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16 सितंबर का पंचांग : दशमी तिथि पर देवगुरु बृहस्पति का अधिकार, शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
Dharam Desk
16 सितंबर 2025, मंगलवार। आश्विन माह कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन का अधिपत्य देवगुरु बृहस्पति और धर्मदेव के पास है। मान्यता है कि बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने, वरिष्ठों से मुलाकात करने और शुभ कार्य प्रारंभ करने के लिए यह तिथि उत्तम रहती है।
पंचांग विवरण :
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विक्रम संवत : 2081
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मास : आश्विन
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पक्ष : कृष्ण पक्ष दशमी
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वार : मंगलवार
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योग : वरियान
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नक्षत्र : आर्द्रा
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करण : वणिज
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चंद्र राशि : मिथुन
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सूर्य राशि : सिंह
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सूर्योदय : सुबह 06:26 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:42 बजे
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चंद्रोदय : 17 सितंबर को रात 01:27 बजे
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चंद्रास्त : दोपहर 03:07 बजे
आज का विशेष प्रभाव :
चंद्रमा मिथुन राशि में और आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। आर्द्रा नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता रुद्र हैं और इसके स्वामी ग्रह राहु हैं। इस नक्षत्र में संघर्ष, पुराने कार्यों के निपटारे और कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सफलता मिल सकती है। लेकिन यात्रा और खरीदारी से परहेज करना चाहिए।
वर्जित समय :
-
राहुकाल : 15:38 से 17:10 बजे तक
-
यमगंड : 11:02 से 12:34 बजे तक
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इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत टालनी चाहिए।
आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान, वरिष्ठों से भेंट और आत्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी रहेगा।
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16 सितंबर का पंचांग : दशमी तिथि पर देवगुरु बृहस्पति का अधिकार, शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन
Dharam Desk
16 सितंबर 2025, मंगलवार। आश्विन माह कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन का अधिपत्य देवगुरु बृहस्पति और धर्मदेव के पास है। मान्यता है कि बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने, वरिष्ठों से मुलाकात करने और शुभ कार्य प्रारंभ करने के लिए यह तिथि उत्तम रहती है।
पंचांग विवरण :
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विक्रम संवत : 2081
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मास : आश्विन
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पक्ष : कृष्ण पक्ष दशमी
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वार : मंगलवार
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योग : वरियान
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नक्षत्र : आर्द्रा
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करण : वणिज
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चंद्र राशि : मिथुन
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सूर्य राशि : सिंह
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सूर्योदय : सुबह 06:26 बजे
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सूर्यास्त : शाम 06:42 बजे
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चंद्रोदय : 17 सितंबर को रात 01:27 बजे
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चंद्रास्त : दोपहर 03:07 बजे
आज का विशेष प्रभाव :
चंद्रमा मिथुन राशि में और आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। आर्द्रा नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता रुद्र हैं और इसके स्वामी ग्रह राहु हैं। इस नक्षत्र में संघर्ष, पुराने कार्यों के निपटारे और कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सफलता मिल सकती है। लेकिन यात्रा और खरीदारी से परहेज करना चाहिए।
वर्जित समय :
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राहुकाल : 15:38 से 17:10 बजे तक
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यमगंड : 11:02 से 12:34 बजे तक
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इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत टालनी चाहिए।
आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान, वरिष्ठों से भेंट और आत्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी रहेगा।
