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पंचांग 9 अक्टूबर: चंद्रमा मेष राशि में, जानें शुभ-अशुभ योग
DHARAM DESK
आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो धार्मिक रूप से अत्यंत महत्व रखती है।
इस तिथि के अधिदेवता अग्नि देव हैं, जिनकी उपासना से ऊर्जा, साहस और सृजनशीलता की प्राप्ति होती है। गुरुवार का यह दिन नए निर्माण कार्य, कला, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों के लिए शुभ माना गया है।
आज का विस्तृत पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: तृतीया
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दिन: गुरुवार
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योग: वज्र
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नक्षत्र: भरणी
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करण: वणिज
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चंद्र राशि: मेष
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सूर्य राशि: कन्या
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सूर्योदय: सुबह 6:33 बजे
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सूर्यास्त: शाम 6:19 बजे
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चंद्रोदय: शाम 7:22 बजे
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चंद्रास्त: सुबह 8:35 बजे
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राहुकाल: दोपहर 1:54 से 3:23 बजे तक
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यमगंड: सुबह 6:33 से 8:01 बजे तक
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। इस नक्षत्र के देवता यम हैं, जबकि इसका स्वामी ग्रह शुक्र है। यह नक्षत्र उग्र और क्रियाशील स्वभाव का होता है, इसलिए आज ऐसे कार्य शुभ माने गए हैं जिनमें परिश्रम, शक्ति या दृढ़ निश्चय की आवश्यकता होती है।
इस नक्षत्र में कुआं खोदना, दवा बनाना, कृषि से जुड़े काम या आग से वस्तु तैयार करने जैसे कार्य सफल रहते हैं।
हालांकि, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज किसी को भी पैसा उधार देने से बचना चाहिए, क्योंकि भरणी नक्षत्र में दिया गया धन वापस नहीं आता या उसमें हानि की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, पेड़ काटने, हथियार संबंधी कार्य या प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यह नक्षत्र अनुकूल रहता है।
आज का वर्जित समय
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राहुकाल: दोपहर 1:54 बजे से 3:23 बजे तक
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यमगंड: सुबह 6:33 बजे से 8:01 बजे तक
इन अवधियों में कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ करना वर्जित माना गया है। इसके अतिरिक्त गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे अशुभ समयों से भी परहेज करना लाभदायक रहेगा।
शुभता और सावधानी का संतुलन
जहां यह तिथि कला, निर्माण और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल है, वहीं आर्थिक लेन-देन और नए निवेश में सावधानी बरतना आवश्यक है। पूजा-पाठ में अग्नि देव का स्मरण करने से आज के दिन सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
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पंचांग 9 अक्टूबर: चंद्रमा मेष राशि में, जानें शुभ-अशुभ योग
DHARAM DESK
इस तिथि के अधिदेवता अग्नि देव हैं, जिनकी उपासना से ऊर्जा, साहस और सृजनशीलता की प्राप्ति होती है। गुरुवार का यह दिन नए निर्माण कार्य, कला, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों के लिए शुभ माना गया है।
आज का विस्तृत पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: तृतीया
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दिन: गुरुवार
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योग: वज्र
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नक्षत्र: भरणी
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करण: वणिज
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चंद्र राशि: मेष
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सूर्य राशि: कन्या
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सूर्योदय: सुबह 6:33 बजे
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सूर्यास्त: शाम 6:19 बजे
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चंद्रोदय: शाम 7:22 बजे
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चंद्रास्त: सुबह 8:35 बजे
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राहुकाल: दोपहर 1:54 से 3:23 बजे तक
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यमगंड: सुबह 6:33 से 8:01 बजे तक
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। इस नक्षत्र के देवता यम हैं, जबकि इसका स्वामी ग्रह शुक्र है। यह नक्षत्र उग्र और क्रियाशील स्वभाव का होता है, इसलिए आज ऐसे कार्य शुभ माने गए हैं जिनमें परिश्रम, शक्ति या दृढ़ निश्चय की आवश्यकता होती है।
इस नक्षत्र में कुआं खोदना, दवा बनाना, कृषि से जुड़े काम या आग से वस्तु तैयार करने जैसे कार्य सफल रहते हैं।
हालांकि, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज किसी को भी पैसा उधार देने से बचना चाहिए, क्योंकि भरणी नक्षत्र में दिया गया धन वापस नहीं आता या उसमें हानि की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, पेड़ काटने, हथियार संबंधी कार्य या प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यह नक्षत्र अनुकूल रहता है।
आज का वर्जित समय
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राहुकाल: दोपहर 1:54 बजे से 3:23 बजे तक
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यमगंड: सुबह 6:33 बजे से 8:01 बजे तक
इन अवधियों में कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ करना वर्जित माना गया है। इसके अतिरिक्त गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे अशुभ समयों से भी परहेज करना लाभदायक रहेगा।
शुभता और सावधानी का संतुलन
जहां यह तिथि कला, निर्माण और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल है, वहीं आर्थिक लेन-देन और नए निवेश में सावधानी बरतना आवश्यक है। पूजा-पाठ में अग्नि देव का स्मरण करने से आज के दिन सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
