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पंचांग : कार्तिक अमावस्या आज, मंगलवार को टालें नई शुरुआत — करें मां काली और पितरों की आराधना
Dharm, Desk
आज 21 अक्टूबर, 2025 मंगलवार को कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि है। इसे अंधकार और आत्मनिरीक्षण का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता काली का शासन होता है। यही कारण है कि आज का दिन ध्यान, दान, पशु-भोजन और पूर्वजों की पूजा करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। वहीं, विवाह या कोई नई शुरुआत आज शुभ नहीं मानी जाती। ऐसी योजनाओं के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करना बेहतर होगा।
21 अक्टूबर 2025 का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष अमावस्या
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तिथि: अमावस्या
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दिन: मंगलवार
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योग: विष्कुंभ
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नक्षत्र: चित्रा
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करण: नाग
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चंद्र राशि: कन्या
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: 06:38 बजे
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सूर्यास्त: 18:09 बजे
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चंद्रास्त: 17:29 बजे
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चंद्रोदय: नहीं
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राहुकाल: 15:16 – 16:43
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यमगंड: 10:57 – 12:24
आज का शुभ और वर्जित समय
आज का चित्रा नक्षत्र कन्या राशि में 23:20° से लेकर तुला राशि में 6:40° तक फैला है। इस नक्षत्र के देवता विश्वकर्मा और स्वामी मंगल हैं। यह नक्षत्र सृजनात्मक कला, दोस्ती, यात्रा और प्रेम-संबंधों के लिए शुभ है।
वर्जित समय में राहुकाल (15:16 – 16:43), यमगंड, गुलिक और दुमुहूर्त शामिल हैं। इन समयों में कोई भी शुभ कार्य न करना चाहिए।
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आज कोई नई योजना, निवेश या विवाह न करें।
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ध्यान, दान, पूजा और समाजसेवा से विशेष लाभ मिलेगा।
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यात्रा, कला-कार्य या सामाजिक संबंध बनाने के लिए दिन सामान्य रूप से उपयुक्त है।
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पंचांग : कार्तिक अमावस्या आज, मंगलवार को टालें नई शुरुआत — करें मां काली और पितरों की आराधना
Dharm, Desk
आज 21 अक्टूबर, 2025 मंगलवार को कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि है। इसे अंधकार और आत्मनिरीक्षण का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता काली का शासन होता है। यही कारण है कि आज का दिन ध्यान, दान, पशु-भोजन और पूर्वजों की पूजा करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। वहीं, विवाह या कोई नई शुरुआत आज शुभ नहीं मानी जाती। ऐसी योजनाओं के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करना बेहतर होगा।
21 अक्टूबर 2025 का पंचांग
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विक्रम संवत: 2081
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मास: कार्तिक
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पक्ष: कृष्ण पक्ष अमावस्या
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तिथि: अमावस्या
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दिन: मंगलवार
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योग: विष्कुंभ
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नक्षत्र: चित्रा
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करण: नाग
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चंद्र राशि: कन्या
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सूर्य राशि: तुला
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सूर्योदय: 06:38 बजे
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सूर्यास्त: 18:09 बजे
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चंद्रास्त: 17:29 बजे
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चंद्रोदय: नहीं
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राहुकाल: 15:16 – 16:43
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यमगंड: 10:57 – 12:24
आज का शुभ और वर्जित समय
आज का चित्रा नक्षत्र कन्या राशि में 23:20° से लेकर तुला राशि में 6:40° तक फैला है। इस नक्षत्र के देवता विश्वकर्मा और स्वामी मंगल हैं। यह नक्षत्र सृजनात्मक कला, दोस्ती, यात्रा और प्रेम-संबंधों के लिए शुभ है।
वर्जित समय में राहुकाल (15:16 – 16:43), यमगंड, गुलिक और दुमुहूर्त शामिल हैं। इन समयों में कोई भी शुभ कार्य न करना चाहिए।
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आज कोई नई योजना, निवेश या विवाह न करें।
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ध्यान, दान, पूजा और समाजसेवा से विशेष लाभ मिलेगा।
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यात्रा, कला-कार्य या सामाजिक संबंध बनाने के लिए दिन सामान्य रूप से उपयुक्त है।
