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पंचांग: स्कंद षष्ठी पर मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की उपासना का दिन, जानिए पूजा का शुभ समय और आज के ग्रह योग
Dharm, Desk
सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। यह दिन मां ललिता त्रिपुर सुंदरी को समर्पित है, जो इस तिथि की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। आज के दिन स्कंद षष्ठी व्रत भी मनाया जा रहा है, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। यह तिथि सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी मानी जाती है।
आज का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: पंचमी
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दिन: सोमवार
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योग: अतिगंड
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नक्षत्र: मूल
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करण: बलव
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चंद्र राशि: धनु
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: सुबह 06:41 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:05 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 11:35 बजे
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चंद्रास्त: रात 09:43 बजे
राहुकाल और वर्जित मुहूर्त
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राहुकाल: सुबह 08:07 से 09:32 बजे तक
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यमगंड काल: 10:57 से 12:23 बजे तक
इन कालखंडों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना शुभ रहेगा।
आज का नक्षत्र — मूल
आज चंद्रमा धनु राशि में और मूल नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। मूल नक्षत्र के देवता नैऋति (दक्षिण दिशा की अधिष्ठात्री शक्ति) और इसके स्वामी केतु हैं। यह नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, इसलिए विवाह, गृहप्रवेश या यात्रा जैसे कार्यों से बचें।
हालांकि, तांत्रिक साधना, पुराने निर्माण कार्यों को हटाना या कठिन निर्णय लेना इस नक्षत्र में अनुकूल रहता है।
स्कंद षष्ठी और मां ललिता की आराधना
आज मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की आराधना करने से बुद्धि, सौंदर्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। वहीं, भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की पूजा करने से शौर्य और आरोग्य की वृद्धि होती है।
सुबह सूर्योदय के बाद स्नान कर मां ललिता की लाल पुष्पों, अक्षत, धूप-दीप और शृंगार सामग्रियों से पूजा करें।
आज के दिन यदि संभव हो तो ललिता सहस्रनाम या त्रिपुरा स्तोत्र का पाठ करें। इससे जीवन में नकारात्मकता दूर होकर सौभाग्य की वृद्धि होती है।
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पंचांग: स्कंद षष्ठी पर मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की उपासना का दिन, जानिए पूजा का शुभ समय और आज के ग्रह योग
Dharm, Desk
सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। यह दिन मां ललिता त्रिपुर सुंदरी को समर्पित है, जो इस तिथि की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। आज के दिन स्कंद षष्ठी व्रत भी मनाया जा रहा है, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। यह तिथि सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी मानी जाती है।
आज का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: पंचमी
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दिन: सोमवार
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योग: अतिगंड
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नक्षत्र: मूल
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करण: बलव
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चंद्र राशि: धनु
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: सुबह 06:41 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:05 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 11:35 बजे
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चंद्रास्त: रात 09:43 बजे
राहुकाल और वर्जित मुहूर्त
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राहुकाल: सुबह 08:07 से 09:32 बजे तक
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यमगंड काल: 10:57 से 12:23 बजे तक
इन कालखंडों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना शुभ रहेगा।
आज का नक्षत्र — मूल
आज चंद्रमा धनु राशि में और मूल नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। मूल नक्षत्र के देवता नैऋति (दक्षिण दिशा की अधिष्ठात्री शक्ति) और इसके स्वामी केतु हैं। यह नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, इसलिए विवाह, गृहप्रवेश या यात्रा जैसे कार्यों से बचें।
हालांकि, तांत्रिक साधना, पुराने निर्माण कार्यों को हटाना या कठिन निर्णय लेना इस नक्षत्र में अनुकूल रहता है।
स्कंद षष्ठी और मां ललिता की आराधना
आज मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की आराधना करने से बुद्धि, सौंदर्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। वहीं, भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की पूजा करने से शौर्य और आरोग्य की वृद्धि होती है।
सुबह सूर्योदय के बाद स्नान कर मां ललिता की लाल पुष्पों, अक्षत, धूप-दीप और शृंगार सामग्रियों से पूजा करें।
आज के दिन यदि संभव हो तो ललिता सहस्रनाम या त्रिपुरा स्तोत्र का पाठ करें। इससे जीवन में नकारात्मकता दूर होकर सौभाग्य की वृद्धि होती है।
