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बुध 15 मार्च से मीन राशि में चलेंगे वक्री चाल, इन 3 राशियों के जीवन में बढ़ सकती हैं समस्याएं
Dharm Desk
बुध ग्रह 15 मार्च को दोपहर के समय मीन राशि में वक्री हो जाएंगे। बुध के वक्री होने से किन राशियों को जीवन में परेशानियां आ सकती हैं, आइए जानते हैं।
बुध ग्रह 15 मार्च को मीन राशि में वक्री चाल शुरू कर देंगे। बुद्धि, कारोबार और वाणी के देवता बुध का वक्री होना सभी राशियों के जीवन में कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य डालेगा। 15 मार्च को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट से बुध मीन राशि में वक्री चाल शुरू कर देंगे। बुध की बदली चाल किन राशियों के लिए मुश्किलों भरी रह सकती है और क्या उपाय करने से इन राशियों को बुध की प्रतिकूल स्थिति में भी शुभ परिणाम मिल सकते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
मेष राशि
बुध आपके बारहवें स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान को हानि का भाव कहा जाता है। वक्री बुध के इस गोचर के प्रभाव से आपको धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपको अपनी आमदनी भी सोच-समझकर खर्च करनी चाहिए। संचित धन को खर्च करने से भी इस दौरान बचें नहीं तो भविष्य में बुरी स्थिति में फंस सकते हैं। अतः वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- आपको अपने गले में एक पीले रंग का धागा पहनना चाहिए।
कन्या राशि
बुध आपके सातवें स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है। वक्री बुध के इस गोचर के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ आपके रिश्तों में नोक-झोंक होने की सम्भावना है। आपको अपने रिश्ते को संभालकर रखने की जरूरत है। साथ ही अपने जीवनसाथी का ख्याल भी रखने की जरूरत होगी। इस दौरान बड़ी रकम का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। विद्यार्थियों की एकाग्रता भी भंग हो सकती है। लिहाजा वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- मिट्टी के बर्तन में पानी में भिगे हुए हरे मूंग मन्दिर में दान करने चाहिए।
धनु राशि
बुध आपके चौथे स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। वक्री बुध के इस गोचर से आपको भूमि-भवन और वाहन का लाभ पाने में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। आपको अपनी मेहनत का उचित फल तभी प्राप्त होगा। हालांकि आपको अपनी माता का पूरा सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपको अपने कार्यों में धैर्य बनाये रखने की आवश्यकता है। गलत संगति में पड़ेगे तो सेहत और धन का नाश हो सकता है, इसलिए संभलकर रहें। साथ ही वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये-केसर का तिलक अपने मस्तक पर लगाना चाहिए।
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बुध 15 मार्च से मीन राशि में चलेंगे वक्री चाल, इन 3 राशियों के जीवन में बढ़ सकती हैं समस्याएं
Dharm Desk
बुध ग्रह 15 मार्च को मीन राशि में वक्री चाल शुरू कर देंगे। बुद्धि, कारोबार और वाणी के देवता बुध का वक्री होना सभी राशियों के जीवन में कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य डालेगा। 15 मार्च को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट से बुध मीन राशि में वक्री चाल शुरू कर देंगे। बुध की बदली चाल किन राशियों के लिए मुश्किलों भरी रह सकती है और क्या उपाय करने से इन राशियों को बुध की प्रतिकूल स्थिति में भी शुभ परिणाम मिल सकते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
मेष राशि
बुध आपके बारहवें स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान को हानि का भाव कहा जाता है। वक्री बुध के इस गोचर के प्रभाव से आपको धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपको अपनी आमदनी भी सोच-समझकर खर्च करनी चाहिए। संचित धन को खर्च करने से भी इस दौरान बचें नहीं तो भविष्य में बुरी स्थिति में फंस सकते हैं। अतः वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- आपको अपने गले में एक पीले रंग का धागा पहनना चाहिए।
कन्या राशि
बुध आपके सातवें स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है। वक्री बुध के इस गोचर के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ आपके रिश्तों में नोक-झोंक होने की सम्भावना है। आपको अपने रिश्ते को संभालकर रखने की जरूरत है। साथ ही अपने जीवनसाथी का ख्याल भी रखने की जरूरत होगी। इस दौरान बड़ी रकम का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। विद्यार्थियों की एकाग्रता भी भंग हो सकती है। लिहाजा वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- मिट्टी के बर्तन में पानी में भिगे हुए हरे मूंग मन्दिर में दान करने चाहिए।
धनु राशि
बुध आपके चौथे स्थान पर वक्री होंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। वक्री बुध के इस गोचर से आपको भूमि-भवन और वाहन का लाभ पाने में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। आपको अपनी मेहनत का उचित फल तभी प्राप्त होगा। हालांकि आपको अपनी माता का पूरा सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपको अपने कार्यों में धैर्य बनाये रखने की आवश्यकता है। गलत संगति में पड़ेगे तो सेहत और धन का नाश हो सकता है, इसलिए संभलकर रहें। साथ ही वक्री बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये-केसर का तिलक अपने मस्तक पर लगाना चाहिए।
