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2 अक्टूबर साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में ग्रहण का समय, सूतक काल और राशियों पर प्रभाव
Dharm Desk
साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर 2024 को लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए यहां सूतक भी मान्य नहीं होगा. जानते हैं सूर्य ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी.
2 अक्तूबर 2024 को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये ग्रहण रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा, जो देर रात 3 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि करीब 6 घंटे 4 मिनट की होगी। इस दिन पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि है, और अगले दिन शारदीय नवरात्रि का पहला दिन। ऐसे में सूर्य ग्रहण ज्योतिष शास्त्र और खगोल शास्त्र दोनों के नजरिए से महत्वपूर्ण है। खगोल विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो चांद के पीछे सूरज का बिंब कुछ समय के लिए ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। सूर्य ग्रहण का प्रभाव आकाश से लेकर सभी जातक की राशि पर भी पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल का अंतिम सूर्य ग्रहण कब और कहां दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण का समय
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर 2024 रात के 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा, जो देर रात 3 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि करीब 6 घंटे 4 मिनट की होगी।
सूर्य ग्रहण 2024 सूतक काल
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। अगय ग्रहण भारत में दिखाई देता, तो सूतक काल 12 घंटे पहले ही लग जाता है।
सूर्य ग्रहण के बाद जरूर करें ये तीन काम
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण समाप्त होते ही घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। साथ ही घर के सभी स्थानों को फिर से साफ करें।
- इस दौरान भोजन बनाने से पहले उसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डाल दें। ऐसा करना शुभ होता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद परिवार के सभी सदस्यों को स्नान करना चाहिए। साफ हाथों से पूजा घर के सभी देवी देवताओं को भी स्नान कराएं
इन चीजों का दान
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को चने व गेहूं का दान करना चाहिए। आप गुड़, दाल और सफेद चीजों का दान भी कर सकते हैं। इससे घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती हैं।
साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। ये ग्रहण दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भागों और आर्कटिक, अर्जेंटीना, ब्राजील, पेरू, फिजी, चिली, पेरू, होनोलूलू, ब्यूनो आयर्स, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका और प्रशांत महासागर के भी कुछ इलाकों से नजर आएगा।
उत्तरदायी नहीं है।-----------------
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2 अक्टूबर साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में ग्रहण का समय, सूतक काल और राशियों पर प्रभाव
Dharm Desk
2 अक्तूबर 2024 को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये ग्रहण रात 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा, जो देर रात 3 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि करीब 6 घंटे 4 मिनट की होगी। इस दिन पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि है, और अगले दिन शारदीय नवरात्रि का पहला दिन। ऐसे में सूर्य ग्रहण ज्योतिष शास्त्र और खगोल शास्त्र दोनों के नजरिए से महत्वपूर्ण है। खगोल विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो चांद के पीछे सूरज का बिंब कुछ समय के लिए ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। सूर्य ग्रहण का प्रभाव आकाश से लेकर सभी जातक की राशि पर भी पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल का अंतिम सूर्य ग्रहण कब और कहां दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण का समय
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर 2024 रात के 9 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा, जो देर रात 3 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि करीब 6 घंटे 4 मिनट की होगी।
सूर्य ग्रहण 2024 सूतक काल
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। अगय ग्रहण भारत में दिखाई देता, तो सूतक काल 12 घंटे पहले ही लग जाता है।
सूर्य ग्रहण के बाद जरूर करें ये तीन काम
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण समाप्त होते ही घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। साथ ही घर के सभी स्थानों को फिर से साफ करें।
- इस दौरान भोजन बनाने से पहले उसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डाल दें। ऐसा करना शुभ होता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद परिवार के सभी सदस्यों को स्नान करना चाहिए। साफ हाथों से पूजा घर के सभी देवी देवताओं को भी स्नान कराएं
इन चीजों का दान
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को चने व गेहूं का दान करना चाहिए। आप गुड़, दाल और सफेद चीजों का दान भी कर सकते हैं। इससे घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती हैं।
साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। ये ग्रहण दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भागों और आर्कटिक, अर्जेंटीना, ब्राजील, पेरू, फिजी, चिली, पेरू, होनोलूलू, ब्यूनो आयर्स, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका और प्रशांत महासागर के भी कुछ इलाकों से नजर आएगा।
उत्तरदायी नहीं है।