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2 सितंबर पंचांग : दशमी तिथि पर करें ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन, रवि योग से बढ़ा महत्व
DHARAM DESK
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि इस वर्ष मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को पड़ रही है। यह तिथि भगवान शिव के सेनापति वीरभद्र के अधीन मानी जाती है। आज के दिन ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन होगा। साथ ही रवि योग बन रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन नए भवन के उद्घाटन और शुभ समारोह करना उत्तम है।
पंचांग विवरण
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विक्रम संवत : 2081
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माह-पक्ष : भाद्रपद शुक्ल पक्ष
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तिथि : दशमी, मंगलवार
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योग : प्रीति
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नक्षत्र : मूल
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करण : तैतिल
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चंद्र राशि : धनु
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सूर्य राशि : सिंह
सूर्योदय और चंद्रोदय
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सूर्योदय : सुबह 06:21 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:56 बजे
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चंद्रोदय : दोपहर 03:21 बजे
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चंद्रास्त : रात 01:07 बजे (3 सितंबर)
राहुकाल और अशुभ समय
-
राहुकाल : 15:47 से 17:22 बजे तक
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यमगंड : 11:04 से 12:39 बजे तक
इन समयावधियों में शुभ कार्यों से बचें।
नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेंगे। यह नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
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विवाह, गृहप्रवेश जैसे कार्य टालें।
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लेकिन खंडहर तोड़ने, अलगाव और तांत्रिक कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं।
आज का विशेष महत्व
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ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन
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रवि योग का संयोग
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शुभ कार्यों और भवन उद्घाटन के लिए अनुकूल तिथि
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2 सितंबर पंचांग : दशमी तिथि पर करें ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन, रवि योग से बढ़ा महत्व
DHARAM DESK
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि इस वर्ष मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को पड़ रही है। यह तिथि भगवान शिव के सेनापति वीरभद्र के अधीन मानी जाती है। आज के दिन ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन होगा। साथ ही रवि योग बन रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन नए भवन के उद्घाटन और शुभ समारोह करना उत्तम है।
पंचांग विवरण
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विक्रम संवत : 2081
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माह-पक्ष : भाद्रपद शुक्ल पक्ष
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तिथि : दशमी, मंगलवार
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योग : प्रीति
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नक्षत्र : मूल
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करण : तैतिल
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चंद्र राशि : धनु
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सूर्य राशि : सिंह
सूर्योदय और चंद्रोदय
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सूर्योदय : सुबह 06:21 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:56 बजे
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चंद्रोदय : दोपहर 03:21 बजे
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चंद्रास्त : रात 01:07 बजे (3 सितंबर)
राहुकाल और अशुभ समय
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राहुकाल : 15:47 से 17:22 बजे तक
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यमगंड : 11:04 से 12:39 बजे तक
इन समयावधियों में शुभ कार्यों से बचें।
नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेंगे। यह नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
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विवाह, गृहप्रवेश जैसे कार्य टालें।
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लेकिन खंडहर तोड़ने, अलगाव और तांत्रिक कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं।
आज का विशेष महत्व
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ज्येष्ठ गौरी व्रत का विसर्जन
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रवि योग का संयोग
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शुभ कार्यों और भवन उद्घाटन के लिए अनुकूल तिथि
