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पंचांग: शनिवार को पौष पूर्णिमा व्रत, शुभ योग में पूजा-पाठ का विशेष महत्व
Dharm, Desk
आज शनिवार, 3 जनवरी 2026 को माघ माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पौष पूर्णिमा व्रत और शाकंभरी पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। इस तिथि पर माता लक्ष्मी, मां सरस्वती और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि शुभ कार्यों, आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक संकल्पों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिन किए गए दान, जप और पूजा से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
आज का पंचांग | 3 जनवरी 2026 (शनिवार)
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विक्रम संवत: 2082
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मास: माघ
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: पूर्णिमा
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वार: शनिवार
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योग: ब्रह्म
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नक्षत्र: आर्द्रा
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करण: बव
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: धनु
सूर्योदय–सूर्यास्त का समय
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सूर्योदय: सुबह 7:15 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:35 बजे
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चंद्रोदय: शाम 5:28 बजे
-
चंद्रास्त: नहीं होगा
आज का अशुभ समय
-
राहुकाल: सुबह 9:50 से 11:08 बजे
-
यमगंड: दोपहर 1:43 से 3:00 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में शुभ कार्य, पूजा या नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे।
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आर्द्रा नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता रुद्र हैं
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नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु माने जाते हैं
यह नक्षत्र संघर्ष, साहस और परिवर्तन से जुड़ा माना जाता है।
इस दौरान बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना, आत्मचिंतन और साधना लाभकारी मानी जाती है।
हालांकि यात्रा और खरीदारी के लिए यह नक्षत्र अनुकूल नहीं माना जाता।
पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा के दिन
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स्नान-दान
-
देवी पूजन
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अन्न और वस्त्र दान
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जप और ध्यान
करना विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
इस प्रकार 3 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मुहूर्त और शुभ योग में पूजा कर भक्तजन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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पंचांग: शनिवार को पौष पूर्णिमा व्रत, शुभ योग में पूजा-पाठ का विशेष महत्व
Dharm, Desk
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि शुभ कार्यों, आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक संकल्पों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिन किए गए दान, जप और पूजा से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
आज का पंचांग | 3 जनवरी 2026 (शनिवार)
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विक्रम संवत: 2082
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मास: माघ
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: पूर्णिमा
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वार: शनिवार
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योग: ब्रह्म
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नक्षत्र: आर्द्रा
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करण: बव
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: धनु
सूर्योदय–सूर्यास्त का समय
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सूर्योदय: सुबह 7:15 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:35 बजे
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चंद्रोदय: शाम 5:28 बजे
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चंद्रास्त: नहीं होगा
आज का अशुभ समय
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राहुकाल: सुबह 9:50 से 11:08 बजे
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यमगंड: दोपहर 1:43 से 3:00 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में शुभ कार्य, पूजा या नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे।
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आर्द्रा नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता रुद्र हैं
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नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु माने जाते हैं
यह नक्षत्र संघर्ष, साहस और परिवर्तन से जुड़ा माना जाता है।
इस दौरान बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना, आत्मचिंतन और साधना लाभकारी मानी जाती है।
हालांकि यात्रा और खरीदारी के लिए यह नक्षत्र अनुकूल नहीं माना जाता।
पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा के दिन
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स्नान-दान
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देवी पूजन
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अन्न और वस्त्र दान
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जप और ध्यान
करना विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
इस प्रकार 3 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मुहूर्त और शुभ योग में पूजा कर भक्तजन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
