाजे पर अशोक और आम के पत्तोंं का तोरण लगना चाहिए. अशोक के पत्ते सुख-शांती का प्रतीक माने जाते हैं, जबकि आम के पत्ते लगाने से घर में सकारात्मक उर्जा आती है. इसे घर के मुख्य दरवाजे पर लगाने से घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है.
कलश स्थापित करना चाहिए
गृह प्रवेश के दौरान कलश स्थापित करना चाहिए. ऐसा करना बहुत शुभ होता है. गृह प्रवेश के दौरान कलश में आम के पत्ते, सिंदूर लगाकर और स्वस्तिक बनाकर उसको मुख्य दरवाजे या पुजा स्थल पर स्थापित करना चाहिए. दरअसल, कलश माता लक्ष्मी को घर में आने का आमंत्रण देता है. साथ ही ये देवी-देवताओं से भी आह्वान करंता है और घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बढ़ाता है.
पति-पत्नी को साथ में करना चाहिए गृह प्रवेश
पति-पत्नी को साथ में गृह प्रवेश करना चाहिए. पत्नी को पहले बांया और पुरुष तो दांया पैर घर में रखना चाहिए. इससे गृहस्थ जीवन में प्यार बढ़ता है. साथ ही घर में शुभता बनी रहती है.
घर की शुद्धि करनी चाहिए
गृह प्रवेश से पहले नए घर की शुद्धि के लिए गंगाजल छिड़कना चाहिए. ऐसा करने घर में या उसके आस-पास मौजूद नकारात्मक उर्जा नष्ट हो जाती है. गृह प्रवेश के दौरान हवन भी करना चाहिए.
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चैत्र नवरात्रि में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, तो यहां जान लें जरूरी नियम!
Dharm Desk
हिंदू धर्म में चार नवरात्रि पड़ती है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि प्रमुख मानी गई है. पहले चैत्र नवरात्रि मनाई जाती है. चैत्र नवरात्रि का समय भक्ति और अराधना का होता है. इस समय में भक्त नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूरे भक्ति भाव से पूजा और व्रत करते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी. वहीं इसका समापन 6 अप्रैल को हो जाएगा. नवराात्रि का समय भक्ति और अराधना के साथ-साथ नए कार्यों को शुरू और गृह प्रवेश करने लिए शुभ माना जाता है.
गृह प्रवेश में नियमों का पालन करना चाहिए
अगर आप नवरात्रि के इस पवित्र समय में नए घर में प्रवेश करना चाहते है, तो गृह प्रवेश के दौरान आपको ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. मान्यता है कि गृह प्रवेश अगर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों के अनुसार किया जाता है, तो घर में सुख-समृद्धि वास करती है. साथ ही सकारात्मक उर्जा आती है. अगर आप नवरात्रि में नए घर में प्रवेश करने जा रहे हैं, तो गृह प्रवेश के इन नियमों को अवश्य जान लें.
मुख्य दरवाजे पर इन पत्तों का तोरण लगाएं
गृह प्रवेश के दौरान नए घर के मुख्य दरवाजे पर अशोक और आम के पत्तोंं का तोरण लगना चाहिए. अशोक के पत्ते सुख-शांती का प्रतीक माने जाते हैं, जबकि आम के पत्ते लगाने से घर में सकारात्मक उर्जा आती है. इसे घर के मुख्य दरवाजे पर लगाने से घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है.
कलश स्थापित करना चाहिए
गृह प्रवेश के दौरान कलश स्थापित करना चाहिए. ऐसा करना बहुत शुभ होता है. गृह प्रवेश के दौरान कलश में आम के पत्ते, सिंदूर लगाकर और स्वस्तिक बनाकर उसको मुख्य दरवाजे या पुजा स्थल पर स्थापित करना चाहिए. दरअसल, कलश माता लक्ष्मी को घर में आने का आमंत्रण देता है. साथ ही ये देवी-देवताओं से भी आह्वान करंता है और घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बढ़ाता है.
पति-पत्नी को साथ में करना चाहिए गृह प्रवेश
पति-पत्नी को साथ में गृह प्रवेश करना चाहिए. पत्नी को पहले बांया और पुरुष तो दांया पैर घर में रखना चाहिए. इससे गृहस्थ जीवन में प्यार बढ़ता है. साथ ही घर में शुभता बनी रहती है.
घर की शुद्धि करनी चाहिए
गृह प्रवेश से पहले नए घर की शुद्धि के लिए गंगाजल छिड़कना चाहिए. ऐसा करने घर में या उसके आस-पास मौजूद नकारात्मक उर्जा नष्ट हो जाती है. गृह प्रवेश के दौरान हवन भी करना चाहिए.
